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वेतन नहीं मिलने से नाराज स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने की हड़ताल
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जींद। नागरिक अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने समेत अन्य मांगों को लेकर वीरवार को सुबह दो घंटे काम नहीं किया। सुबह आठ बजे आते ही अस्पतालों के बाहर धरने प्रदर्शन शुरू कर दिए । जिससे चलते दो घंटे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही। मरीजों की ओपीडी पर्ची नहीं बनी और परेशान भटकते रहे।
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। स्वास्थ्य कर्मियों ने चेताया की जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आउटसोर्स कर्मियों के सुबह के समय धरना प्रदर्शन पर रहने के चलते अस्पताल में आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा मरीजों की ओपीडी पर्ची नहीं बनी तो मरीज परेशान इधर उधर भटकते रहे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जैसे-तैसे कर व्यवस्था को संभाला और पर्ची व्यवस्था को शुरू करवा मरीजों की सामान्य जांच शुरू करवाई। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला मंत्री आर्य बलिंद्र ने बताया कि जिले में आउटसोर्स कर्मचारियों की कई मांगे काफी लंबे समय से लंबित हैं। इसमें नरवाना में पिछले करीब नौ महीने का वेतन नहीं दिया गया है। हटाए गए कर्मचारियों का समाधान नहीं किया जा रहा। ईपीएफ, ईएसआई का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर संघ ने गत 10 मई को सभी एसएमओ को ज्ञापन दिया था एवं 23 मई को जिले के सभी अस्पताल में एक घंटे का रोष प्रदर्शन करके चेताया भी था, लेकिन उनकी मांगों पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जिसके चलते आउटसोर्स कर्मियों को सीएमओ कार्यलय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा।
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कर्मचारी संघ के जिला प्रधान विनोद शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा करोना काल के दौरान आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती की गई थी, लेकिन करोना खत्म होते ही कई आउटसोर्स कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्होंने चेताया कि स्वास्थ्य विभाग ने आउटसोर्स कर्मियों की मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बॉक्स
दो घंटे रही अव्यवस्था
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते दो घंटे तक अस्पताल में अव्यवस्था रही। सुबह आठ बजे मरीजों के इलाज के लिए पंजीकरण शुरू होता है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू होती है। ऐसे में लोगों को आते ही पंजीकरण काउंटर खाली मिले। ऐसे में कुछ लोग इंतजार कर बिना इलाज करवाए ही वापस चले गए।
बॉक्स
वर्जन
सिविल सर्जन से यूनियन प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हो गई है। पर्ची काउंटर पर उपचार पर्ची न कटने पर तुरंत प्रभाव से कर्मी को लगा दिया गया था। उन्होंने स्वयं अस्पताल जाकर व्यवस्थाएं देखी। मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी गई है।
डॉ. लोकवीर, प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर, नागरिक अस्पताल
फोटो नंबर
26जेएनडी32: मांगों को लेकर नारेबाजी करते कर्मचारी। संवाद।
26जेएनडी33: पंजीकरण काउंटर लगी मरीजों की भीड़। संवाद।
26जेएनडी34: अधिकारियों के साथ बातचीत करने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मी। संवाद।
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हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। स्वास्थ्य कर्मियों ने चेताया की जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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आउटसोर्स कर्मियों के सुबह के समय धरना प्रदर्शन पर रहने के चलते अस्पताल में आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा मरीजों की ओपीडी पर्ची नहीं बनी तो मरीज परेशान इधर उधर भटकते रहे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जैसे-तैसे कर व्यवस्था को संभाला और पर्ची व्यवस्था को शुरू करवा मरीजों की सामान्य जांच शुरू करवाई। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला मंत्री आर्य बलिंद्र ने बताया कि जिले में आउटसोर्स कर्मचारियों की कई मांगे काफी लंबे समय से लंबित हैं। इसमें नरवाना में पिछले करीब नौ महीने का वेतन नहीं दिया गया है। हटाए गए कर्मचारियों का समाधान नहीं किया जा रहा। ईपीएफ, ईएसआई का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर संघ ने गत 10 मई को सभी एसएमओ को ज्ञापन दिया था एवं 23 मई को जिले के सभी अस्पताल में एक घंटे का रोष प्रदर्शन करके चेताया भी था, लेकिन उनकी मांगों पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जिसके चलते आउटसोर्स कर्मियों को सीएमओ कार्यलय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा।
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कर्मचारी संघ के जिला प्रधान विनोद शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा करोना काल के दौरान आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती की गई थी, लेकिन करोना खत्म होते ही कई आउटसोर्स कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्होंने चेताया कि स्वास्थ्य विभाग ने आउटसोर्स कर्मियों की मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बॉक्स
दो घंटे रही अव्यवस्था
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते दो घंटे तक अस्पताल में अव्यवस्था रही। सुबह आठ बजे मरीजों के इलाज के लिए पंजीकरण शुरू होता है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू होती है। ऐसे में लोगों को आते ही पंजीकरण काउंटर खाली मिले। ऐसे में कुछ लोग इंतजार कर बिना इलाज करवाए ही वापस चले गए।
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वर्जन
सिविल सर्जन से यूनियन प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हो गई है। पर्ची काउंटर पर उपचार पर्ची न कटने पर तुरंत प्रभाव से कर्मी को लगा दिया गया था। उन्होंने स्वयं अस्पताल जाकर व्यवस्थाएं देखी। मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी गई है।
डॉ. लोकवीर, प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर, नागरिक अस्पताल
फोटो नंबर
26जेएनडी32: मांगों को लेकर नारेबाजी करते कर्मचारी। संवाद।
26जेएनडी33: पंजीकरण काउंटर लगी मरीजों की भीड़। संवाद।
26जेएनडी34: अधिकारियों के साथ बातचीत करने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मी। संवाद।