जींद। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन की कार्यकर्ताओं का मांगों के समर्थन में धरना शनिवार को भी जारी रहा। इसकी अध्यक्षता आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की महासचिव दयावंती ने की और मंच संचालन नेता लक्ष्मी ने किया।
धरनास्थल पर क्रमिक अनशन पर अनीता, पूनम, नारायणी देवी, बबीता रानी और बबीता देवी मौजूद रहीं। दयावंती ने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि सरकार आज पूंजीपतियों के हक में सारे फैसले ले रही है। दो करोड़ नौकरी देने का वायदा करने वाली भाजपा सरकार के राज में भयंकर रूप से बेरोजगारी बढ़ रही है। इसी प्रकार सरकारी महकमों को प्राइवेट हाथों में सौंप कर प्राइवेट कंपनियों ने ठेकेदारों के माध्यम से लूट मचाई हुई है। आंगनबाड़ी केंद्रों को भी सरकार प्राइवेट हाथों में एनजीओ को सौंपने जा रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। सरकार सेे मांग है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को एनजीओ को नहीं सौंपा जाए। इसके अलावा 2018 में किए आंगनबाड़ी वर्कर्स व सरकार के बीच मांगों को लेकर हुए समझौते के तहत श्रमिक का दर्जा देने के वादे को लागू किया जाए। सुपरवाइजर के सभी पदों पर वर्कर्स की सीधी भर्ती की जाए। मानदेय की बढ़ोतरी, हेल्पर्स के प्रमोशन में बढ़ोतरी, पोषण ट्रैप एप पर रोक लगाने व आयुष्मान योजना से आंगनबाड़ी कर्मचारियों को जोड़ा जाए। इस अवसर पर बिमला, बबीता ईक्कस, सुमन, कृष्णा, सरिता पुष्पा, सुदेश, निर्मला व शकुंतला भी मौजूद रहीं।