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Jind News: मां जयंती के दरबार में 23 को होगा कन्या महापूजन
Sun, 18 Feb 2024 11:06 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 18 Feb 2024 11:06 PM IST
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जींद। गुप्त नवरात्र में 37 साल पहले नौ कन्याओं से जो पूजन शुरू हुआ था वह अब हजारों की तादाद में पहुंच गया है। जींद के महाभारत कालीन जयंती देवी मंदिर में देश-प्रदेश से श्रद्धालु कन्या पूजन के महासमागम में पहुंचकर अपनी अर्जी लगाते हैं। पिछले वर्ष जहां 11 हजार कन्याओं का पूजन हुआ था, वहीं इस वर्ष भी उतनी ही कन्याओं के पूजन का संकल्प लिया गया है। इस कार्यक्रम की व्यवस्था में जुटे श्रद्धालुओं ने मां जयंती के दरबार में 23 फरवरी को करीब 13 हजार कन्याओं का पहुंचना लगभग तय बताया है। कन्याओं को बस में लाने और वापस छोड़ने की व्यवस्था को देख रहे सुनील शांडिल्य और सागर कौशिक ने कहा कि जिस तरह से सूची लंबी हो रही है उससे लग रहा है इस बार 13 हजार कन्याएं मंदिर में पहुंचकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगी।
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन कुमार शास्त्री ने बताया कि नौ फरवरी से सुरू हुए दुर्गा सप्तशती 108 पाठ एवं सवा लाख नवार्ण मंत्रों का जाप के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हर रोज मंदिर में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 23 फरवरी को गुप्त नवरात्र के समापन और मां जयंती के प्रकटोत्सव पर पूर्णाहुति होगी। कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए 500 श्रद्धालु वालंटियर के तौर पर सेवाएं देंगे। मानव कल्याण के लिए गुप्त नवरात्र के दिनों में 14 दिनों तक चली पूजा-अर्चना के महत्व को देखते हुए हजारों लोग समापन समारोह में पहुंचते हैं। समापन समारोह में जो भंडारा लगेगा, उसमें करीब 16 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान मुख्यातिथि के तौर पर कई संत, महात्मा, समाजसेवी और प्रशासनिक अधिकारी शिरकत करेंगे।
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जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन कुमार शास्त्री ने बताया कि नौ फरवरी से सुरू हुए दुर्गा सप्तशती 108 पाठ एवं सवा लाख नवार्ण मंत्रों का जाप के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हर रोज मंदिर में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 23 फरवरी को गुप्त नवरात्र के समापन और मां जयंती के प्रकटोत्सव पर पूर्णाहुति होगी। कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए 500 श्रद्धालु वालंटियर के तौर पर सेवाएं देंगे। मानव कल्याण के लिए गुप्त नवरात्र के दिनों में 14 दिनों तक चली पूजा-अर्चना के महत्व को देखते हुए हजारों लोग समापन समारोह में पहुंचते हैं। समापन समारोह में जो भंडारा लगेगा, उसमें करीब 16 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान मुख्यातिथि के तौर पर कई संत, महात्मा, समाजसेवी और प्रशासनिक अधिकारी शिरकत करेंगे।
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