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Jind News: जूडो में कांस्य पदक विजेता खटकड़ गांव की बेटी कोकिला कौशिक का स्वागत
Tue, 14 Nov 2023 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 14 Nov 2023 12:56 AM IST
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जूडो में कांस्य पदक जीतने वाली कोकिला का स्वागत करते ग्रामीण। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
उचाना। चीन में हुए पैरा एशियन गेम्स में जूडो खेल में कांस्य पदक जीतने वाले कोकिला कौशिक का उसके पैतृक गांव कहसून पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। खटकड़ टोल के पास से काफिले के साथ ग्रामीण कहसून गांव तक कोकिला कौशिक को लेकर आए। बीते माह 23 अक्तूबर को पैरा एशियन गेम्स में जूडो खेल में कोकिला पुत्री कृष्ण कौशिक ने कांस्य पदक जीता था।
कोकिला कहसून गांव की बेटी है, जिनका परिवार हाल में हिसार में रह रहा है। कोकिला ने बताया कि वो पहली भारतीय जूडो खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एशियाई पैरा खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीता। पांच साल में अब तक 17 इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुकी हैं। पहले ही नेशनल में लगातार छह स्वर्ण पदक जीते थे।
गांव के लोगों द्वारा जो उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है ये उसके लिए गर्व की बात है। गांव का नाम इसी तरह भविष्य में वो रोशन करती रहेगी। पिता कृष्ण कौशिक ने बताया कि बेटी को गांव में कार्यक्रम आयोजित करके सम्मानित किया गया। ये उनके परिवार के लिए गर्व की बात है।
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सरपंच प्रतिनिधि श्रीकांत कहसून, कोकिला के चाचा अशोक शर्मा ने कहा कि कोकिला ने गांव का नाम पूरे देश, विदेश में रोशन करने का काम किया है। बेटी पर पूरे गांव ही नहीं, बल्कि प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश को गर्व है। बेटों की तरह बेटी भी माता-पिता, गांव का नाम रोशन कर रही है। कोकिला को बेटी गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कोकिला का परिवार पहले गांव में रहता था, लेकिन उसके पिता कृष्ण कौशिक लेक्चरर लगने के बाद उनका परिवार करीब छह साल से हिसार में रह रहा है। चीन से वापस आने के बाद कोकिला को गांव की तरफ से सम्मानित किया गया। इस मौके पर खेड़ा खाप प्रधान सतबीर कसूहन, पूर्व सरपंच महाबीर, रामचंद्र अत्री, पूर्व सरपंच नरेश, सत्यनारायण वैद्य, रौनक चंद, मा. संजय, उमेश शर्मा मौजूद रहे।
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उचाना। चीन में हुए पैरा एशियन गेम्स में जूडो खेल में कांस्य पदक जीतने वाले कोकिला कौशिक का उसके पैतृक गांव कहसून पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। खटकड़ टोल के पास से काफिले के साथ ग्रामीण कहसून गांव तक कोकिला कौशिक को लेकर आए। बीते माह 23 अक्तूबर को पैरा एशियन गेम्स में जूडो खेल में कोकिला पुत्री कृष्ण कौशिक ने कांस्य पदक जीता था।
कोकिला कहसून गांव की बेटी है, जिनका परिवार हाल में हिसार में रह रहा है। कोकिला ने बताया कि वो पहली भारतीय जूडो खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एशियाई पैरा खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीता। पांच साल में अब तक 17 इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुकी हैं। पहले ही नेशनल में लगातार छह स्वर्ण पदक जीते थे।
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गांव के लोगों द्वारा जो उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है ये उसके लिए गर्व की बात है। गांव का नाम इसी तरह भविष्य में वो रोशन करती रहेगी। पिता कृष्ण कौशिक ने बताया कि बेटी को गांव में कार्यक्रम आयोजित करके सम्मानित किया गया। ये उनके परिवार के लिए गर्व की बात है।
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सरपंच प्रतिनिधि श्रीकांत कहसून, कोकिला के चाचा अशोक शर्मा ने कहा कि कोकिला ने गांव का नाम पूरे देश, विदेश में रोशन करने का काम किया है। बेटी पर पूरे गांव ही नहीं, बल्कि प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश को गर्व है। बेटों की तरह बेटी भी माता-पिता, गांव का नाम रोशन कर रही है। कोकिला को बेटी गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कोकिला का परिवार पहले गांव में रहता था, लेकिन उसके पिता कृष्ण कौशिक लेक्चरर लगने के बाद उनका परिवार करीब छह साल से हिसार में रह रहा है। चीन से वापस आने के बाद कोकिला को गांव की तरफ से सम्मानित किया गया। इस मौके पर खेड़ा खाप प्रधान सतबीर कसूहन, पूर्व सरपंच महाबीर, रामचंद्र अत्री, पूर्व सरपंच नरेश, सत्यनारायण वैद्य, रौनक चंद, मा. संजय, उमेश शर्मा मौजूद रहे।