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खटकड़ में मिली अनुमति, जुलाना पर फैसला आज
jind
Updated Sat, 18 Jun 2016 12:39 AM IST
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नारेबाजी करती महिलाएं।
- फोटो : bureau
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खटकड़ गांव में चल रहे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के धरने को प्रशासन ने और दो दिन की अनुमति दे दी है। वहीं जुलाना में प्रस्तावित धरने की अनुमति पर फैसला शनिवार को होगा। धरने पर सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ जाट नेताओं ने जमकर भड़ास निकाली। महिला खाप की अध्यक्ष संतोष दहिया ने कहा कि उन्होंने सांसद राजकुमार सैनी की सदस्यता रद्द करने के लिए सरकार और निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है।
शुक्रवार को धरने पर पहुंचे लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं जुलाना से विधायक परमेंद्र सिंह ढुल भी धरने का समर्थन करने पहुंचे। ढुल ने कहा कि सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण ही फरवरी माह में हिंसा हुई और अब जाटों को आंदोलन करना पड़ रहा है। ढुल ने कहा कि भाजपा नफरत की राजनीति करती है और इसी के परिणाम स्वरूप प्रदेश में जातीय हिंसा करवाई गई।
ये बैठे अनशन पर
शुक्रवार को पांच लोग क्रमिक अनशन पर रहे। इनमें नरेश कुमार, विजय चहल, ईश्वर सिंह मलिक, राजबीर व इकबाल सिंह शामिल रहे। इन लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सरकार से बातचीत करने वाले गद्दार
धरने के दौरान जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला महासचिव वीरभान ढुल ने कहा कि कुछ लोग सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं, वे कौम के गद्दार हैं। बिना नाम लिए ढुल ने लोगों ने आह्वान किया कि उनका बहिष्कार होना चाहिए।
खटकड़ गांव में चल रहे धरने के लिए प्रशासन ने दो और दिन की अनुमति दी है। वहीं जुलाना की अनुमति अभी नहीं मिली है। प्रशासन ने धरनास्थल का मौका मुआयना करने की बात कही है। यहां अनुमति मिलते ही धरना शुरू कर दिया जाएगा।
- कैप्टन रणधीर सिंह चहल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति।
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शुक्रवार को धरने पर पहुंचे लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं जुलाना से विधायक परमेंद्र सिंह ढुल भी धरने का समर्थन करने पहुंचे। ढुल ने कहा कि सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण ही फरवरी माह में हिंसा हुई और अब जाटों को आंदोलन करना पड़ रहा है। ढुल ने कहा कि भाजपा नफरत की राजनीति करती है और इसी के परिणाम स्वरूप प्रदेश में जातीय हिंसा करवाई गई।
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ये बैठे अनशन पर
शुक्रवार को पांच लोग क्रमिक अनशन पर रहे। इनमें नरेश कुमार, विजय चहल, ईश्वर सिंह मलिक, राजबीर व इकबाल सिंह शामिल रहे। इन लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सरकार से बातचीत करने वाले गद्दार
धरने के दौरान जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला महासचिव वीरभान ढुल ने कहा कि कुछ लोग सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं, वे कौम के गद्दार हैं। बिना नाम लिए ढुल ने लोगों ने आह्वान किया कि उनका बहिष्कार होना चाहिए।
खटकड़ गांव में चल रहे धरने के लिए प्रशासन ने दो और दिन की अनुमति दी है। वहीं जुलाना की अनुमति अभी नहीं मिली है। प्रशासन ने धरनास्थल का मौका मुआयना करने की बात कही है। यहां अनुमति मिलते ही धरना शुरू कर दिया जाएगा।
- कैप्टन रणधीर सिंह चहल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति।