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Jind News: हल्की बारिश और बूंदाबांदी से मिली राहत
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फोटो 13जेएनडी13-रविवार दोपहर को शहर में हो रही बूंदाबांदी। संवाद
जींद। शहर और आसपास के क्षेत्र में रविवार को हुई हल्की बारिश और बूंदाबांदी से मौसम सुहाना हो गया। बारिश के साथ चली ठंडी हवा से लोगों को पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
रविवार सुबह दिन की शुरुआत साफ मौसम के साथ हुई। दिन चढ़ने के साथ आसमान में बादल घिरने लगे और कुछ समय बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। हालांकि बारिश और बूंदाबांदी ज्यादा देर तक नहीं हुई। मौसम में बदलाव के साथ अधिकतम तापमान में भी एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि हल्की बारिश से किसानों को बड़ी राहत नहीं मिली है। धान उत्पादक किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस समय अगर अच्छी बारिश हो जाती है तो धान की फसल के लिए यह सोने पर सुहागा साबित होगी।
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अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति करीब 13 किलोमीटर प्रतिघंटा रही, जबकि मौसम में आर्द्रता 64 प्रतिशत दर्ज की गई। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने के कारण बारिश की उम्मीद बनी रही।
किसान अमर सिंह, दुर्गा दत्त, जयपाल, मंगल सिंह का कहना है कि जिस समय फसलों को बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उस दौरान पर्याप्त बारिश नहीं हुई। अब फसल पकने की ओर बढ़ रही है, इसलिए बारिश का लाभ सीमित समय तक ही मिल पाएगा। इसके बावजूद इस समय अच्छी बारिश होती है तो धान की फसल को काफी फायदा होगा।
औसत से आधी से भी कम बारिश
मानसून सीजन में जिले में औसतन करीब 353.3 एमएम बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक करीब 153 एमएम बारिश ही हुई है। यानी जिले में सामान्य के मुकाबले बारिश काफी कम हुई है। इसका असर फसलों पर भी दिखाई दे रहा है। इस समय धान और बाजरा की फसल में बालियां निकलने के साथ दाना बनने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं कपास की फसल में टिंडे बन रहे हैं। फसलों को इस समय पर्याप्त नमी की जरूरत है।
वर्जन
मानसून की सक्रियता के चलते मौसम में बदलाव आया है। आगामी दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। -डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडू-पिंडारा जींद
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रविवार सुबह दिन की शुरुआत साफ मौसम के साथ हुई। दिन चढ़ने के साथ आसमान में बादल घिरने लगे और कुछ समय बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। हालांकि बारिश और बूंदाबांदी ज्यादा देर तक नहीं हुई। मौसम में बदलाव के साथ अधिकतम तापमान में भी एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
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हालांकि हल्की बारिश से किसानों को बड़ी राहत नहीं मिली है। धान उत्पादक किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस समय अगर अच्छी बारिश हो जाती है तो धान की फसल के लिए यह सोने पर सुहागा साबित होगी।
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अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति करीब 13 किलोमीटर प्रतिघंटा रही, जबकि मौसम में आर्द्रता 64 प्रतिशत दर्ज की गई। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने के कारण बारिश की उम्मीद बनी रही।
किसान अमर सिंह, दुर्गा दत्त, जयपाल, मंगल सिंह का कहना है कि जिस समय फसलों को बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उस दौरान पर्याप्त बारिश नहीं हुई। अब फसल पकने की ओर बढ़ रही है, इसलिए बारिश का लाभ सीमित समय तक ही मिल पाएगा। इसके बावजूद इस समय अच्छी बारिश होती है तो धान की फसल को काफी फायदा होगा।
औसत से आधी से भी कम बारिश
मानसून सीजन में जिले में औसतन करीब 353.3 एमएम बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक करीब 153 एमएम बारिश ही हुई है। यानी जिले में सामान्य के मुकाबले बारिश काफी कम हुई है। इसका असर फसलों पर भी दिखाई दे रहा है। इस समय धान और बाजरा की फसल में बालियां निकलने के साथ दाना बनने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं कपास की फसल में टिंडे बन रहे हैं। फसलों को इस समय पर्याप्त नमी की जरूरत है।
वर्जन
मानसून की सक्रियता के चलते मौसम में बदलाव आया है। आगामी दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। -डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडू-पिंडारा जींद