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Jind News: मनी लॉंड्रिंग के केस से बचाने के नाम पर 6 लाख की ठगी
Mon, 09 Sep 2024 03:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 09 Sep 2024 03:17 AM IST
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जींद। नरवाना की महिला को फोन कॉल कर मनी लांड्रिंग के केस से बचाने के नाम पर छह लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में नरवाना के हनुमान नगर निवासी अयंतिका साहा ने बताया कि 4 जुलाई को उसके मोबाइल नंबर पर कॉल आई। सामने से कंप्यूटर बोला कि वह टीआरएआई से बोल रहा है। उसने बताया कि आपके आधार कार्ड का प्रयोग करके एक मोबाइल नंबर चालू करवाया गया है। उससे कोई गैरकानूनी फोन कॉल की गई है। इस कारण आपका मौजूदा मोबाइल नंबर ब्लॉक हो जाएगा। उसने बोला कि डिटेल पता करने के लिए एक दबाओ। उन्होंने एक दबाया तो सामने से एक व्यक्ति बोला कि वह टीआरएआई प्रतिनिधि है। उसने अपना नाम विक्रम बताया। अपनी कर्मचारी आईडी टीआरएआई 003214 बताई।
उसने कहा कि मोबाइल नंबर 9743707750 आपके आधार कार्ड का प्रयोग करके चालू करवाया गया है। इस नंबर के कारण आपका मौजूदा मोबाइल नंबर बंद हो जाएगा। उन्होंने उसकी शिकायत दर्ज कर ली है। दूसरा सिम जहां से खरीदा गया है उसके बारे में एक पता बताकर गुमराह किया गया। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि वह उसका फोन आलमबाग पुलिस थाना उत्तर प्रदेश में ट्रांसफर कर रहा है। जब उसने पुलिस थाना में बात की तो सामने वाले ने अपना नाम नीरज कुमार बताया और उसके बाद पूछा कि क्या आपके पास स्काई एप है। इस एप पर वीडियो कॉल करने के लिए कहा गया। इसके लिए एप की लॉगिन आईडी दी गी। इस पर लॉगिन करके जब वीडियो कॉल किया तो बताया गया कि आपके आधार नंबर का प्रयोग करके ह्यूमन ट्रैफिकिंग व मनी लॉन्ड्रिंग किया गया है। इस केस की जांच के लिए सीबीआई कार्यालय आए हुए हैं। इसमें एक अधिकारी ने उनसे दो घंटे तक बात की और उससे एक लाख रुपये मनी लॉन्ड्रिंग के केस से नाम हटवाने के लिए ट्रांसफर करवा लिए। इसे बाद फिर पांच जुलाई को उनके पास एक नंबर से वीडियो कॉल आई और बताया कि आपको सुप्रीम कोर्ट से वारंट जारी हुए हैं। जिसमें आपकी गिरफ्तारी करनी होगी। इससे बचने के लिए आपको जमानत करवानी होगी। इसके लिए सरकारी वकील की जरूरत है। सरकारी वकील की फीस पांच लाख रुपये बताई गई। उन्होंने डर के मारे बताए गए खाते में पांच लाख रुपये फिर डाल दिए। बाद में एहसास हुआ कि उनको डराकर राशि हड़पी गई है। इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में नरवाना के हनुमान नगर निवासी अयंतिका साहा ने बताया कि 4 जुलाई को उसके मोबाइल नंबर पर कॉल आई। सामने से कंप्यूटर बोला कि वह टीआरएआई से बोल रहा है। उसने बताया कि आपके आधार कार्ड का प्रयोग करके एक मोबाइल नंबर चालू करवाया गया है। उससे कोई गैरकानूनी फोन कॉल की गई है। इस कारण आपका मौजूदा मोबाइल नंबर ब्लॉक हो जाएगा। उसने बोला कि डिटेल पता करने के लिए एक दबाओ। उन्होंने एक दबाया तो सामने से एक व्यक्ति बोला कि वह टीआरएआई प्रतिनिधि है। उसने अपना नाम विक्रम बताया। अपनी कर्मचारी आईडी टीआरएआई 003214 बताई।
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उसने कहा कि मोबाइल नंबर 9743707750 आपके आधार कार्ड का प्रयोग करके चालू करवाया गया है। इस नंबर के कारण आपका मौजूदा मोबाइल नंबर बंद हो जाएगा। उन्होंने उसकी शिकायत दर्ज कर ली है। दूसरा सिम जहां से खरीदा गया है उसके बारे में एक पता बताकर गुमराह किया गया। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि वह उसका फोन आलमबाग पुलिस थाना उत्तर प्रदेश में ट्रांसफर कर रहा है। जब उसने पुलिस थाना में बात की तो सामने वाले ने अपना नाम नीरज कुमार बताया और उसके बाद पूछा कि क्या आपके पास स्काई एप है। इस एप पर वीडियो कॉल करने के लिए कहा गया। इसके लिए एप की लॉगिन आईडी दी गी। इस पर लॉगिन करके जब वीडियो कॉल किया तो बताया गया कि आपके आधार नंबर का प्रयोग करके ह्यूमन ट्रैफिकिंग व मनी लॉन्ड्रिंग किया गया है। इस केस की जांच के लिए सीबीआई कार्यालय आए हुए हैं। इसमें एक अधिकारी ने उनसे दो घंटे तक बात की और उससे एक लाख रुपये मनी लॉन्ड्रिंग के केस से नाम हटवाने के लिए ट्रांसफर करवा लिए। इसे बाद फिर पांच जुलाई को उनके पास एक नंबर से वीडियो कॉल आई और बताया कि आपको सुप्रीम कोर्ट से वारंट जारी हुए हैं। जिसमें आपकी गिरफ्तारी करनी होगी। इससे बचने के लिए आपको जमानत करवानी होगी। इसके लिए सरकारी वकील की जरूरत है। सरकारी वकील की फीस पांच लाख रुपये बताई गई। उन्होंने डर के मारे बताए गए खाते में पांच लाख रुपये फिर डाल दिए। बाद में एहसास हुआ कि उनको डराकर राशि हड़पी गई है। इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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