फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Garbage collection stopped as soon as the contract was completed, the entire system could not be measured, garbage spread in the city

ठेका पूरा होते ही कूड़ा उठान बंद, नप नहीं करवा पाया पूरी व्यवस्था, शहर में फैला कचरा

Thu, 25 Feb 2021 11:11 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 11:11 PM IST
विज्ञापन
Garbage collection stopped as soon as the contract was completed, the entire system could not be measured, garbage spread in the city
बस स्टैंड के पास लगे कूड़े के ढेर। - फोटो : Jind
जींद। दो महीने से विशेष अनुमति से चल रहा शहर की सफाई का ठेका अब समाप्त हो गया है। 23 फरवरी को ठेका समाप्त होने के बाद वीरवार से ठेकेदार ने कूड़ा उठाने का काम बंद कर दिया है। इस कारण शहर की गलियों और अन्य जगह गंदगी के ढेर लगे दिखाई दिए। हालांकि नगर परिषद अपने ट्रैक्टर व कर्मचारियों से कूड़े का उठान करवा रहा है, लेकिन इससे दिन भर में कुछ जगह से ही कूड़ा उठ पाया। ऐसे में यदि सफाई ठेके पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा जाएगी।
विज्ञापन

गौरतलब है कि शहर की सफाई का ठेका पिछले साल 48 लाख रुपये महीना में था। इसके तहत सभी मुख्य मार्गों की सफाई व घर-घर से कूड़ा उठान व कूड़ा कलेक्शन सेंटर से कूड़ा उठाने का काम शामिल है। अब ठेका समाप्त होने के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शहर में प्रतिदिन 100 टन कूड़ा निकलता है, जिसे ठेकेदार के कर्मचारी व वाहन हांसी रोड स्थित डंपिंग साइट तक पहुंचाते हैं। यह कूड़ा अब आसपास के खाली प्लाटों, सार्वजनिक स्थानों पर ही आएगा। घरों से निकलने वाला कूड़ा जहां पहले सीधा डंपिंग साइट पर पहुंचता था, वहीं अब यह आसपास डाला जा रहा है।
विज्ञापन

156 कर्मचारी, 52 वाहनों से मदद से उठाया जा रहा कचरा
सफाई ठेके के तहत शहर में कूड़ा उठाने के लिए ठेकेदार द्वारा 156 कर्मचारी लगाए गए थे। यह लोग जहां मुख्य मार्गों की सफाई कर रहे थे, वहीं कूड़ा डंपिंग साइट तक भी पहुंचा रहे थे। इसमें 12 बड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली व 40 छोटे ट्रैक्टर व गाड़ियां शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर परिषद के 204 कर्मचारी
नगरपरिषद के 204 सफाई कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों के जिम्मे कॉलोनियों में सफाई का काम है। ऐसे में कूड़ा उठाने की पूरी व्यवस्था ठेकेदार के ही जिम्मे रहती है। जिस फर्म के पास पिछले साल शहर की सफाई का ठेका था, इस बार भी ठेका उसी फर्म को मिला है।
100 से अधिक कूड़ा प्वाइंट
नगरपरिषद ने औपचारिक रूप से कूड़ा कलेक्शन सेंटर बंद कर दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद शहर में 100 से अधिक जगह लोग कूड़ा डालते हैं। ठेकेदार के कर्मचारी यहां से कूड़ा उठाकर इसे हांसी रोड स्थित डंपिंग साइट पर पहुंचाते हैं।
70 लाख रुपये में नया ठेका
करीब दो सप्ताह पहले ही सफाई का नया ठेका भी पूरा हो चुका है, लेकिन इसे मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। इसके अनुसार प्रतिमाह करीब 70 लाख रुपये ठेेकेदार को जाएंगे। इसमें बाजारों से कूड़ा उठान, घरों से कूड़ा उठान, मुख्य मार्गों की सफाई शामिल है।
दो महीने पहले ठेका समाप्त होने पर विशेष अनुमति से काम किया जा रहा था। अब यह ठेका भी समाप्त हो गया है। ऐसे में वीरवार से कूड़ा उठान का काम बंद कर दिया गया है। - सुरेंद्र कुमार, श्रीश्याम एसोसिएट
ठेका समाप्त होने के बाद वीरवार से ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। इसके चलते कूड़ा उठान नहीं हो सका। इसके बावजूद नगर परिषद के दो ट्रैक्टर-ट्रॉली व सफाई कर्मचारियों को लगाया गया है। व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों की जानकारी में मामला है। - नीलम, स्वच्छता निरीक्षक, जींद नगर परिषद
ठेके के लिए अनुमति सरकार को भेजी गई है। इसको लेकर मुख्यालय में बात हुई है। जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा। - डॉ. सुशील कुमार, डीएमसी
यह व्यवस्था का मुद्दा है। तय है कि ठेका समाप्त होना है। इससे पहले ही प्रक्रिया की जाए, ताकि लोगों को परेशानी नहीं हो। इससे स्वच्छ भारत मिशन का क्या होगा। प्रदेश भर की नगर पालिकाओं व परिषदों का यही हाल है। इसके लिए सरकार को व्यवस्था बनानी चाहिए। - नरेंद्र नाडा, प्रधान, सेव संस्था

यह सिर्फ विलंब का नहीं, भ्रष्टाचार का खेल है। इसमें अधिकारियों व नेताओं की योजना चलती है। जींद जैसे शहर में 70 लाख रुपये का ठेका हुआ है, जो आम करदाता की जेब से जाएगा। इसके बावजूद भी सफाई की काई गारंटी नहीं है। अन्ना टीम इससे आधे से भी कम रेट में काम करने को तैयार है, लेकिन काम नहीं मिल रहा। इससे सारी स्थितियां साफ हो जाती हैं। - सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed