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Haryana: सीआरपीएफ के अधिकारियों ने किया छातर गांव में शहीद की बेटी का कन्यादान
Sun, 24 Nov 2024 12:26 AM IST
भूपेंद्र सिंह
सुशील टुर्ण/सतीश छातर, संवाद न्यूज एजेंसी, उचाना, जींद (हरियाणा)
सुशील टुर्ण/सतीश छातर, संवाद न्यूज एजेंसी, उचाना, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 24 Nov 2024 12:26 AM IST
सार
बेटी को शादी में शहीद पिता की कमी न हो, इसकी भरपाई के लिए पिता की हर रस्म निभाई गई। छातर गांव निवासी सतीश कुमार 20 मार्च 2015 को जम्मू के कठुआ में शहीद हो गए थे।
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सीआरपीएफ के जवान बेटी को फेरों की रस्म के लिए लेकर जाते।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के जींद के उचाना के छातर गांव में शनिवार को शहीद सतीश कुमार की बेटी निशा की शादी हुई। वधू पक्ष की ओर से सीआरपीएफ की टुकड़ी ने बरात का स्वागत किया। सीआरपीएफ अधिकारी ने पिता का फर्ज निभाते हुए कन्यादान किया। पूरे गांव ने बेटी को आशीर्वाद देकर विदा किया।
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शहीद सतीश की बेटी की शादी में पिता की कमी महसूस न हो, इसके लिए ग्रुप सेंटर सोनीपत से डीआईजी कोमल सिंह, डिप्टी कमांडेंट वेदपाल व अस्सिटेंट कमाडेंट कृष्ण कुमार व जवान पहुंचे। गांव में सुबह ही सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान पहुंचने से शादी का माहौल बदल गया।
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छातर गांव निवासी सतीश कुमार सीआरपीएफ में सिपाही थे और जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। सतीश कुमार 20 मार्च 2015 को राज भाग थाना कठुआ जम्मू में शहीद हो गए थे। शहीद की बेटी निशा की शादी की जानकारी ग्रुप सेंटर सोनीपत को लगी तो उन्होंने बेटी की शादी में पिता की हर भूमिका निभाने की ठानी। शादी के दिन 23 नवंबर को छातर गांव में अपनी टीम के साथ पहुंचे। यहां पर बरात आने से लेकर विदाई तक हर सैनिक मुस्तैद रहा।
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सीआरपीएफ के अधिकारियों ने आकर शादी में बेटी के लिए पिता व बहन के लिए निभाई जाने वाली सभी रस्मों को अपने हाथों से निभाया। इसमें फेरे लेने से पहले वह फेरे लेते समय देने वाली रस्में, शादी के दौरान बहन व बेटी को स्टेज पर शादी के मंडप में बैठाने तक का हर कार्य किया। सीआरपीएफ टुकड़ी के साथ पूरे गांव ने बेटी को आशीर्वाद देकर विदा किया और उसके मंगल भविष्य की कामना की।
शहीद की बेटियों को महसूस नहीं होने देंगे पिता की कमी
सीआरपीएफ के जवान देश सेवा के लिए हर समय बाॅर्डर पर तो कहीं अन्य स्थानों पर तैनात रहते हैं। देश पर संकट न आए, इसके लिए वह पहले अपनी शहादत देते हैं। जब भी कहीं शहीद की बेटियों की शादी होगी तो ग्रुप सेंटर सोनीपत सीआरपीएफ बेटी के लिए बाप की हर भूमिका को निभाने के लिए तैयार मिलेगा। वह इस खुशी के अवसर पर बेटियों की आंखों में आंसू नहीं आने देंगे। -कोमल सिंह, डीआईजी ग्रुप सेंटर सोनीपत