नरवाना। आगामी धान खरीद सीजन को लेकर जिला जींद राइस मिलर एसोसिएशन की बैठक बुधवार को नरवाना के निजी होटल में जिला प्रधान आयुष गोयल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में नरवाना, उचाना, सफीदों, पिल्लूखेड़ा, गोहाना, धमतान और गढ़ी क्षेत्र के राइस मिलरों ने भाग लिया। मिलरों ने पिछले सीजन की समस्याओं और नई धान मिलिंग नीति को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में मिलरों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि जब तक उनकी लंबित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आगामी धान खरीद के लिए पंजीकरण नहीं करवाया जाएगा। मिलरों की प्रमुख मांगों में बकाया चावल वापस लेना, पुराने बकाया भुगतान का निपटारा और दो साल का बोनस जारी करना शामिल है। एसोसिएशन ने सीएमआर नीति में आवश्यक बदलाव करने की भी मांग उठाई। मिलरों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में मजदूरी, बिजली बिल और अन्य खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जबकि मिलिंग चार्ज में कोई पर्याप्त वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने कहा कि करीब 25 वर्षों से मिलिंग चार्ज 10 रुपये प्रति क्विंटल है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 100 रुपये प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए। संवाद