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पीआर धान की खरीद शुरू करवाने के लिए डीएफएससी को लिखा पत्र
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जींद। जिले की चार मंडियों में पीआर धान खरीद का काम मंगलवार को बंद किया गया था, लेकिन बंद की गई मंडियों में ज्यादा धान की आवक होने के कारण जींद व जुलाना मंडी सचिव ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक वरिंद्र सिंह को पत्र लिखकर दोबारा से धान खरीद का कार्य शुरू करवाने की मांग की है।
जिले की जींद व जुलाना की मंडियों में अब तक पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा धान की आवक हो चुकी है। इसमें जींद में डेढ़ गुणा तो जुलाना में तीन गुणा पीआर धान की आवक हुई है। इसके चलते मंडी में अब भी पीआर धान लगातार आने के कारण व किसानों की परेशानी को देखते हुए जींद मार्केट कमेटी सचिव संजीव कुमार ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को पत्र लिखकर दोबारा से पीआर धान की खरीद के कार्य को शुरू करवाने की मांग की है। हालांकि जींद, जुलाना व धनौरी में पीआर धान की खरीद बंद हुई थी। अब धनौरी व बरटा की मंडियों की तरफ से खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को फिलहाल खरीद शुरू करवाने के लिए पत्र नहीं भेजा गया। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से उन मंडियों को बंद करवाने के लिए पत्र लिखा गया था। जहां पर खरीद कार्य लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन सरकार ने बड़ी मंडियों को बंद कर दिया। जिनमें लगातार पीआर धान की आवक हो रही है।
कोट
जींद व जुलाना की मंडी में पीआर धान की खरीद शुरू करवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिख दिया है। मुख्यालय की तरफ से मंजूरी मिलते ही इन मंडियों में धान खरीद के कार्य को शुरू करवा दिया जाएगा।
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--वरिंद्र सिंह जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जींद।
------
बीते साल से 55 प्रतिशत अधिक मंडी में आया पीआर धान
उचाना। मंडी में इस बार बीते साल से 55 प्रतिशत अधिक पीआर धान खरीदा गया है। मार्केट कमेटी में दर्ज आंकड़ों के अनुसार एक लाख 21 हजार 817 क्विंटल पीआर धान की खरीद मंगलवार शाम तक हो चुकी है। इस साल बीते साल के मुकाबले 43 हजार 308 क्विंटल अधिक पीआर धान की खरीद हुई है। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने कहा कि इस साल बीते साल की अपेक्षा 55 प्रतिशत अधिक पीआर धान खरीदा गया है। किसान व आढ़ती को किसी तरह की परेशानी खरीद में नहीं आने दी गई। सूखी व बिना नमी वाली पीआर को मंडी में आते ही खरीदा गया। यहां पर एफसीआई द्वारा सभी खरीद के दिन खरीद की जा रही है।
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जिले की जींद व जुलाना की मंडियों में अब तक पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा धान की आवक हो चुकी है। इसमें जींद में डेढ़ गुणा तो जुलाना में तीन गुणा पीआर धान की आवक हुई है। इसके चलते मंडी में अब भी पीआर धान लगातार आने के कारण व किसानों की परेशानी को देखते हुए जींद मार्केट कमेटी सचिव संजीव कुमार ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को पत्र लिखकर दोबारा से पीआर धान की खरीद के कार्य को शुरू करवाने की मांग की है। हालांकि जींद, जुलाना व धनौरी में पीआर धान की खरीद बंद हुई थी। अब धनौरी व बरटा की मंडियों की तरफ से खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को फिलहाल खरीद शुरू करवाने के लिए पत्र नहीं भेजा गया। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से उन मंडियों को बंद करवाने के लिए पत्र लिखा गया था। जहां पर खरीद कार्य लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन सरकार ने बड़ी मंडियों को बंद कर दिया। जिनमें लगातार पीआर धान की आवक हो रही है।
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जींद व जुलाना की मंडी में पीआर धान की खरीद शुरू करवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिख दिया है। मुख्यालय की तरफ से मंजूरी मिलते ही इन मंडियों में धान खरीद के कार्य को शुरू करवा दिया जाएगा।
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--वरिंद्र सिंह जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जींद।
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बीते साल से 55 प्रतिशत अधिक मंडी में आया पीआर धान
उचाना। मंडी में इस बार बीते साल से 55 प्रतिशत अधिक पीआर धान खरीदा गया है। मार्केट कमेटी में दर्ज आंकड़ों के अनुसार एक लाख 21 हजार 817 क्विंटल पीआर धान की खरीद मंगलवार शाम तक हो चुकी है। इस साल बीते साल के मुकाबले 43 हजार 308 क्विंटल अधिक पीआर धान की खरीद हुई है। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने कहा कि इस साल बीते साल की अपेक्षा 55 प्रतिशत अधिक पीआर धान खरीदा गया है। किसान व आढ़ती को किसी तरह की परेशानी खरीद में नहीं आने दी गई। सूखी व बिना नमी वाली पीआर को मंडी में आते ही खरीदा गया। यहां पर एफसीआई द्वारा सभी खरीद के दिन खरीद की जा रही है।