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Jind News: 5.65 लाख से अधिक किसानों की बननी है फार्मर आईडी, अब तक सिर्फ 73,743 ने कराया पंजीकरण
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19जेएनडी05: सीएससी सेंटर का लॉगो। संवाद
जींद। जिले के किसानों के लिए फार्मर आईडी बनवाना अब जरूरी हो गया है। सरकार भविष्य में कृषि योजनाओं, फसल खरीद, मुआवजा, अनुदान समेत अन्य सुविधाओं का लाभ फार्मर आईडी के आधार पर देने की तैयारी में है।
जिले में 5 लाख 65 हजार 269 किसानों की आईडी बनाई जानी है लेकिन अब तक 73 हजार 743 किसानों ने ही पंजीकरण करवाया है। ऐसे में 4 लाख 91 हजार 526 किसानों की आईडी बननी अभी बाकी है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर निशुल्क फार्मर आईडी बनवाएं। इसके लिए आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी विवरण की आवश्यकता होगी।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे किसान की भूमि, फसल, बैंक खाते और अन्य जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगी।
भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, खाद-बीज पर मिलने वाली सहायता और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद जैसी सेवाओं का लाभ लेने में फार्मर आईडी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार विभिन्न योजनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है। ऐसे में जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी होगी, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, दस्तावेजों के सत्यापन और फसल संबंधी सहायता प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भविष्य में कई सेवाओं के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होने की संभावना भी जताई जा रही है।
बाक्स
जिले में अभी बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है। समय रहते फार्मर आईडी बनवाने की अपील किसानों से की जा रही है ताकि भविष्य में असुविधा न हो और योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे। जिले के किसानों को इस कार्य के लिए जागरूकता दिखाने की जरूरत है।-डॉ. गिरीश नागपाल, डीडीए
बाक्स
जिले के सभी सीएससी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की आईडी गांवों में निशुल्क बनाई जाएं। इसके लिए जरूरत पड़े तो शिविर भी सीएससी संचालक लगा सकते हैं। इसके लिए सीएससी संचालकों को सरकार की तरफ से 15 रुपये प्रति आईडी दी जाएगी। इसके लिए किसान से पैसे नहीं लेने हैं। यदि कोई सीएससी संचालक इस काम के बदले रुपये मांगता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कुमार, डीएम सीएससी
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जिले में 5 लाख 65 हजार 269 किसानों की आईडी बनाई जानी है लेकिन अब तक 73 हजार 743 किसानों ने ही पंजीकरण करवाया है। ऐसे में 4 लाख 91 हजार 526 किसानों की आईडी बननी अभी बाकी है।
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कृषि विभाग की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर निशुल्क फार्मर आईडी बनवाएं। इसके लिए आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी विवरण की आवश्यकता होगी।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे किसान की भूमि, फसल, बैंक खाते और अन्य जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगी।
भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, खाद-बीज पर मिलने वाली सहायता और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद जैसी सेवाओं का लाभ लेने में फार्मर आईडी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार विभिन्न योजनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है। ऐसे में जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी होगी, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, दस्तावेजों के सत्यापन और फसल संबंधी सहायता प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भविष्य में कई सेवाओं के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होने की संभावना भी जताई जा रही है।
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जिले में अभी बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है। समय रहते फार्मर आईडी बनवाने की अपील किसानों से की जा रही है ताकि भविष्य में असुविधा न हो और योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे। जिले के किसानों को इस कार्य के लिए जागरूकता दिखाने की जरूरत है।-डॉ. गिरीश नागपाल, डीडीए
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जिले के सभी सीएससी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की आईडी गांवों में निशुल्क बनाई जाएं। इसके लिए जरूरत पड़े तो शिविर भी सीएससी संचालक लगा सकते हैं। इसके लिए सीएससी संचालकों को सरकार की तरफ से 15 रुपये प्रति आईडी दी जाएगी। इसके लिए किसान से पैसे नहीं लेने हैं। यदि कोई सीएससी संचालक इस काम के बदले रुपये मांगता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कुमार, डीएम सीएससी