फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Literacy test on 28th, more than 7 thousand candidates of the district will give it

Jind News: साक्षरता परीक्षा 28 को, जिले के 7 हजार से अधिक अभ्यर्थी देंगे

Sun, 21 Sep 2025 10:25 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 21 Sep 2025 10:25 PM IST
विज्ञापन
Literacy test on 28th, more than 7 thousand candidates of the district will give it
योजना के तहत लिखना सिखाते। संवाद
रेवाड़ी। जिले में उल्लास योजना के तहत 7 हजार से अधिक अभ्यर्थी 28 सितंबर को साक्षरता परीक्षा देंगे। यह परीक्षा उन लोगों के लिए आयोजित की जा रही है जिन्हें हाल ही में बुनियादी पढ़ना-लिखना सिखाया गया है। शिक्षा विभाग के मुताबिक, यह पहल 2027 तक जिले को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम है।
विज्ञापन

वर्तमान में जिले की साक्षरता दर 96.94 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का मूल्यांकन सरल भाषा और व्यावहारिक प्रश्नों के माध्यम से किया जाएगा।
विज्ञापन

2011 की जनगणना में जिले के करीब 67 हजार 413 लोग निरक्षर पाए गए थे। लगातार चलाए गए अभियानों के चलते बीते 14 सालों में इनमें से लगभग 34 हजार लोग साक्षर हो चुके हैं हालांकि अभी भी करीब 33 हजार लोग निरक्षर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा विभाग ने चालू सत्र 2025-26 के लिए 25 हजार 515 लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य तय किया है। लक्ष्य पूरा होने के बाद जिले में केवल कुछ हजार ही निरक्षर बचेंगे जिन्हें अगले एक से दो वर्षों में साक्षर कर दिया जाएगा।
मिशन को सफल बनाने के लिए जिले में 331 स्कूलों में उल्लास सेंटर संचालित किए जा रहे हैं जहां निरक्षरों को पढ़ाया जा रहा है। विभाग का कहना है कि सतत मॉनिटरिंग के जरिए 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का संकल्प पूरा किया जाएगा।

अधिक आयु के लोगों को सशक्त बनाना उद्देश्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने 2022 से पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम के तहत उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की थी। योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी लोगों को सशक्त बनाना है जो किसी कारणवश शिक्षित नहीं हो सके। ऐसे लोगों को शिक्षित करने का अवसर दिया जा रहा है




-------------

वर्जन



उल्लास योजना के तहत जिले में 28 सितंबर को 7 हजार निरक्षर लोगों की साक्षरता परीक्षा होगी। शिक्षा विभाग ने 2027 तक जिले को पूरी तरह 100 प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

-मनदीप कुमार, जिला उल्लास कोऑर्डिनेटर, रेवाड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed