{"_id":"66c368b947962b872d096850","slug":"haryana-kuldeep-kumar-of-haryana-jind-martyred-in-terrorist-attack-2024-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: जम्मू-कश्मीर में हरियाणा के कुलदीप कुमार बलिदान, CRPF दल पर हुआ आतंकी हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: जम्मू-कश्मीर में हरियाणा के कुलदीप कुमार बलिदान, CRPF दल पर हुआ आतंकी हमला
Mon, 19 Aug 2024 09:26 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 19 Aug 2024 09:26 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में आतंकियों ने सोमवार को सीआरपीएफ के दल पर हमला किया है। इसमें हरियाणा निवासी एक इंस्पेक्टर बलिदान हो गए।
विज्ञापन
शहीद कुलदीप कुमार।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के जींद जिले के गांव निडानी निवासी सीआरपीएफ जवान जम्मू-कश्मीर के उधमपुर के डुडू बसंतगढ़ इलाके में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में बलिदान हो गए। देर रात उनके शहीद होने की सूचना आने के बाद गांव में मातम छा गया। जानकारी होते ही उनके घर पर गांव के लोगों का आना शुरू हो गया। 54 वर्षीय कुलदीप मलिक जल्द ही डीएसपी के पद पर पदोन्नत होने वाले थे।
विज्ञापन
दोपहर बाद तीन बजे के बाद आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हो गई। इसमें सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसओजी के संयुक्त दल पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। इसमें जिले के गांव निडानी निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर कुलदीप मलिक बलिदान हो गए।
विज्ञापन
कुलदीप मलिक का परिवार फिलहाल अपने बेटों के साथ दिल्ली में रहता है। उनके दो बेटे संजय और नवीन हैं। संजय रेलवे पुलिस दिल्ली में तैनात हैं, तो नवीन सेना में हैं। कुलदीप मलिक के चचेरे भाई पूर्व जिला परिषद सदस्य अमित निडानी ने बताया कि फिलहाल परिवार के लोगों को इसकी सूचना नहीं मिली है। उनको इसकी सूचना मिल चुकी है। वह अभी सीआरपीएफ उधमपुर में संपर्क का प्रयास कर रहे हैं। संपर्क नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
एक अधिकारी ने बताया कि उधमपुर के रामनगर के चील इलाके में सीआरपीएफ की नियमित गश्त के दौरान आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर बलिदान हो गए। शहीद की पहचान कुलदीप के रूप में हुई है।
आतंकियों को मिली रही है स्थानीय मदद
इससे पहले सात अगस्त को भी उधमपुर के बसंतगढ़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। हालांकि आतंकी खराब मौसम और धुंध का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे थे। माना जा रहा है कि उधमपुर के बसंतपुर के ऊपर जंगल में आतंकियों के कुछ ग्रुप यहां बीते कुछ महीने से छिपे हुए हैं। लोग संदिग्ध देखे जाने की लगातार सूचना दे रहे हैं। इतने समय तक बिना गाइड व मददगारों के छिपना संभव नहीं है। सूत्रों की माने तो इन आतंकियों को किसी स्थानीय के यहां शरण मिल रही है। मौजूदा समय में गुज्जर-बकरवालों के कई डेरे जंगलों व पहाड़ों पर हैं। इनको धमकाकर आतंकी खाने का इंतजाम कर लेते हैं। सुरक्षाबलों को अप्रैल से इस क्षेत्र में आतंकियों की गतिविधियों के बारे में सूचना है।