{"_id":"65e61cea492cc875620239a4","slug":"farmers-demand-compensation-for-crops-damaged-by-hailstorm-jind-news-c-199-1-sroh1007-113848-2024-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का मांगा किसानों ने मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का मांगा किसानों ने मुआवजा
Tue, 05 Mar 2024 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 05 Mar 2024 12:41 AM IST
विज्ञापन
जींद। जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का किसानों ने मुआवजा मांगना शुरू कर दिया है। सोमवार को आधा दर्जन गांवों के किसान डीसी कार्यालय पहुंचे और मुआवजे की मांग की। किसानों ने डीसी से स्पेशल गिरदावरी करवाकर जल्द मुआवजा देने की मांग की।
जिले में दो लाख 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल की बिजाई की गई है। नरवाना व उचाना में सबसे ज्यादा फसल खराब हुई है। जिले में सरसों की फसल 70 प्रतिशत तथा गेहूं की फसल 50 प्रतिशत खराब हो गई है। इसके अलावा 10 हजार एकड़ में सरसों की फसल है। डीसी कार्यालय पहुंचे छात्तर, मांडी, घोघड़िया, लखमीरवाला, बददोवाल, बेलरखां के किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से उनकी फसल खराब हो गई है। किसान धर्मबीर, रामेश्वर, सुरेश कुमार, प्रमोद कुमार, नरेंद्र घोघड़िया, रामदिया नंबरदार, पाला, महावीर व बारू ने कहा कि फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। तेज हवा के कारण पूरी गेहूं की फसल गिर गई है। किसानों ने बताया कि जिले के उचाना व नरवाना क्षेत्र में ज्यादा ओलावृष्टि होने के कारण उनकी फसल शत प्रतिशत खराब हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 60 हजार रुपये प्रति एकड़ में जमीन ठेके पर लेकर गेहूं की फल बीजी थी, लेकिन अब ओलावृष्टि से वह नष्ट हो गई है। अब तक उस पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ का खर्च भी किया है। जींद के अलावा उचाना उपमंडल कार्यालय में उचाना क्षेत्र के गांवों से काफी संख्या में किसान पहुंचे और एसडीएम अनिल दून को स्पेशल गिरदावरी करवाने और 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की।
सबसे अधिक नरवाना और उचाना में नुकसान
2 फरवरी को नरवाना क्षेत्र में सबसे अधिक 100 एमएम बारिश हुई थी, जबकि उचाना में 51, अलेवा में 40, पिल्लूखेड़ा में 34, सफीदों में 15 एमएम व जींद में 7.2 तो जुलाना में एक एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इसके अलावा नरवाना व उचाना क्षेत्र में ओलावृष्टि भी सबसे अधिक हुई थी। सफीदों, जींद, अलेवा, पिल्लूखेड़ा में हल्की ओलावृष्टि हुई थी। इन खंडों में भी किसानों की फसलों में बरसात व ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
डीसी ने दिया आश्वासन
किसानों ने बताया कि डीसी ने उनको आश्वासन दिया है कि जल्द ही फसलों की गिरदावरी करवाई जाएगी, ताकि किसानों के नुकसान का आकलन किया जा सके। इसकी रिपोर्ट को सरकार के पास भेजा जाएगा। किसान फसल खराबे की रिपोर्ट खुद क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी कर सकते हैं। इसको खोल दिया गया है। इस पर किसान 72 घंटे के अंदर अपनी फसल का फोटो लोकेशन समेत अपलोड कर सकते हैं।
विज्ञापन
जिले में दो लाख 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल की बिजाई की गई है। नरवाना व उचाना में सबसे ज्यादा फसल खराब हुई है। जिले में सरसों की फसल 70 प्रतिशत तथा गेहूं की फसल 50 प्रतिशत खराब हो गई है। इसके अलावा 10 हजार एकड़ में सरसों की फसल है। डीसी कार्यालय पहुंचे छात्तर, मांडी, घोघड़िया, लखमीरवाला, बददोवाल, बेलरखां के किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से उनकी फसल खराब हो गई है। किसान धर्मबीर, रामेश्वर, सुरेश कुमार, प्रमोद कुमार, नरेंद्र घोघड़िया, रामदिया नंबरदार, पाला, महावीर व बारू ने कहा कि फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। तेज हवा के कारण पूरी गेहूं की फसल गिर गई है। किसानों ने बताया कि जिले के उचाना व नरवाना क्षेत्र में ज्यादा ओलावृष्टि होने के कारण उनकी फसल शत प्रतिशत खराब हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 60 हजार रुपये प्रति एकड़ में जमीन ठेके पर लेकर गेहूं की फल बीजी थी, लेकिन अब ओलावृष्टि से वह नष्ट हो गई है। अब तक उस पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ का खर्च भी किया है। जींद के अलावा उचाना उपमंडल कार्यालय में उचाना क्षेत्र के गांवों से काफी संख्या में किसान पहुंचे और एसडीएम अनिल दून को स्पेशल गिरदावरी करवाने और 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
सबसे अधिक नरवाना और उचाना में नुकसान
2 फरवरी को नरवाना क्षेत्र में सबसे अधिक 100 एमएम बारिश हुई थी, जबकि उचाना में 51, अलेवा में 40, पिल्लूखेड़ा में 34, सफीदों में 15 एमएम व जींद में 7.2 तो जुलाना में एक एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इसके अलावा नरवाना व उचाना क्षेत्र में ओलावृष्टि भी सबसे अधिक हुई थी। सफीदों, जींद, अलेवा, पिल्लूखेड़ा में हल्की ओलावृष्टि हुई थी। इन खंडों में भी किसानों की फसलों में बरसात व ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
डीसी ने दिया आश्वासन
किसानों ने बताया कि डीसी ने उनको आश्वासन दिया है कि जल्द ही फसलों की गिरदावरी करवाई जाएगी, ताकि किसानों के नुकसान का आकलन किया जा सके। इसकी रिपोर्ट को सरकार के पास भेजा जाएगा। किसान फसल खराबे की रिपोर्ट खुद क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी कर सकते हैं। इसको खोल दिया गया है। इस पर किसान 72 घंटे के अंदर अपनी फसल का फोटो लोकेशन समेत अपलोड कर सकते हैं।