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ऑड-ईवन के खिलाफ हड़ताल पर गए ऑटो चालक
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Wed, 21 Sep 2016 01:00 AM IST
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हड़ताल पर गए ऑटो चालक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला प्रशासन द्वारा शहर को जाम से मुक्ति दिलवाने के लिए लगभग आठ माह पहले शहर में ऑटो रिक्शा के लिए ऑड-ईवन व्यवस्था लागू की गई। इसके विरोध में मंगलवार को ऑटो चालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। ऑटो चालकों ने लघु सचिवालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और सिटीएम डॉ. किरण सिंह को ज्ञापन सौंपा।
हरियाणा ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान विजय दलाल, महासचिव ओमप्रकाश तथा उपप्रधान नरेश जैनी ने कहा कि महंगाई के दौर में प्रतिदिन काम करने पर भी गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में ऑटो चालकों के लिए माह में महज 15 दिन कामकाज कर अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह शहर से ऑड-ईवन व्यवस्था को खत्म करे। इसके अलावा ऑटो रिक्शा के स्टैंड निर्धारित करें और चालकों के लाइसेंस बनाएं। इसके अलावा लोकल बस सेवा समाप्त की जाए। वहीं ऑटो नहीं चलने से शहर में लोगों को काफी परेशानी हुई। यातायात पुलिस के अनुसार शहर में प्रतिदिन करीब दो हजार ऑटो चलते हैं। ऑटो के सड़क पर न होने के कारण महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
ऑटो के गणित पर तकरार
मंगलवार को हड़ताल के दौरान ऑटो यूनियन के प्रधान विजय दलाल ने ऑटो की शहर में जो संख्या बताई, उसने नई बहस शुरू कर दी है। दलाल ने कहा कि जींद नगर परिषद की सीमा के अंदर चलने का लाइसेंस महज 750 ऑटो के पास हैं। लेकिन ऑड-ईवन के चलते आसपास के शहरों जैसे गोहाना, सफीदों, नरवाना और नारनौंद के ऑटो चालक भी जींद में ऑटो चला रहे हैं। इससे उनका रोजगार ठप हो गया है। यदि बाहर की ऑटो को निकाल दिया जाए तो यहां ऑड-ईवन व्यवस्था की जरूरत ही नहीं।
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इन स्थानों पर जाने वाले यात्रियों को हुई परेशानी
ऑटो चालकों की हड़ताल के चलते ऑटो का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड से देवीलाल चौक, रोहतक रोड, भिवानी रोड, हांसी रोड, सफीदों रोड, लघु सचिवालय, रेलवे जंक्शन की तरफ जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इन स्थानों की तरफ जाने वाले यात्री को पैदल या अन्य किसी वाहन का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचे।
मुझे किसी जरूरी काम से अर्बन एस्टेट से बाजार जाना था, लेकिन ऑटो न मिलने के कारण अर्बन एस्टेट से रानी तालाब तक का सफर पैदल ही तय करना पड़ा।
आशीष, अर्बन एस्टेट निवासी
मुझे बस स्टैंड से रोहतक रोड पर जाना था। लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी ऑटो नहीं मिला। इसके बाद पता चला कि ऑटो चालकों की हड़ताल चल रही है। इसके बाद दूसरे वाहनों से लिफ्ट लेकर रोहतक रोड पहुंचा।
महेंद्र, यात्री
हरियाणा ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान विजय दलाल, महासचिव ओमप्रकाश तथा उपप्रधान नरेश जैनी ने कहा कि महंगाई के दौर में प्रतिदिन काम करने पर भी गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में ऑटो चालकों के लिए माह में महज 15 दिन कामकाज कर अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह शहर से ऑड-ईवन व्यवस्था को खत्म करे। इसके अलावा ऑटो रिक्शा के स्टैंड निर्धारित करें और चालकों के लाइसेंस बनाएं। इसके अलावा लोकल बस सेवा समाप्त की जाए। वहीं ऑटो नहीं चलने से शहर में लोगों को काफी परेशानी हुई। यातायात पुलिस के अनुसार शहर में प्रतिदिन करीब दो हजार ऑटो चलते हैं। ऑटो के सड़क पर न होने के कारण महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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ऑटो के गणित पर तकरार
मंगलवार को हड़ताल के दौरान ऑटो यूनियन के प्रधान विजय दलाल ने ऑटो की शहर में जो संख्या बताई, उसने नई बहस शुरू कर दी है। दलाल ने कहा कि जींद नगर परिषद की सीमा के अंदर चलने का लाइसेंस महज 750 ऑटो के पास हैं। लेकिन ऑड-ईवन के चलते आसपास के शहरों जैसे गोहाना, सफीदों, नरवाना और नारनौंद के ऑटो चालक भी जींद में ऑटो चला रहे हैं। इससे उनका रोजगार ठप हो गया है। यदि बाहर की ऑटो को निकाल दिया जाए तो यहां ऑड-ईवन व्यवस्था की जरूरत ही नहीं।
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इन स्थानों पर जाने वाले यात्रियों को हुई परेशानी
ऑटो चालकों की हड़ताल के चलते ऑटो का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड से देवीलाल चौक, रोहतक रोड, भिवानी रोड, हांसी रोड, सफीदों रोड, लघु सचिवालय, रेलवे जंक्शन की तरफ जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इन स्थानों की तरफ जाने वाले यात्री को पैदल या अन्य किसी वाहन का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचे।
मुझे किसी जरूरी काम से अर्बन एस्टेट से बाजार जाना था, लेकिन ऑटो न मिलने के कारण अर्बन एस्टेट से रानी तालाब तक का सफर पैदल ही तय करना पड़ा।
आशीष, अर्बन एस्टेट निवासी
मुझे बस स्टैंड से रोहतक रोड पर जाना था। लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी ऑटो नहीं मिला। इसके बाद पता चला कि ऑटो चालकों की हड़ताल चल रही है। इसके बाद दूसरे वाहनों से लिफ्ट लेकर रोहतक रोड पहुंचा।
महेंद्र, यात्री