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दिल्ली से आने वाले किसानों पर होगी पुष्पवर्षा, दो स्वागत द्वार बनाए

Fri, 10 Dec 2021 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 10 Dec 2021 11:36 PM IST
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Flowers will be showered on farmers coming from Delhi, make two welcome gates
किसान आंदोलन में मिली जीत के बाद खुशी जाहिर करते खटकड़ टोल कमेटी के सदस्य एवं किसान। - फोटो : Jind
उचाना। दिल्ली बॉर्डर पर दिए जा रहे धरनों से किसान 11 दिसंबर को घर वापसी करेंगे। एक साल से अधिक चले इस आंदोलन की जीत पर किसानों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं। पंजाब की तरफ से दिल्ली की तरफ हर एक मिनट में दर्जनों गाड़ी व ट्रैक्टर जा रहे हैं। वहां से जुलूस के रूप में 11 दिसंबर को किसान पंजाब जाएंगे।
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दिल्ली से आने वाले किसानों के स्वागत के लिए दो द्वार बनाए गए हैं।
इन किसानों के स्वागत के लिए अलग-अलग जगहों पर तैयारी की हुई है। खटकड़ टोल से होकर जाने वाले किसानों को यहां फूलों की बारिश से स्वागत किया जाएगा। यहां पर स्वागत द्वार भी लगाया गया है। ऐसे ही बड़ौदा से आगे हाईवे पर अतिरिक्त मंडी के पास आढ़ती एसोसिएशन ने किसानों के लिए शुरू किए गए भंडारे से पहले स्वागत द्वार लगाया है। यहां पर भी पंजाब की तरफ जाने वाले किसानों का फूल की बारिश से स्वागत किया जाएगा। अतिरिक्त मंडी में डीजे लगाए जाएंगे, जहां पर किसानी के गाने पूरे दिन बजेंगे। भंडारे में अब किसानों के लिए देसी घी की जलेबी, खीर व हलवा बनाया जा रहा है। भंडारे में पंजाब से पहुंचे गुरविंद्र सिंह व रजिंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा-पंजाब एक होंगे तो जीत लेंगे मोर्चा। इस आंदोलन ने हरियाणा पंजाब के भाईचारे को बढ़ाया है। एक साल से अधिक समय तक दिल्ली बॉर्डर पर धरना हरियाणा व पंजाब के किसान दे रहे हैं। पंजाब वाले हरियाणवी तो हरियाणा वाले पंजाबी सीख गए। इस आंदोलन की जीत किसान, मजदूर व व्यापारी की जीत है। 700 से अधिक किसानों को इस आंदोलन में हमने खो दिया है।
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किसानों का होगा जोरदार स्वागत
खटकड़ टोल कमेटी प्रधान सतबीर पहलवान ने बताया कि दिल्ली से पंजाब की तरफ आने वाले किसानों का टोल पर जोरदार स्वागत होगा। यहां पर उनके ऊपर फूलवर्षा होगी तो देसी घी की बूंदी किसानों के लिए बनाई गई है। स्वागत गेट भी यहां पर बनाया गया है। 14 दिसंबर को खटकड़ टोल पर लंबे आंदोलन में साथ देने पर बधाई देने राकेश टिकैत, युद्धवीर सिंह, रवि आजाद, अभिमन्यु कोहाड़, विकास सींसर व सुरेश गोयत पहुंचेंगे। 15 दिसंबर को टोल से धरना समाप्त हो जाएगा। इसकी जानकारी उचाना प्रशासन को दे दी गई है।
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द फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन प्रधान वीरेंद्र संदलाना ने कहा कि एक साल 13 दिन तक लगातार आंदोलन शांति व संयम से चला। इस आंदोलन में किसान, मजदूर व व्यापारी की जीत हुई। कृषि कानून केंद्र सरकार को रद्द करने पड़े तो जो मांगे किसान संगठनों की थी वह भी माननी पड़ी। आंदोलन से पूरे विश्व में संदेश दिया है कि जनता की ताकत सबसे बड़ी ताकत होती है। शांति व संयम से कोई भी लड़ाई जीती जा सकती है। 11 दिसंबर को किसानों को जोरदार स्वागत हाईवे मंडी के पास आढ़तियों द्वारा लगाए गए भंडारे के पास किया जाएगा।
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