फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Kisan agitation: sought support from people with folded hands on Khatkad toll, Horn played for a minute to awaken the government

किसान आंदोलन: खटकड़ टोल पर हाथ जोड़ लोगों से मांगा समर्थन, सरकार को जगाने के लिए एक मिनट बजाया हॉर्न

Sat, 06 Feb 2021 10:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2021 10:30 PM IST
विज्ञापन
Kisan agitation: sought support from people with folded hands on Khatkad toll, Horn played for a minute to awaken the government
कंडेला गांव में सड़क के बीच हुक्का गुडग़ुड़ाते लोग। संवाद - फोटो : Jind
जींद। कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिले में चक्का जाम का व्यापक असर दिखा। सभी मुख्य मार्गों पर किसानों ने धरना देकर या अवरोध लगाकर रोड जाम किया। इस दौरान सभी जगह सरकार के काम खोलने के लिए एक मिनट तक हॉर्न बजाया गया, जबकि ध्यान आकर्षित करने के लिए वाहनों की लाइट जलाई गई। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक जिले के सभी नेशनल व स्टेट हाईवे बाधित किए गए। खटकड़ टोल पर किसानों ने हाथ जोड़ कर आने-जाने वालों से किसान आंदोलन के लिए समर्थन मांगा। किसानों ने कहा कि यह सिर्फ किसानों की नहीं, देश के हर वर्ग की लड़ाई है। वहीं, रोडवेज ने एहतियातन तीन घंटे तक बस सेवाएं बंद रखी और लंबे रूटों पर बसों का परिचालन नहीं किया।
विज्ञापन

गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने दोपहर 12 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक चक्का जाम करने का आह्वान किया था। इसके चलते कई जगह 11 बजे ही जाम लगने शुरू हो गए। 12 तक जिले के सभी मुख्य मार्ग बंद हो गए। खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के पास जिले में 55 जगह सड़क जाम होने की सूचना आई है। हालांकि कहीं भी जाम खुलवाने का प्रयास नहीं हुआ, लेकिन पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।
विज्ञापन

स्कूल बस व एंबुलेंस के लिए खुला रखा रास्ता
सभी जगह किसानों ने स्कूल बस व एंबुलेंस के लिए रास्ता खुला रहा। इसके अलावा पंजाब से दिल्ली जाने वाले व वापस आने वाले किसानों के ट्रैक्टर को भी बेरोकटोक निकाला गया। जैसे ही किसानों के ट्रैक्टर आते, किसान आंदोलन के समर्थन में दोनों तरफ से नारों का खूब आदान प्रदान हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह मुख्य मार्ग रहे बाधित : खटकड़ टोल, बद्दोवाल टोल, बड़ौदा, जामीन चौक, निडाना, लुदाना, भिड़ताना, उझाना, मोहनखेड़ा, धमतान साहिब, कालवन, जींद में सफीदों बाईपास, निर्जन, किलाजफरगढ़, जुलाना, गोसांई खेड़ा, खानसर चौक सफीदों, सफीदों में जींद बाईपास, बुढ़ाखेड़ा, कंडेला, रामराये, बराह खुर्द जैसे मुख्य स्थान शामिल हैं।
आज होने वाला पैदल मार्च स्थगित : सतबीर पहलवान ने कहा कि सात फरवरी को खटकड़ टोल से टीकरी बॉर्डर तक होने वाले पैदल मार्च को स्थगित कर दिया गया है। इस दिन किसान नेता राकेश टिकैत व गुरनाम चढूनी सहित अन्य किसान नेता चरखी दादरी सहित अन्य जगह पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगे। ऐसे में सात फरवरी के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है।
कंडेला में जींद-चंडीगढ़ हाईवे पर लोगों ने गुड़गुड़ाया हुक्का
गांव कंडेला के लोगों ने जींद-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक हुक्का गुड़गुड़ाया। सर्वजातीय सर्वखाप के संयोजक एवं कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने कहा कि गांव में शांतिपूर्ण तरीके से जाम लगाया गया। तीन घंटे तक पूर्णरूप से सड़क जाम की गई। इसमें न कोई पेड़ काटा गया और न ही कोई अवरोधक डाला गया। गांव के लोगों ने कुर्सियां डालकर सड़क के बीच में बैठकर हुक्का गुड़गुड़ाते हुए आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कानून रद्द नहीं हो जाते, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
उचाना : खटकड़ से लेकर डूमरखां तक हाईवे पर पांच जगह लगाया जाम
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दोपहर 12 बजे से लेकर तीन बजे तक नेशलन हाईवे बंद किया गया। जाम के कारण वाहन चालक लिंक मार्गों से होकर गुजरे। हाईवे पर दो पहिया वाहन चालकों को भी नहीं निकलने दिया जा रहा था। भाकियू का झंडा लगनी गाड़ियों व ट्रैक्टरों को जाम लगाने वाले निकाल रहे थे। किसानों ने कहा कि वह मजबूरी में जाम कर रहे हैं क्योंकि जो तीन कृषि कानून सरकार लेकर आई है वह किसान विरोधी हैं। किसान नेता आजाद पालवां व सतबीर पहलवान ने कहा कि पूरे देश में तीन घंटे तक हाईव को जाम किया।
अलेवा : नगूरां-अलेवा में पांच जगहों पर किसानों ने जाम लगाया। जींद-कैथल रोड पर नगूरां गांव में दो जगहों के अलावा चुहड़पुर व पेगां गांव में जाम लगाया, वहीं जींद-असंध मार्ग पर अलेवा के मुख्य बस स्टैंड व हसनपुर गांव में किसानों ने दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक जाम लगाया। किसानों ने बरात और एबुंलेस के लिए रास्ता खुला रखा।
जुलाना : जेल में बंद लोगों को किया जाए रिहा
क्षेत्र में पड़ाना, जुलाना, गतौली, ब्राह्मणवास, हथवाला मोड़ पर किसानों ने शनिवार को दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक जाम लगाए। जुलाना में बारहा खाप के प्रधान राजमल जेई और नंदगढ़ बारहा खाप के प्रधान होशियार सिंह दलाल ने किसानों की अगुवाई की। राजमल जेई ने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांगों को नहीं मानती, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेता नरेश ढांडा व विक्रम मलिक ने कहा कि सरकार ने दिल्ली में किसानों पर झूठे मामले दर्ज किए हैं। सरकार को चाहिए कि किसानों की मांगों को मानते हुए मुकदमे वापस लेकर जेल में बंद लोगों को रिहा करे।
पिल्लूखेड़ा : पिल्लूखेड़ा मंडी की तरफ जाने वाले जामनी मुख्य चौराहे पर किसानों ने जाम लगाया। जींद-सफीदों मार्ग पर लगे जाम के कारण वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसान नेता राकेश कुमार ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह लोग आंदोलन जारी रखेंगे। इसके लिए चाहे उन्हें अपने प्राणों की आहुति देनी पड़े।
सफीदों : सफीदों में जींद बाईपास रोड पर पुलिस की ओर से रखे गए बैरिकेड को ही युवाओं ने ढाल बनाकर जाम लगा दिया। वहीं रत्ताखेड़ा गांव के किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सफीदों के खानसर चौक व गांव बुढ़ाखेड़ा में किसानों ने चक्का जाम रखा और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। इस दौरान डीएसपी धर्मवीर खर्ब पुलिस टीम और दमकल विभाग के कर्मचारी सतर्क रहे। मजदूर नेता राधेश्याम, कांग्रेस नेता नरेश जांगड़ा, इनेलो नेता लखविंदर चहल, यशपाल रेढू यहां मौजूद रहे।
नरवाना : बद्दोवाल टोल पर क्रमिक अनशन जारी
नरवाना क्षेत्र में किसानों का चक्का जाम असरदार और शांतिपूर्ण रहा। किसानों ने सात जगहों पर अवरोधक डालकर राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम किया। वहीं बद्दोवाल टोल पर किसानों का धरना जारी रहा। इस दौरान टोल पर रागिनियों और भाषणों का दौर चला। हाईवे के दोनों तरफ बैरिकेड्स डालकर 12 बजे ही रास्ते को बंद कर दिया गया। इस दौरान पांच किसान क्रमिक अनशन पर बैठे। किसान नेता होशियार सिंह, बलवीर सिंह, सुनील बद्दोवाल, सत्यवान दनौदा, रामभज उझाना ने कहा कि सरकार को किसानों की बात माननी पड़ेगी।
हथो, शीशर, बिधराना व सिंगवाल के किसानों ने हथो गांव के पास कैथल राजमार्ग पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। दिल्ली-पटियाला हाईवेे पर उझाना व गढ़ी गांव के बीच में किसानों ने धरना देकर चक्का जाम किया। उझाना व गढ़ी के बीच किसानों ने सरकार का पूतला फूंका। नरवाना-टोहाना रोड पर किसानों ने धमतान व कालवन में सड़क मार्ग को पूर्ण रूप से बंद रखा। दिल्ली-पटियाला मार्ग पर मोहलखेड़ा व बेलरखां गांव के किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज बुलंद की। बेलरखां गांव के पास सड़क पर झाड़ियां डालकर जाम किया।

किसानों ने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर संसद में कहते हैं कि कानूनों में काला क्या है। हम बताना चाहते हैं कि देश के किसानों के खिलाफ साजिश रच कर कृषि कानूनों को लाया गया है। कृषि कानून किसानों के हित में नहीं है और यह कानून पूंजीपतियों के हक में पास करवाए गए हैं।

बद्दोवाल टोल पर क्रमिक अनशन पर मौजूद किसान। संवाद

बद्दोवाल टोल पर क्रमिक अनशन पर मौजूद किसान। संवाद- फोटो : Jind

गतौली गांव में लगे जाम से एंबुलेंस को निकालते किसान।

गतौली गांव में लगे जाम से एंबुलेंस को निकालते किसान। - फोटो : Jind

 खटकड़ टोल पर हाईवे पर दिए गए धरने पर उमड़ी महिलाओं की भीड़।

खटकड़ टोल पर हाईवे पर दिए गए धरने पर उमड़ी महिलाओं की भीड़।- फोटो : Jind

 खटकड़ टोल पर हाथ जोड़कर लोगों से समर्थन मांगते किसान नेता।

खटकड़ टोल पर हाथ जोड़कर लोगों से समर्थन मांगते किसान नेता।- फोटो : Jind

खरकभूरा के चौक पर हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े कर रोका गया रास्ता।

खरकभूरा के चौक पर हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े कर रोका गया रास्ता। - फोटो : Jind

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed