{"_id":"67cc8faceb3721f1150ebb64","slug":"female-advocates-of-the-bar-will-become-a-support-for-helpless-women-jind-news-c-199-1-sroh1009-131191-2025-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: असहाय महिलाओं के लिए सहारा बनेंगी बार की महिला अधिवक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: असहाय महिलाओं के लिए सहारा बनेंगी बार की महिला अधिवक्ता
Sun, 09 Mar 2025 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 09 Mar 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
08जेएनडी15: बार में महिला अधिवक्ता अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को केक काटकर मनाती हुई। अधिवक्ता
- फोटो : विजयी खिलाड़ियों के साथ मौजूद प्रतियोगिता के आयोजक।
जींद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बार में महिला अधिवक्ताओं ने जरूरतमंद महिलाओं की सहायता करने का संकल्प लिया है। वह इस संकल्प को अपनी वकालत के माध्यम से पूरा करेंगे। जो महिला व युवती आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अदालत में केस लड़ने के लिए वकील नहीं कर पाती। उनकी वकालत अब बार की महिला वकीलों ने निशुल्क करने का निर्णय लिया है।
अधिवक्ता शालू शर्मा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला बार में महिला अधिवक्ताओं ने संगठित रूप से काम करने। किसी भी क्षेत्र में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लड़ने व महिलाओं को समाज में आगे बढ़ाने के लिए काम करने का फैसला किया है। अधिवक्ताओं ने बताया कि वह पहले भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए काम करती थी, लेकिन अब हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे ले जाने के लिए वह काम करेंगी। जो भी महिला पीड़ित हैं और अधिवक्ताओं की फीस वहन नहीं कर सकती। वह महिला उनके मिलकर अपने केस की पैरवी कराने के लिए उनके पास आएं। उन्होंने यह संकल्प अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लिया है, ताकि समाज में कोई पीड़ित न रहें। इस मौके पर बिंदू चौधरी, सुशीला धनखड़, ज्योति मान, ज्योति यादव, मनजीत, कांता शर्मा मौजूद रहे।
पहले भी कर रही हैं जरूरतमंदों की सहायता
यह महिला अधिवक्ता पहले भी त्योहारों पर जरूरतमंदों की सहायता के लिए काम कर रही हैं। इसके अलावा स्कूल व कॉलेजों में जाकर छात्राओं को आत्मरक्षा, कानूनी जागरूकता के लिए भी जागरूक करती हैं। यह महिला अधिवक्ता कई सामाजिक संगठनों के साथ भी जुड़कर काम करती हैं, लेकिन इस बार इनका यह फैसला अदालत में आने वाली असहाय महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिवक्ता शालू शर्मा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला बार में महिला अधिवक्ताओं ने संगठित रूप से काम करने। किसी भी क्षेत्र में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लड़ने व महिलाओं को समाज में आगे बढ़ाने के लिए काम करने का फैसला किया है। अधिवक्ताओं ने बताया कि वह पहले भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए काम करती थी, लेकिन अब हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे ले जाने के लिए वह काम करेंगी। जो भी महिला पीड़ित हैं और अधिवक्ताओं की फीस वहन नहीं कर सकती। वह महिला उनके मिलकर अपने केस की पैरवी कराने के लिए उनके पास आएं। उन्होंने यह संकल्प अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लिया है, ताकि समाज में कोई पीड़ित न रहें। इस मौके पर बिंदू चौधरी, सुशीला धनखड़, ज्योति मान, ज्योति यादव, मनजीत, कांता शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
पहले भी कर रही हैं जरूरतमंदों की सहायता
यह महिला अधिवक्ता पहले भी त्योहारों पर जरूरतमंदों की सहायता के लिए काम कर रही हैं। इसके अलावा स्कूल व कॉलेजों में जाकर छात्राओं को आत्मरक्षा, कानूनी जागरूकता के लिए भी जागरूक करती हैं। यह महिला अधिवक्ता कई सामाजिक संगठनों के साथ भी जुड़कर काम करती हैं, लेकिन इस बार इनका यह फैसला अदालत में आने वाली असहाय महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है।
विज्ञापन