{"_id":"667c75aed02006ed24067825","slug":"inspired-the-youth-to-stay-away-from-drugs-jind-news-c-199-1-jnd1001-119069-2024-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया
Thu, 27 Jun 2024 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 27 Jun 2024 01:40 AM IST
विज्ञापन
26जेएनडी30: नशे के खिलाफ शपथ दिलाते हुए नरेश जागलान। स्रोत स्वयं
जींद। नशीले पदार्थों एवं उनकी गैर कानूनी तस्करी के विरुद्ध में नई सोच नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान ने कहा कि युवाओं को हर हाल में नशे के चंगुल से आजादी चाहिए।
नरेश जागलान ने बताया कि नशे की लत को छोड़ने के लिए खुद को शिक्षित रखें, परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित रखें, अपने दोस्तों को ध्यान से चुने। तनाव से निपटने के लिए स्वस्थ तरीके सीखे व स्वस्थ जीवनशैली विकसित करें। नशा छोड़ने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने ध्यान को स्थिर रखें। इस दौरान लोगों से मेलजोल बढ़ाएं ताकि मन में नशे से जुड़े ख्याल ही न आएं। साथ ही सुबह के वक्त मेडिटेशन या वर्कआउट करना शुरू कर दें। नई सोच नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के निदेशक अजय मल्होत्रा ने बताया कि पूरे विश्व में नशीली पदार्थों और उनकी गैर कानूनी तस्करी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं बल्कि परिवार और समाज को भी खोखला कर रहा है। आज की अधिकांश युवा पीढ़ी नशे में डूब कर अपना अच्छा जीवन और करियर बर्बाद कर रही है। नशा करने से केवल धन की क्षति नहीं होती है बल्कि कई बीमारियां शरीर में घर कर जाती है। इससे मानसिक और शारीरिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। यह एक बहुत बुरी लत है जो आसानी से नहीं छूटती है, इसके लिए आवश्यक रूप से विशेषज्ञों से परामर्श लेना चाहिए।
विज्ञापन
नरेश जागलान ने बताया कि नशे की लत को छोड़ने के लिए खुद को शिक्षित रखें, परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित रखें, अपने दोस्तों को ध्यान से चुने। तनाव से निपटने के लिए स्वस्थ तरीके सीखे व स्वस्थ जीवनशैली विकसित करें। नशा छोड़ने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने ध्यान को स्थिर रखें। इस दौरान लोगों से मेलजोल बढ़ाएं ताकि मन में नशे से जुड़े ख्याल ही न आएं। साथ ही सुबह के वक्त मेडिटेशन या वर्कआउट करना शुरू कर दें। नई सोच नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के निदेशक अजय मल्होत्रा ने बताया कि पूरे विश्व में नशीली पदार्थों और उनकी गैर कानूनी तस्करी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं बल्कि परिवार और समाज को भी खोखला कर रहा है। आज की अधिकांश युवा पीढ़ी नशे में डूब कर अपना अच्छा जीवन और करियर बर्बाद कर रही है। नशा करने से केवल धन की क्षति नहीं होती है बल्कि कई बीमारियां शरीर में घर कर जाती है। इससे मानसिक और शारीरिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। यह एक बहुत बुरी लत है जो आसानी से नहीं छूटती है, इसके लिए आवश्यक रूप से विशेषज्ञों से परामर्श लेना चाहिए।
विज्ञापन