{"_id":"6acaae687a6cbe01310e4424","slug":"farmers-announce-that-they-will-lock-market-offices-across-the-state-on-october-14-jind-news-c-199-1-jnd1005-161868-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: किसानों का ऐलान, 14 अक्तूबर को प्रदेशभर में मंडी कार्यालयों पर जड़ेंगे ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: किसानों का ऐलान, 14 अक्तूबर को प्रदेशभर में मंडी कार्यालयों पर जड़ेंगे ताले
विज्ञापन
फोटो 2 नरवाना। दो किसान मोर्चों की संयुक्त बैठक में शामिल होने पहुंचे किसान। स्रोत किसान।
- फोटो : archive
नरवाना। फसलों की खरीद में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम भाव मिलने, खरीद संबंधी शर्तों और कथित अवैध कटौती के विरोध में हरियाणा के किसान संगठन एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।
शनिवार को नरवाना के किसान रेस्ट हाउस में संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा और हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा की बैठक में 14 अक्तूबर को प्रदेशभर में मार्केट कमेटी कार्यालयों पर तालाबंदी करने का निर्णय लिया गया। किसान सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता रतन मान, लखविंदर औलख, बलबीर सिंह और मनदीप नथवान ने की। इसमें दोनों मोर्चों के 23 घटक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मंडियों में धान और बाजरे की खरीद में किसानों को परेशान किया जा रहा है। धान का भाव निर्धारित एमएसपी 2461 रुपये और बाजरे का भाव 2900 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद फसलें इससे कम भाव पर बिक रही हैं।
विज्ञापन
खरीद में प्रति एकड़ सीमा, जिलों से संबंधित शर्तों, पोर्टल की बाधाओं और अवैध कटौती को भी किसान विरोधी बताया गया। बैठक में दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे छात्र-युवाओं पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों का विरोध करते हुए उनकी रिहाई की मांग की गई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर किसान संगठन भी छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरेंगे। इसके अलावा गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का काम निजी कंपनियों को सौंपने के फैसले का विरोध किया गया।
इन मांगों और मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन
धान और बाजरे की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से कम कीमत पर खरीद पर रोक लगाई जाए।
प्रति एकड़ खरीद सीमा और जिलों से संबंधित सभी शर्तें हटाई जाएं।
पोर्टल से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए और अवैध कटौती पर रोक लगाई जाए।
गिरफ्तार छात्र-युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए।
बिजली वितरण के निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए।
विज्ञापन
शनिवार को नरवाना के किसान रेस्ट हाउस में संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा और हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा की बैठक में 14 अक्तूबर को प्रदेशभर में मार्केट कमेटी कार्यालयों पर तालाबंदी करने का निर्णय लिया गया। किसान सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
विज्ञापन
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता रतन मान, लखविंदर औलख, बलबीर सिंह और मनदीप नथवान ने की। इसमें दोनों मोर्चों के 23 घटक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मंडियों में धान और बाजरे की खरीद में किसानों को परेशान किया जा रहा है। धान का भाव निर्धारित एमएसपी 2461 रुपये और बाजरे का भाव 2900 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद फसलें इससे कम भाव पर बिक रही हैं।
विज्ञापन
खरीद में प्रति एकड़ सीमा, जिलों से संबंधित शर्तों, पोर्टल की बाधाओं और अवैध कटौती को भी किसान विरोधी बताया गया। बैठक में दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे छात्र-युवाओं पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों का विरोध करते हुए उनकी रिहाई की मांग की गई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर किसान संगठन भी छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरेंगे। इसके अलावा गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का काम निजी कंपनियों को सौंपने के फैसले का विरोध किया गया।
इन मांगों और मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन
धान और बाजरे की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से कम कीमत पर खरीद पर रोक लगाई जाए।
प्रति एकड़ खरीद सीमा और जिलों से संबंधित सभी शर्तें हटाई जाएं।
पोर्टल से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए और अवैध कटौती पर रोक लगाई जाए।
गिरफ्तार छात्र-युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए।
बिजली वितरण के निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए।