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Jind News: पौली गांव में 600 साल पुराना झांड का पेड़ आज भी है हरा-भरा

Fri, 05 Jun 2026 12:11 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 12:11 AM IST
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In Pauli village, a 600-year-old Jhand tree remains lush green to this day.
04जेएनडी16: पौली गांव में 600 वर्ष पुराना झांड का पेड़। संवाद
जुलाना। क्षेत्र के पौली गांव में स्थित लगभग 600 साल पुराना झांड का पेड़ आज भी लोगों के आकर्षण और आस्था का केंद्र बना हुआ है। ग्रामीण सतपाल, धर्मपाल, राजेंद्र और रोहीराम का दावा है कि यह पेड़ कई पीढ़ियों से गांव की पहचान रहा है। समय के साथ पेड़ का तना पूरी तरह खोखला हो चुका है लेकिन इसके बावजूद यह आज भी हरा-भरा खड़ा है। हालांकि, यह आंकड़ा वन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।
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पेड़ की ऊंचाई लगभग 20 फीट है। इसकी शाखाएं लगभग 30 फीट तक चारों ओर फैली हुई हैं। यह झांड का पेड़ सदियों पुराना है और बुजुर्ग भी इसे इसी अवस्था में देखते आए हैं। गांव के बुजुर्गों के अनुसार इस पेड़ के नीचे वर्षों से ग्रामीण बैठकर सामाजिक चर्चाएं करते रहे हैं। पेड़ को लेकर ग्रामीणों में विशेष आस्था भी जुड़ी हुई है।
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मान्यता है कि इसकी छाल और पत्तों के उपयोग से विभिन्न प्रकार के चर्म रोगों में लाभ मिलता है। इसी विश्वास के चलते आसपास के गांवों के लोग भी यहां पहुंचते हैं और पेड़ की छाल व पत्तियां लेकर जाते हैं। हालांकि ग्रामीण इसे लोक मान्यता बताते हैं और इसकी कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं होने की बात भी स्वीकार करते हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह पेड़ गांव की ऐतिहासिक धरोहर है और इसकी देखभाल सभी ग्रामीण मिलकर करते हैं।
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