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Jind News: आईएमटी परियोजना के लिए नए सिरे से किसानों की सहमति से होगा जमीन का पंजीकरण
Sat, 04 Oct 2025 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 04 Oct 2025 12:24 AM IST
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जींद। हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के अधिकारियों की बैठक में शुक्रवार को डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने आईएमटी परियोजना के लिए नए सिरे से किसानों की सहमति से ई-भूमि पोर्टल पर जमीन का पंजीकरण होगा। इस प्रक्रिया में प्रशासन की सक्रिय भागीदारी होगी।
किसानों की इच्छा से उनकी जमीन के पोर्टल पर आवेदन लिए जाएंगे। इतना ही नहीं किसान पोर्टल पर अपनी जमीन की कीमत का ब्योरा भी दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों द्वारा इसको लेकर अफवाएं फैलाई जा रही है। कोई भी किसान और जमीन मालिक किसी के बहकावे में न आए।
डीसी ने एचएसआईआईडीसी से कहा कि किसानों की सहमति से जमीन ई-भूमि पोर्टल पर पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करें। सरकार किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करके इस परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
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पूर्व में लिए गए पंजीकरणों को वापस लिया जाएगा और नए सिरे से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित गांवों के किसानों व जमीन मालिकों के साथ बैठक आयोजित करके उनके संशय को दूर किया जाएगा ताकि किसानों को सही जानकारी प्राप्त हो सके।
भूमि पंजीकरण की प्रक्रिया भूमि मालिक की सहमति से की जाएगी। बिना सहमति के कोई पंजीकरण नही होगा। आईएमटी परियोजना की स्थापना पारदर्शी, न्यायसंगत और किसान हितैषी तरीके से की जाएगी।
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किसानों की इच्छा से उनकी जमीन के पोर्टल पर आवेदन लिए जाएंगे। इतना ही नहीं किसान पोर्टल पर अपनी जमीन की कीमत का ब्योरा भी दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों द्वारा इसको लेकर अफवाएं फैलाई जा रही है। कोई भी किसान और जमीन मालिक किसी के बहकावे में न आए।
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डीसी ने एचएसआईआईडीसी से कहा कि किसानों की सहमति से जमीन ई-भूमि पोर्टल पर पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करें। सरकार किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करके इस परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
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पूर्व में लिए गए पंजीकरणों को वापस लिया जाएगा और नए सिरे से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित गांवों के किसानों व जमीन मालिकों के साथ बैठक आयोजित करके उनके संशय को दूर किया जाएगा ताकि किसानों को सही जानकारी प्राप्त हो सके।
भूमि पंजीकरण की प्रक्रिया भूमि मालिक की सहमति से की जाएगी। बिना सहमति के कोई पंजीकरण नही होगा। आईएमटी परियोजना की स्थापना पारदर्शी, न्यायसंगत और किसान हितैषी तरीके से की जाएगी।