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Jind News: नौकरी लगवाने के नाम पर चार लाख ठगे
Sun, 29 Sep 2024 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 29 Sep 2024 12:05 AM IST
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जींद। खाद्यापूर्ति विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर चार लाख रुपये की धोखाधड़ी करने पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में गांव मांडोखेड़ी निवासी रामपाल ने बताया कि जनवरी 2023 में पूर्व सरपंच संदीप व हैबतपुर निवासी अरुण ने उनके बेटे मोहित को आठ लाख रुपये में फूड सप्लाई विभाग पटियाला, पंजाब में नौकरी लगवाने की बात कही थी। आरोपियों की बातों में आकर उसने चार लाख रुपये अरुण को नकद दे दिए। पैसे लेने के बाद उन्होंने कहा कि मोहित को चंडीगढ़ भेज दो और उसे वहां एक आदमी मिलेगा, जिसे मोहित को ओरिजनल कागजात देने हैं। उसके बाद रामपाल ने उनके बेटे को चंडीगढ़ भेज दिया। वहां उसे संदीप के साथ दो-तीन अन्य व्यक्ति मिले। उन्होंने मोहित के कागजात देखकर कहा कि जब तक आपकी सरकारी नौकरी में काम नहीं बन जाता आपको यहीं रहना है। लगभग तीन महीने तक मोहित चंडीगढ़ में रहा। 12 अप्रैल 2023 को संदीप ने माहित के व्हाट्एसप पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा। उसके बाद रामपाल ने आरोपियों के भेजे गए नियुक्ति पत्र की जांच करवाई तो वह फर्जी मिला। इससे रामपाल को आभास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। रामपाल ने आरोपियों से पैसे मांगे तो उन्होंने देने से मना कर दिया। आरोपियों ने कहा कि अगर उन्होंने यह बात किसी को बताई तो जान से मार देंगे। एएसआई सतीश कुमार ने कहा कि पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
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सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में गांव मांडोखेड़ी निवासी रामपाल ने बताया कि जनवरी 2023 में पूर्व सरपंच संदीप व हैबतपुर निवासी अरुण ने उनके बेटे मोहित को आठ लाख रुपये में फूड सप्लाई विभाग पटियाला, पंजाब में नौकरी लगवाने की बात कही थी। आरोपियों की बातों में आकर उसने चार लाख रुपये अरुण को नकद दे दिए। पैसे लेने के बाद उन्होंने कहा कि मोहित को चंडीगढ़ भेज दो और उसे वहां एक आदमी मिलेगा, जिसे मोहित को ओरिजनल कागजात देने हैं। उसके बाद रामपाल ने उनके बेटे को चंडीगढ़ भेज दिया। वहां उसे संदीप के साथ दो-तीन अन्य व्यक्ति मिले। उन्होंने मोहित के कागजात देखकर कहा कि जब तक आपकी सरकारी नौकरी में काम नहीं बन जाता आपको यहीं रहना है। लगभग तीन महीने तक मोहित चंडीगढ़ में रहा। 12 अप्रैल 2023 को संदीप ने माहित के व्हाट्एसप पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा। उसके बाद रामपाल ने आरोपियों के भेजे गए नियुक्ति पत्र की जांच करवाई तो वह फर्जी मिला। इससे रामपाल को आभास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। रामपाल ने आरोपियों से पैसे मांगे तो उन्होंने देने से मना कर दिया। आरोपियों ने कहा कि अगर उन्होंने यह बात किसी को बताई तो जान से मार देंगे। एएसआई सतीश कुमार ने कहा कि पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।