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रेड जोन में जींद, एक्यूआई पहुंचा 318
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शहर में कूड़े में लोगों द्वारा लगाई आग से उठता धुआं। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर रेड जोन में पहुंच गया है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 293 तक पहुंच गया था, जो बुधवार शाम को 318 तक पहुंच गया। इस स्तर तक हवा बहुत जहरीली हो जाती है। जिन लोगों को पहले अस्थमा है, उनको खासी परेशानी हो रही है। इस हवा के कारण स्वस्थ लोग भी बीमार पड़ सकते हैं।
प्रशासन ने आग लगाने के लिए प्रतिबंध लगाया हुआ है लेकिन जगह-जगह कूड़े में शहर के लोग आग लगा रहे हैं। इससे भयंकर वायु प्रदूषण हो रहा है। बुधवार रात को तेज हवा चलने के कारण एक्यूआई 148 तक पहुंच गया था जो सुबह जारी रहा। सुबह दस बजे भी एक्यूआई 200 पर था लेकिन जैसे-जैसे शाम होती गई, हवा जहरीली होती गई। शाम को सात बजे एक्यूआई 318 तक पहुंच गया। एक्यूआई 300 से लेकर 400 तक हो तो स्वस्थ लोगों पर भी बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को फेफड़ों में संक्रमण है या अस्थमा है, उनको गंभीर समस्या हो सकती है।
वायु प्रदूषण के कारण अस्पताल में बढ़े मरीज
पिछले तीन दिन से लगातर वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। अस्पताल में औसतन सांस रोग से संबंधित 100 मरीज प्रतिदिन आ रहे थे। बुधवार को इन मरीजों की संख्या 200 तक पहुंच गई है। डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने अस्थमा रोगियों को सुबह व शाम के समय सैर से बचने की सलाह दी है। इन लोगों को घर में रहने की सलाह दी है। वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा है, इसलिए केवल गर्म पानी ही पीना चाहिए।
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प्रशासन ने आग लगाने के लिए प्रतिबंध लगाया हुआ है लेकिन जगह-जगह कूड़े में शहर के लोग आग लगा रहे हैं। इससे भयंकर वायु प्रदूषण हो रहा है। बुधवार रात को तेज हवा चलने के कारण एक्यूआई 148 तक पहुंच गया था जो सुबह जारी रहा। सुबह दस बजे भी एक्यूआई 200 पर था लेकिन जैसे-जैसे शाम होती गई, हवा जहरीली होती गई। शाम को सात बजे एक्यूआई 318 तक पहुंच गया। एक्यूआई 300 से लेकर 400 तक हो तो स्वस्थ लोगों पर भी बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को फेफड़ों में संक्रमण है या अस्थमा है, उनको गंभीर समस्या हो सकती है।
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वायु प्रदूषण के कारण अस्पताल में बढ़े मरीज
पिछले तीन दिन से लगातर वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। अस्पताल में औसतन सांस रोग से संबंधित 100 मरीज प्रतिदिन आ रहे थे। बुधवार को इन मरीजों की संख्या 200 तक पहुंच गई है। डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने अस्थमा रोगियों को सुबह व शाम के समय सैर से बचने की सलाह दी है। इन लोगों को घर में रहने की सलाह दी है। वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा है, इसलिए केवल गर्म पानी ही पीना चाहिए।
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