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Jind News: 21 दिन से धरने पर डटे किसान, ऑपरेटर की गिरफ्तारी और स्टाफ के तबादले की मांग उठाई
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10 सफीदों 1गांव हाट में धरने पर नौवें दिन भूख हड़ताल पर बैठे हुए किसान एवं ग्रामीण। स्रोत किस
- फोटो : archive
सफीदों। गांव हाट के 33 केवी बिजलीघर में वकील प्रवीण कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों का धरना शनिवार को 21वें दिन भी जारी रहा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष नवीन मलिक की अध्यक्षता में 10 किसान लगातार नौवें दिन भूख हड़ताल पर बैठे रहे। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी चारों मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर बैठे किसानों ने बिजली निगम के ऑपरेटर मनीष की गिरफ्तारी, बिजलीघर के पूरे स्टाफ का तबादला, गांव में खराब बिजली तारों को बदलने और जगमग योजना के तहत 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि बिजलीघर से जुड़ी शिकायतों और गांव की बिजली समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए।
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10 किसानों ने संभाला भूख हड़ताल का मोर्चा
भूख हड़ताल पर बैठने वालों में ऋषिपाल (45), नरेश शर्मा (46), सत्यवान (65), जगदीश बूरा (70), जोगेंद्र रेढ़ू (64), शमशेर बूरा (63), शमशेर सिंह (58), किताब सिंह (73), विजेंद्र विश्वकर्मा (56) और शमशेर सैनी (63) शामिल रहे। किसान नेताओं का कहना है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक संघर्ष पीछे नहीं हटेगा।
जगमग योजना के बावजूद 13 घंटे ही मिल रही बिजली
धरने के दौरान ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव को वर्ष 2022 में जगमग योजना से जोड़ा गया था लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्रतिदिन करीब 13 घंटे ही बिजली मिल रही है। आरोप है कि निर्धारित आपूर्ति के दौरान भी अघोषित कट लगते रहते हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बिजली निगम से खराब तारों को बदलने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
16 सितंबर की रात वकील से कथित मारपीट का आरोप
बता दें कि 16 सितंबर की रात वकील प्रवीण कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि घर की बिजली खराब होने की शिकायत लेकर बिजलीघर पहुंचने पर लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने चोट पहुंचाने, शिकायतें वापस लेने का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ग्रामीण एसडीओ प्रभात, जेई रतनलाल, जेई राजेंद्र, लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। किसान अब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
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भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष नवीन मलिक की अध्यक्षता में 10 किसान लगातार नौवें दिन भूख हड़ताल पर बैठे रहे। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी चारों मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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धरने पर बैठे किसानों ने बिजली निगम के ऑपरेटर मनीष की गिरफ्तारी, बिजलीघर के पूरे स्टाफ का तबादला, गांव में खराब बिजली तारों को बदलने और जगमग योजना के तहत 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि बिजलीघर से जुड़ी शिकायतों और गांव की बिजली समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए।
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10 किसानों ने संभाला भूख हड़ताल का मोर्चा
भूख हड़ताल पर बैठने वालों में ऋषिपाल (45), नरेश शर्मा (46), सत्यवान (65), जगदीश बूरा (70), जोगेंद्र रेढ़ू (64), शमशेर बूरा (63), शमशेर सिंह (58), किताब सिंह (73), विजेंद्र विश्वकर्मा (56) और शमशेर सैनी (63) शामिल रहे। किसान नेताओं का कहना है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक संघर्ष पीछे नहीं हटेगा।
जगमग योजना के बावजूद 13 घंटे ही मिल रही बिजली
धरने के दौरान ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव को वर्ष 2022 में जगमग योजना से जोड़ा गया था लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्रतिदिन करीब 13 घंटे ही बिजली मिल रही है। आरोप है कि निर्धारित आपूर्ति के दौरान भी अघोषित कट लगते रहते हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बिजली निगम से खराब तारों को बदलने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
16 सितंबर की रात वकील से कथित मारपीट का आरोप
बता दें कि 16 सितंबर की रात वकील प्रवीण कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि घर की बिजली खराब होने की शिकायत लेकर बिजलीघर पहुंचने पर लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने चोट पहुंचाने, शिकायतें वापस लेने का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ग्रामीण एसडीओ प्रभात, जेई रतनलाल, जेई राजेंद्र, लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। किसान अब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।