{"_id":"68e55615d9fc12fd2b0cb738","slug":"maharishi-valmiki-was-a-knower-of-vedas-and-a-brahma-gyani-devendra-atri-jind-news-c-199-1-jnd1010-142152-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"महर्षि वाल्मीकि वेदों के ज्ञाता और ब्रह्म ज्ञानी थे : देवेंद्र अत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महर्षि वाल्मीकि वेदों के ज्ञाता और ब्रह्म ज्ञानी थे : देवेंद्र अत्री
Tue, 07 Oct 2025 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 07 Oct 2025 11:34 PM IST
विज्ञापन
07जेएनडी25 : विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री को भगवान वाल्मीकि की फोटो भेंट कर स्वागत करते हुए। सं
उचाना। महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में कसूहन, वाल्मीकि मंदिर उचाना मंडी, पालवां, भौंसला, पालवां में वाल्मीकि भवन और छात्रावास पालवां, काकड़ोद, उचाना खुर्द में आयोजित कार्यक्रमों में विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री पहुंचे। यहां पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। विधायक ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि वेदों के ज्ञाता और ब्रह्म ज्ञानी थे।
उन्होंने मानवता को शोषितों और पीड़ितों के प्रति करुणा, दया भाव रखने, त्याग करने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने महाकाव्य रामायण की रचना की जो हमें धर्म और कर्तव्य का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने युवाओं को आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा और खेलों जैसे अनेक क्षेत्रों में भाग लेकर अपने क्षेत्र और देश का नाम रोशन करें।
अत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने समाज को समानता, समरसता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनकी अमर कृति रामायण जीवन का आलोक है जो हर युग में मर्यादा, भक्ति, त्याग और धर्म के पथ को प्रकाशित करती है। शबरी की भक्ति, गिलहरी का योगदान और केवट की निष्ठा जैसे प्रसंग हमें यह सीख देते हैं कि समाज का प्रत्येक वर्ग सम्मान और सहभागिता का अधिकारी है।
विज्ञापन
कांवड़ यात्रा से लेकर रामलीला, दुर्गा पूजा और अब वाल्मीकि जयंती तक हर आयोजन को हम भव्यता, श्रद्धा और समर्पण के साथ मना रहे हैं। विधायक द्वारा उचाना मंडी में वाल्मीकि मंदिर प्रांगण में लाइब्रेरी निर्माण को लेकर दस लाख रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की। इस मौके पर योजना बोर्ड के पूर्व सदस्य डॉ. जिले सिंह राणा, मनोनित पार्षद नरेश सौंगरी, कुश, शिवा, शुभम, लखमी, सुभाष मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने मानवता को शोषितों और पीड़ितों के प्रति करुणा, दया भाव रखने, त्याग करने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने महाकाव्य रामायण की रचना की जो हमें धर्म और कर्तव्य का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने युवाओं को आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा और खेलों जैसे अनेक क्षेत्रों में भाग लेकर अपने क्षेत्र और देश का नाम रोशन करें।
विज्ञापन
अत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने समाज को समानता, समरसता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनकी अमर कृति रामायण जीवन का आलोक है जो हर युग में मर्यादा, भक्ति, त्याग और धर्म के पथ को प्रकाशित करती है। शबरी की भक्ति, गिलहरी का योगदान और केवट की निष्ठा जैसे प्रसंग हमें यह सीख देते हैं कि समाज का प्रत्येक वर्ग सम्मान और सहभागिता का अधिकारी है।
विज्ञापन
कांवड़ यात्रा से लेकर रामलीला, दुर्गा पूजा और अब वाल्मीकि जयंती तक हर आयोजन को हम भव्यता, श्रद्धा और समर्पण के साथ मना रहे हैं। विधायक द्वारा उचाना मंडी में वाल्मीकि मंदिर प्रांगण में लाइब्रेरी निर्माण को लेकर दस लाख रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की। इस मौके पर योजना बोर्ड के पूर्व सदस्य डॉ. जिले सिंह राणा, मनोनित पार्षद नरेश सौंगरी, कुश, शिवा, शुभम, लखमी, सुभाष मौजूद रहे।