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Jind News: महावीर गुड्डू को मिला पदमश्री, साध्वी मोक्षिता गईं अयोध्या तो ब्रह्मचारी बने सांसद
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30जेएनडी 17: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पदमश्री प्राप्त करते हुए लोक कलाकार महावीर गुड्डू।
महाबीर मित्तल
सफीदों। वर्ष 2024 सफीदों इलाके के लिए कई बड़ी उपलब्धियां लेकर आया। सफीदों निवासी प्रसिद्ध लोक कलाकार महावीर गुड्डू को इस बार पदमश्री से नवाजा गया। देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने अपने हाथों से राष्ट्रपति भवन में पदमश्री पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार प्राप्त करके महावीर गुड्डू का कहना था कि यह पुरस्कार उनकी 53 साल की कला के क्षेत्र में यात्रा का परिणाम है।
महावीर गुड्डू ने यह पुरस्कार समस्त हरियाणा व हरियाणवियों को समर्पित करते हुए कहा था कि पुरस्कार प्रदान करते वक्त राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें बधाई तो दी ही साथ ही साथ जब वह पुरस्कार लेकर लौट रहे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खड़े होकर बधाई दी और उनकी पीठ थपथपाई। महावीर गुड्डू कहते हैं कि पदम श्री पुरस्कार ने उन्हें जमीन से हाथी पर बैठा दिया है। गौरतलब है कि महावीर गुड्डू उपमंडल सफीदों के गांव गांगोली में एक सामान्य परिवार में जन्मे और शिक्षा-दीक्षा के बाद वह शिक्षा विभाग में प्राध्यापक बने।
1972 से उन्होंने हरियाणवीं कला के क्षेत्र में अपना पहला कदम रखा था, हालांकि उनका परिवार कला व संस्कृति के क्षेत्र में नहीं रहा है, लेकिन उन्होंने हरियाणवीं संस्कृति को अंगीकार करते हुए कलां के क्षेत्र में कदम रखा। धोती-कुर्ते, चिमटे, बीन, बांसुरी और शंख ने उन्हे एक विशेष पहचान दी। इससे पहले भी महावीर गुड्डू राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कई बड़े-बड़े पुरस्कारों से नवाजे जा चुके थे। महावीर गुड्डू कहते हैं कि बेशक उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड प्राप्त हो चुका है, लेकिन कला के क्षेत्र की यात्रा निरंतर जारी रखेंगे।
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इसी वर्ष सफीदों हलके को गांव गांगोली निवासी सतपाल ब्रह्मचारी के रूप में अपना लोकसभा सांसद मिला। गौरतलब है कि सफीदों विधानसभा सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इससे पहले अक्सर ऐसा होता आया था कि इस सीट से लोकसभा सांसद सोनीपत से ही होता था, लेकिन इस बार वह मिथक टूट गया। कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में सोनीपत लोकसभा सीट से सफीदों हलके के गांव गांगोली निवासी सतपाल ब्रह्मचारी को टिकट दे दिया और वह इस चुनाव में विजयी रहे। गौरतलब है कि हरियाणा के साथ-साथ उत्तराखंड की राजनीति में भी सतपाल ब्रह्मचारी बड़ा नाम रहे हैं। उत्तराखंड में सक्रिय राजनीति में दो दशक बिताने के बाद इन लोकसभा चुनावों में सतपाल ब्रह्मचारी गृह राज्य हरियाणा की राजनीति में लौटे थे और आते ही सफलता ने उनके कदमों को चूमा। ब्राह्मण समुदाय से संबंध रखने वाले सतपाल ब्रह्मचारी को राई विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे और ब्राह्मण जाति के ही बीजेपी के उम्मीदवार मोहनलाल बड़ौली के खिलाफ मैदान में उतारा गया था। सफीदों हलके के गांव गांगोली में जन्मे सतपाल ब्रह्मचारी वर्ष 2003 में हरिद्वार नगर निगम के मेयर बने थे। उन्होंने 2012 और 2022 में कांग्रेस के टिकट पर हरिद्वार से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। सतपाल ब्रह्मचारी गांव गांगोली के साथ-साथ हरिद्वार, पांडु पिंडारा (जींद) व खानसर चौक सफीदों में धर्मशालाओं और धार्मिक स्थलों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। सतपाल ब्रह्मचारी ने पहली बार में ही जीत हासिल करके सफीदों विधानसभा क्षेत्र का नाम देश की राजनीति में चमका दिया।
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सफीदों हलके के गांव सरनाखेड़ी स्थित भक्ति योग आश्रम के संचालक और आयुर्वेदाचार्य डाॅ. शंकरानंद सरस्वती की परम शिष्या साध्वी डाॅ. मोक्षिता को श्री अयोध्या धाम में धूमधाम से संपन्न हुए श्रीराम लला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने का मौका मिला। इस अद्भुत कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए उन्हे विश्व हिंदू परिषद केंद्रीय संगठन एवं संपर्क प्रमुख रासबिहारी ने निमंत्रण पत्र सौंपा था। साध्वी डाॅ. मोक्षिता ने बताती हैं कि उनके गुरु डाॅ. शंंकरानंद सरस्वती के परम आशीर्वाद और भगवान श्रीराम की कृपा से यह संभव हो पाया था। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस प्रकार से यह निमंत्रण प्राप्त होगा और इस होने वाले अलौलिक कार्यक्रम की गवाह बनेंगी। उन्होंने अयोध्या धाम में जाकर रामलला प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन व हर पल को अपनी आंखों से देखा और संजोया। आज भी वह पल उनकी आंखों में बसा हुआ है। साध्वी डाॅ. मोक्षिता उड़ीसा राज्य से ताल्लुक रखती है। वर्ष 2013 में डाॅ. शंकरानंद सरस्वती के सानिध्य में बतौर साधक घर-परिवार छोड़कर उपमंडल सफीदों के गांव सरनाखेड़ी स्थित भक्ति योग आश्रम में पहुंची थी। उसके उपरांत आध्यात्मिक शिक्षा-दीक्षा ग्रहण करके वर्ष 2020 के कुंभ में महज 19 वर्ष की आयु में पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के तहत पूर्ण सन्यास धारण कर लिया था। आध्यात्मिक जगत के साथ-साथ वे स्वास्थ्य जगत में भी नाम कमा रहीं है। वे प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से लोगों को आरोग्य प्रदान करने का कार्य कर रही हैं।
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सफीदों। वर्ष 2024 सफीदों इलाके के लिए कई बड़ी उपलब्धियां लेकर आया। सफीदों निवासी प्रसिद्ध लोक कलाकार महावीर गुड्डू को इस बार पदमश्री से नवाजा गया। देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने अपने हाथों से राष्ट्रपति भवन में पदमश्री पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार प्राप्त करके महावीर गुड्डू का कहना था कि यह पुरस्कार उनकी 53 साल की कला के क्षेत्र में यात्रा का परिणाम है।
महावीर गुड्डू ने यह पुरस्कार समस्त हरियाणा व हरियाणवियों को समर्पित करते हुए कहा था कि पुरस्कार प्रदान करते वक्त राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें बधाई तो दी ही साथ ही साथ जब वह पुरस्कार लेकर लौट रहे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खड़े होकर बधाई दी और उनकी पीठ थपथपाई। महावीर गुड्डू कहते हैं कि पदम श्री पुरस्कार ने उन्हें जमीन से हाथी पर बैठा दिया है। गौरतलब है कि महावीर गुड्डू उपमंडल सफीदों के गांव गांगोली में एक सामान्य परिवार में जन्मे और शिक्षा-दीक्षा के बाद वह शिक्षा विभाग में प्राध्यापक बने।
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1972 से उन्होंने हरियाणवीं कला के क्षेत्र में अपना पहला कदम रखा था, हालांकि उनका परिवार कला व संस्कृति के क्षेत्र में नहीं रहा है, लेकिन उन्होंने हरियाणवीं संस्कृति को अंगीकार करते हुए कलां के क्षेत्र में कदम रखा। धोती-कुर्ते, चिमटे, बीन, बांसुरी और शंख ने उन्हे एक विशेष पहचान दी। इससे पहले भी महावीर गुड्डू राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कई बड़े-बड़े पुरस्कारों से नवाजे जा चुके थे। महावीर गुड्डू कहते हैं कि बेशक उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड प्राप्त हो चुका है, लेकिन कला के क्षेत्र की यात्रा निरंतर जारी रखेंगे।
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इसी वर्ष सफीदों हलके को गांव गांगोली निवासी सतपाल ब्रह्मचारी के रूप में अपना लोकसभा सांसद मिला। गौरतलब है कि सफीदों विधानसभा सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इससे पहले अक्सर ऐसा होता आया था कि इस सीट से लोकसभा सांसद सोनीपत से ही होता था, लेकिन इस बार वह मिथक टूट गया। कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में सोनीपत लोकसभा सीट से सफीदों हलके के गांव गांगोली निवासी सतपाल ब्रह्मचारी को टिकट दे दिया और वह इस चुनाव में विजयी रहे। गौरतलब है कि हरियाणा के साथ-साथ उत्तराखंड की राजनीति में भी सतपाल ब्रह्मचारी बड़ा नाम रहे हैं। उत्तराखंड में सक्रिय राजनीति में दो दशक बिताने के बाद इन लोकसभा चुनावों में सतपाल ब्रह्मचारी गृह राज्य हरियाणा की राजनीति में लौटे थे और आते ही सफलता ने उनके कदमों को चूमा। ब्राह्मण समुदाय से संबंध रखने वाले सतपाल ब्रह्मचारी को राई विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे और ब्राह्मण जाति के ही बीजेपी के उम्मीदवार मोहनलाल बड़ौली के खिलाफ मैदान में उतारा गया था। सफीदों हलके के गांव गांगोली में जन्मे सतपाल ब्रह्मचारी वर्ष 2003 में हरिद्वार नगर निगम के मेयर बने थे। उन्होंने 2012 और 2022 में कांग्रेस के टिकट पर हरिद्वार से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। सतपाल ब्रह्मचारी गांव गांगोली के साथ-साथ हरिद्वार, पांडु पिंडारा (जींद) व खानसर चौक सफीदों में धर्मशालाओं और धार्मिक स्थलों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। सतपाल ब्रह्मचारी ने पहली बार में ही जीत हासिल करके सफीदों विधानसभा क्षेत्र का नाम देश की राजनीति में चमका दिया।
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सफीदों हलके के गांव सरनाखेड़ी स्थित भक्ति योग आश्रम के संचालक और आयुर्वेदाचार्य डाॅ. शंकरानंद सरस्वती की परम शिष्या साध्वी डाॅ. मोक्षिता को श्री अयोध्या धाम में धूमधाम से संपन्न हुए श्रीराम लला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने का मौका मिला। इस अद्भुत कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए उन्हे विश्व हिंदू परिषद केंद्रीय संगठन एवं संपर्क प्रमुख रासबिहारी ने निमंत्रण पत्र सौंपा था। साध्वी डाॅ. मोक्षिता ने बताती हैं कि उनके गुरु डाॅ. शंंकरानंद सरस्वती के परम आशीर्वाद और भगवान श्रीराम की कृपा से यह संभव हो पाया था। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस प्रकार से यह निमंत्रण प्राप्त होगा और इस होने वाले अलौलिक कार्यक्रम की गवाह बनेंगी। उन्होंने अयोध्या धाम में जाकर रामलला प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन व हर पल को अपनी आंखों से देखा और संजोया। आज भी वह पल उनकी आंखों में बसा हुआ है। साध्वी डाॅ. मोक्षिता उड़ीसा राज्य से ताल्लुक रखती है। वर्ष 2013 में डाॅ. शंकरानंद सरस्वती के सानिध्य में बतौर साधक घर-परिवार छोड़कर उपमंडल सफीदों के गांव सरनाखेड़ी स्थित भक्ति योग आश्रम में पहुंची थी। उसके उपरांत आध्यात्मिक शिक्षा-दीक्षा ग्रहण करके वर्ष 2020 के कुंभ में महज 19 वर्ष की आयु में पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के तहत पूर्ण सन्यास धारण कर लिया था। आध्यात्मिक जगत के साथ-साथ वे स्वास्थ्य जगत में भी नाम कमा रहीं है। वे प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से लोगों को आरोग्य प्रदान करने का कार्य कर रही हैं।

30जेएनडी 17: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पदमश्री प्राप्त करते हुए लोक कलाकार महावीर गुड्डू।

30जेएनडी 17: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पदमश्री प्राप्त करते हुए लोक कलाकार महावीर गुड्डू।