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Jind News: किसान संगठन ने लगाए नमी के नाम पर कटौती के आरोप
Tue, 07 Oct 2025 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:54 AM IST
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06जेएनडी18-अतिरिक्त मंडी में धरने पर बैठे किसान एवं अनशन कर रहे बलराज श्योकंद। संवाद
- फोटो : bhadrawah news
उचाना। पीआर धान में नमी के नाम पर कटौती को लेकर संयुक्त किसान और मजदूर मोर्चा ने सोमवार को अतिरिक्त मंडी के गेट पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया। ये धरना किसान नेता आजाद पालवां की अगुवाई में शुरू किया गया।
इस दौरान मंडी के पूर्व प्रधान बलराज श्योकंद ने अनिश्चित कालीन अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पीआर धान की खरीद में नमी के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। पीआर धान उचाना में भाव कम मिलने से किसान दूसरी मंडियों में जाकर बेच रहे है।
किसान कम भाव मिलने पर पीआर दान मंडी लेकर नहीं आएगा तो आढ़ती क्या करेंगे। किसानों को पीआर धान का सही भाव मिलना चाहिए। यहां पर अतिरिक्त मिलर अलॉट किए जाए ताकि जो पीआर धान है वो सही बिक सकें। फिलहाल दो मिलर अलॉट है। जब तक पीआर धान सही भाव पर नहीं बिकेगी तब तक अनशन जारी रहेगा।
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आजाद पालवां ने कहा कि सरकार एमएसपी भाव पर पीआर धान खरीद के दावे कर रही है। उचाना में नमी के नाम पर फसल के कम भाव किसानों को दिए जा रहे है। अब तक जितनी भी पीआर धान की खरीद हुई है उसकी जांच कर किसानों को पूरा एमएसपी भाव दिया जाए।
सीएम नायब सिंह सैनी ने चुनाव में 3100 रुपये पीआर धान में खरीदने का वायदा किया था। आज एमएसपी भी किसानों को नहीं मिल रहा है। 3100 रुपये बेशक किसानों को न प्रति क्विंटल दे लेकिन एमएसपी भाव तो किसानों को दे। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। जो नमी के नाम पर कटौती हुई है उसको लेकर शासन, प्रशासन जांच करें।
मार्केट कमेटी सचिव योगेश गुप्ता ने कहा कि खरीद पीआर की सुचारू रूप से जारी है। 17 प्रतिशत तक नमी वाली पीआर धान जो मापदंड पर खरीद उतर रही है उसको खरीदा जा रहा है। जो आरोप लगाए गए है वो बेबुनियाद है।
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इस दौरान मंडी के पूर्व प्रधान बलराज श्योकंद ने अनिश्चित कालीन अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पीआर धान की खरीद में नमी के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। पीआर धान उचाना में भाव कम मिलने से किसान दूसरी मंडियों में जाकर बेच रहे है।
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किसान कम भाव मिलने पर पीआर दान मंडी लेकर नहीं आएगा तो आढ़ती क्या करेंगे। किसानों को पीआर धान का सही भाव मिलना चाहिए। यहां पर अतिरिक्त मिलर अलॉट किए जाए ताकि जो पीआर धान है वो सही बिक सकें। फिलहाल दो मिलर अलॉट है। जब तक पीआर धान सही भाव पर नहीं बिकेगी तब तक अनशन जारी रहेगा।
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आजाद पालवां ने कहा कि सरकार एमएसपी भाव पर पीआर धान खरीद के दावे कर रही है। उचाना में नमी के नाम पर फसल के कम भाव किसानों को दिए जा रहे है। अब तक जितनी भी पीआर धान की खरीद हुई है उसकी जांच कर किसानों को पूरा एमएसपी भाव दिया जाए।
सीएम नायब सिंह सैनी ने चुनाव में 3100 रुपये पीआर धान में खरीदने का वायदा किया था। आज एमएसपी भी किसानों को नहीं मिल रहा है। 3100 रुपये बेशक किसानों को न प्रति क्विंटल दे लेकिन एमएसपी भाव तो किसानों को दे। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। जो नमी के नाम पर कटौती हुई है उसको लेकर शासन, प्रशासन जांच करें।
मार्केट कमेटी सचिव योगेश गुप्ता ने कहा कि खरीद पीआर की सुचारू रूप से जारी है। 17 प्रतिशत तक नमी वाली पीआर धान जो मापदंड पर खरीद उतर रही है उसको खरीदा जा रहा है। जो आरोप लगाए गए है वो बेबुनियाद है।