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अद्वितीय बलिदान देकर हिंद की चादर कहलाए गुरू तेग बहादुर: अरविंद शर्मा
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सफीदों । विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी, बजरंग दल व मातृशक्ति के संयुक्त तत्वावधान में नगर के होली मोहल्ला स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर प्रांगण में गुरू तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर उनकी शहादत को नमन करते हुए सामूहिक सुंदर कांड और हनुमान चालीसा पाठ किया गया।
इस दौरान विश्व हिंदू परिषद् के जिला उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने कहा कि हिंद दी चादर कहलाने वाले नौवें गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा करते हुए हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। विश्व के इतिहास में श्री गुरु तेग बहादुर का स्थान अद्वितीय है।
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उन्होंने हमेशा यही संदेश दिया कि किसी भी इंसान को न तो डराना चाहिए और ना ही खुद डरना चाहिए। उन्होंने धर्म प्रसार करते हुए अंधविश्वास की आलोचना करके समाज में नए आदर्श स्थापित किए। उनके द्वारा रचित 15 पद्य भी गुरुग्रंथ साहिब में शामिल हैं। दिल्ली में भी गुरु तेग बहादुर जी की याद में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब बना हुआ है। कार्यक्रम के समापन पर मंगल आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर मनोज देवान, बृजभूषण गर्ग, प्रमोद गौतम, नानक खन्ना, ओमप्रकाश वशिष्ठ, सतीश बलाना, नरेंद्र शास्त्री, सुनील शर्मा, मोहित, अनिल कुश, अश्वनी शर्मा, शिवानी शर्मा, किरण शर्मा, बबीता, अनिता, संतोष गौड़, निशा, दर्शना गौतम, जयदेव माटा, रामकरण कश्यप मौजूद थे।
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- Parmod Kumar Vij (@parmod_vij) 21 Apr 2022
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इस दौरान विश्व हिंदू परिषद् के जिला उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने कहा कि हिंद दी चादर कहलाने वाले नौवें गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा करते हुए हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। विश्व के इतिहास में श्री गुरु तेग बहादुर का स्थान अद्वितीय है।
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- DPR Haryana (@diprharyana) 21 Apr 2022
उन्होंने हमेशा यही संदेश दिया कि किसी भी इंसान को न तो डराना चाहिए और ना ही खुद डरना चाहिए। उन्होंने धर्म प्रसार करते हुए अंधविश्वास की आलोचना करके समाज में नए आदर्श स्थापित किए। उनके द्वारा रचित 15 पद्य भी गुरुग्रंथ साहिब में शामिल हैं। दिल्ली में भी गुरु तेग बहादुर जी की याद में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब बना हुआ है। कार्यक्रम के समापन पर मंगल आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
- SANDEEP SINGH (@flickersingh) 21 Apr 2022
इस अवसर पर मनोज देवान, बृजभूषण गर्ग, प्रमोद गौतम, नानक खन्ना, ओमप्रकाश वशिष्ठ, सतीश बलाना, नरेंद्र शास्त्री, सुनील शर्मा, मोहित, अनिल कुश, अश्वनी शर्मा, शिवानी शर्मा, किरण शर्मा, बबीता, अनिता, संतोष गौड़, निशा, दर्शना गौतम, जयदेव माटा, रामकरण कश्यप मौजूद थे।