फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Farmers and laborers surrounded the sub-divisional office, expressed their anger

किसानों और मजदूरों ने उपमंडल कार्यालय का किया घेराव, जताया रोष

Thu, 21 Oct 2021 10:27 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 Oct 2021 10:27 PM IST
विज्ञापन
Farmers and laborers surrounded the sub-divisional office, expressed their anger
उपमंडल कार्यालय में घेराव को लेकर पहुंचे किसान और मजदूर। संवाद - फोटो : Jind
उचाना। गुलाबी सुंडी से खराब हुई कपास की फसल का मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर किसानों व मजदूरों ने वीरवार को उपमंडल कार्यालय का घेराव किया। साथ ही इन लोगों ने एलान किया कि शुक्रवार से उपमंडल कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
विज्ञापन

इससे पहले वीरवार सुबह ही किसान व मजदूर अतिरिक्त मंडी में एकत्रित हुए। यहां से ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों के साथ उपमंडल कार्यालय पहुंचे। उपमंडल कार्यालय के मेन गेट के बाहर किसानों व मजदूरों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया गया। किसानों ने मांगों को लेकर एसडीएम डॉ. राजेश खोथ को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, उपमंडल कार्यालय के बाहर धरना जारी रहेगा। भाकियू (चढूनी) के जिलाध्यक्ष आजाद पालवां, किसान सभा जिला प्रधान रोहताश नगूरां, सूबेदार बलबीर बड़ौदा ने कहा कि गुलाबी सुंडी से इस बार कपास की फसल खराब हो चुकी है। सरसों की बिजाई के लिए किसानों ने इन खेतों की जुताई भी कर दी है। गुलाबी सुंडी से कई गांवों में तो पूरी की पूरी फसल खराब हो चुकी है। अब तक सरकार द्वारा गुलाबी सुंडी से खराब हुई फसल की गिरदावरी नहीं की जा रही है। इसको लेकर डीसी, एसडीएम, तहसीलदार को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई गिरदावरी नहीं हुई है। किसान पटवारी के पास जाते हैं तो वो कहते हैं कि उनके पास सिर्फ जलभराव से खराब हुई फसल की गिरदावरी करने का पत्र आया हुआ है। किसानों ने कहा कि गुलाबी सुंडी से खराब हुई फसल की गिरदावरी भी सरकार करवाकर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे। इस मौके पर सिक्किम सफा खेड़ी, दिलबाग घोघड़ियां, बलिंद्र उचाना, एडवोकेट मनोज श्योकंद, प्रताप अलेवा, अनिल बैनीवाल, पाला बड़ौदा, वेदप्रकाश शर्मा, अमरजीत खटकड़, धर्मबीर सुदकैन, लीला सेढ़ा माजरा, हर नारायण घोघड़ियां, रामनिवास धनखड़ी, मास्टर बलबीर सिंह, रमेश कामरेड व ज्ञानीराम कामरेड मौजूद रहे।
विज्ञापन

किसानों को किया जा रहा परेशान
इस दौरान आजाद पालवां ने कहा कि मंडी में पीआर धान में नमी के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। यदि किसानों का धान बिक भी जाता है तो बारदान नहीं आने के कारण उसे मंडी में ही इंतजार करना पड़ रहा है। कई किसान तो 15-15 दिन से धान बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाजरे का मिले उचित भाव
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार की भावांतर योजना से किसानों को बाजरे का उचित भाव नहीं मिल रहा है। सरकार 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर योजना के तहत देगी। किसान का बाजरा 1200 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। ऐसे में किसान को एमएसपी जो बाजरे का निर्धारित है उससे 200 से 400 रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहे हैं। सरकार को पूरा भाव देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed