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आरक्षण बचाने के लिए जाटों की रैली 23 को

Thu, 10 Dec 2015 11:53 PM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो Updated Thu, 10 Dec 2015 11:53 PM IST
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केंद्र में ओबीसी में आरक्षण को लेकर जाट 23 दिसंबर को जींद के हुडा मैदान में प्रदेश स्तरीय रैली करेंगे।  रैली में आरक्षण बचाने के लिए जाट नेता आगे के आंदोलन का शंखनाद करेंगे।

इसको लेकर तैयारियां की जा रह है। जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सर्व जातीय सर्व खाप के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने कहा कि भाजपा सरकार अंग्रेजों की तरह फूट डालो और राज करो की नीति पर काम कर रही है। इसी का परिणाम है की यूपी चुनाव के नजदीक आते ही सरकार ने यूपी के जाटों को आरक्षण देने की बात कही है।
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समैण ने कहा कि रैली में लोगों को लाने के लिए वाहनों का इंतजाम किया जा रहा है और पूरे प्रदेश से जाट समुदाय खासकर युवाओं में रैली को लेकर भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि केंद्र में जाटों को ओबीसी में आरक्षण देने के लिए पिछली सरकार के समय पिछड़ा वर्ग आयोग ने जो सर्वे किया था, वह सही था।
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जाटों को उनका हक मिला था लेकिन बाद में सत्ता में आई भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जाट आरक्षण की उतनी मजबूती से पैरवी नहीं की, जितनी होनी चाहिए थी।

प्रधानमंत्री ने की वादा खिलाफी
समैण ने कहा कि खुद प्रधानमंत्री ने जाट समुदाय से यह वादा किया था कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में जाट आरक्षण की मजबूती से पैरवी करेगी लेकिन इसमें जाटों के साथ भाजपा ने धोखा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी जाट समुदाय को एसबीसी में मिले आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी नहीं की। दरअसल भाजपा की नीयत में ही खोट है।

हां कमजोर होगा आंदोलन
समैण ने स्वीकारा की यूपी के जाटों को आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फैसले से आंदोलन कमजोर होगा, लेकिन हरियाणा के जाट अपने हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे। समैण के अनुसार यह भाजपा की चाल है और इससे साफ है कि भाजपा के नेता पार्टी के इशारे पर ही जाटों के खिलाफ जहर उगल रहे हैं।


न्यायपालिका में नहीं जाटों की पैठ
इस मौके पर सूब सिंह समैण ने कहा कि न्यायपालिका में जाटों की पैठ नहीं है। यही कारण है कि उनको हक नहीं मिल रहा है। समैण ने कहा कि यदि कोई जाट न्यायपालिका में आ भी जाता है तो, वह हाईकोर्ट से आगे नहीं जा पाता।

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