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टीबी पर अंकुश लगाने के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेगा स्वास्थ्य विभाग
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गंगापुत्रा आयुर्वेद कॉलेज में चिकित्सकों को ट्रेनिंग देते डॉ. संदीप लोहान। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। जिले को 2025 तक टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब निजी अस्पताल संचालकों व चिकित्सकों का सहयोग ले रहा है। टीबी विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप लोहान ने बुधवार को गांव कंडेला स्थित गंगापुत्रा आयुर्वेद कॉलेज में जाकर चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को ट्रेनिंग दी। इस प्रकार की वर्कशॉप स्वास्थ्य विभाग हर महीने किसी न किसी अस्पताल में लगा रहा है।
एसएमओ डॉ. संदीप लोहान ने वर्कशॉप के दौरान कहा कि यदि कोई भी टीबी का संदिग्ध मरीज मिले तो तुरंत उसकी जांच करवाई जाए। उसका नागरिक अस्पताल में रजिस्ट्रेशन करवाया जाए ताकि टीबी मरीज को 500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो जाए। इस प्रकार के मरीजों को या तो नागरिक अस्पताल में रेफर किया जाए या फिर तुरंत उसका उपचार शुरू किया जाए।
उन्होंने कहा कि 2025 तक जिले को टीबी मुक्त करने के लिए सभी सरकारी व निजी चिकित्सकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। डॉ. संदीप ने कहा कि जब तक मरीज का नागरिक अस्पताल में रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तब तक उसे आर्थिक सहायता नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि इसके अलावा निजी अस्पतालों को लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करना चाहिए ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके। इस मौके पर गंगापुत्रा आयुर्वेद कॉलेज के चेयरमैन राजेंद्र गुप्ता, रवि गुप्ता, डॉ. विजेंद्र ढांडा के अलावा कॉलेज के चिकित्सक व अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।
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एसएमओ डॉ. संदीप लोहान ने वर्कशॉप के दौरान कहा कि यदि कोई भी टीबी का संदिग्ध मरीज मिले तो तुरंत उसकी जांच करवाई जाए। उसका नागरिक अस्पताल में रजिस्ट्रेशन करवाया जाए ताकि टीबी मरीज को 500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो जाए। इस प्रकार के मरीजों को या तो नागरिक अस्पताल में रेफर किया जाए या फिर तुरंत उसका उपचार शुरू किया जाए।
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उन्होंने कहा कि 2025 तक जिले को टीबी मुक्त करने के लिए सभी सरकारी व निजी चिकित्सकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। डॉ. संदीप ने कहा कि जब तक मरीज का नागरिक अस्पताल में रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तब तक उसे आर्थिक सहायता नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि इसके अलावा निजी अस्पतालों को लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करना चाहिए ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके। इस मौके पर गंगापुत्रा आयुर्वेद कॉलेज के चेयरमैन राजेंद्र गुप्ता, रवि गुप्ता, डॉ. विजेंद्र ढांडा के अलावा कॉलेज के चिकित्सक व अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।
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