फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Farmers locked the Tehsil office for the third time In Julana

जींद: जुलाना में किसानों ने तीसरी बार फिर जड़ा तहसील कार्यालय पर ताला, 10 किसान गिरफ्तार, कई पर केस दर्ज

Wed, 01 Jun 2022 11:18 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जुलाना, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जुलाना, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 01 Jun 2022 11:18 PM IST
सार

10-15 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। किसानों का कहना है कि गिरफ्तार किसानों की रिहाई व मुआवजे की मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। दोनों गेटों पर ताला जड़ा गया। 

विज्ञापन
Farmers locked the Tehsil office for the third time In Julana
तहसील कार्यालय पर ताला लगाते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के जींद जिले के जुलाना में तहसील कार्यालय के गेट के बाहर खराब हुईं फसलों का मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने बुधवार को तीसरी बार तहसील कार्यालय के दोनों गेटों पर ताला जड़ दिया और गेट के बाहर धरना दिया। धरने की अध्यक्षता पूर्व पार्षद वेदपाल लाठर ने की।

विज्ञापन


मंगलवार शाम को पुलिस ने दस किसानों को हिरासत में लिया था। बाद में उनकी गिरफ्तारी डालकर उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बुधवार सुबह जैसे ही अन्य किसानों को इसका पता चला तो काफी संख्या में किसानों ने तहसील कार्यालय पर ताला लगाकर धरना शुरू कर दी। 
विज्ञापन


बुधवार को जुलाना के लंगरघर पर किसानों की बैठक हुई। यहां किसानों ने निर्णय लिया गया कि जब तक गिरफ्तार किए गए किसानों की रिहाई नहीं हो जाती और मुआवजा नहीं मिलता, तब तक तहसील कार्यालय का ताला नहीं खोला जाएगा। इसके बाद कापी संख्या में किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और दोनों गेटों पर ताला लगा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ताला लगने की सूचना पाकर जुलाना पुलिस भारी संख्या में तहसील कार्यालय में तैनात रही। किसानों ने तहसील कार्यालय को खाली करवा दिया और दोनों गेट के बाहर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। भाकियू के अलावा अन्य किसान संगठनों ने भी धरने का समर्थन किया। 

वेदपाल लाठर ने कहा कि किसान को अपना हक पाने के लिए खून के आंसू बहाने पड़े रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। प्राकृतिक आपदा के दो साल बाद भी किसानों को उनके हक का मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने कहा कि जब तक उन्हें खराब हुईं फसलों का मुआवजा नहीं मिलता, उनका धरना जारी रहेगा। 
 
तहसील कार्यालय पर ताला जड़ने के आरोप में मंगलवार रात को पुलिस ने 10 किसानों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। तहसीलदार राकेश मलिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जुलाना बारहा के कार्यकारी प्रधान बसाऊ लाठर, आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान राजपाल, शादीपुर के पूर्व सरपंच कुलवंत, भाकियू के जिला उपप्रधान नरेंद्र ढांडा, पवन करसोला, बिजेंद्र लाठर, सुमित लाठर, बिजेंद्र, पवन व 10-15 अन्य किसानों ने तहसील कार्यालय को ताला जड़ दिया।

इस कारण सरकारी कार्य बाधित हुआ है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दस किसानों को नामजद करते हुए 10-15 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। मंगलवार शाम को ही सभी नामजद किसानों को हिरासत में ले लिया गया। रात को ही उनको अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। 

जुलाना की अनाज मंडी भी रही बंद
तहसील कार्यालय पर ताला जड़ने के आरोप में गिरफ्तार किसानों की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को अनाज मंडी भी बंद रही। आढ़तियों ने मंडी को बंद रखा और कोई भी खरीद का काम नहीं हो पाया। आढ़तियों का कहना है कि जब तक गिरफ्तार किसानों की रिहाई नहीं होती, तब तक वह मंडी में फसल की खरीद का कोई काम नहीं करेंगे।


डीएसपी पहुंचे, नहीं माने किसान
तहसील गेट पर दोपहर को डीएसपी धर्मबीर खर्ब पहुंचे और किसानों को मनाने का प्रयास किया,  लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने कहा कि जब तक गिरफ्तार किसानों की रिहाई नहीं हो जाती और मुआवजा नहीं मिल जाता, वह ताला नहीं खोलेंगे। डीएसपी ने कहा कि न्यायिक हिरासत में जाने के बाद अदालत के जरिये जमानत होती है। जमानत के बाद वह केस वापसी पर विचार करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed