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Jind News: डॉ. कृष्ण मिड्ढा को छोड़कर चार सीटों पर जनता ने नए चेहरों पर किया भरोसा
Wed, 09 Oct 2024 03:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 09 Oct 2024 03:11 AM IST
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दिनेश शर्मा
जींद। जिले की पांच विधानसभा क्षेत्र की सीटाें पर जिले के मतदाताओं ने चार नए चेहरों पर भरोसा किया। इनमें केवल जींद विधानसभा क्षेत्र की जनता ने नए चेहरे प्रदीप गिल को मौका नहीं दिया क्योंकि प्रदीप गिल निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। यहां डॉ. कृष्ण मिड्ढा को जीत मिली।
जुलाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा तथा कांग्रेस के दोनों ही प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़ रहे थे। दोनों की आयु भी 30 वर्ष के आसपास है। यहां से लोगों ने कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फोगाट पर विश्वास जताते हुए उनको विधानसभा में भेजा। विनेश फोगाट की शादी जुलाना विधानसभा के खेड़ा बख्ता गांव में हुई है। इसी प्रकार सफीदों विधानसभा के लोगों के लिए रामकुमार गौतम भी नए ही चेहरे हैं। रामकुमार गौतम नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखते हैं, लेकिन भाजपा ने उनको सफीदों विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतार कर दांव लगाया था। सफीदों विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने रामकुमार गौतम को अपना लिया और यहां से पुराने चेहरे सुभाष गांगोली को नकार दिया। इसी प्रकार उचाना कलां विधानसभा सीट से भी लोगों ने पहली बार चुनाव लड़ रहे युवा चेहरे देवेंद्र अत्री को विधानसभा में भेज दिया। देवेंद्र अत्री ने उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा। यहां के लोगों ने पुराने चेहरे बृजेंद्र सिंह को नकार दिया। हालांकि बृजेंद्र सिंह मात्र 32 वोटों से ही चुनाव हारे हैं, लेकिन हार तो आखिर हार ही होती है। नरवाना विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने भी नए चेहरे कृष्ण बेदी पर अधिक विश्वास जताया। कृष्ण बेदी इससे पहले शाहाबाद विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। उनका पैतृक गांव नरवाना विधानसभा क्षेत्र का कलौदा खुर्द गांव हैं, लेकिन बेदी यहां नहीं रहते। उन्होंने पहली बार नरवाना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। नरवाना विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने कृष्ण बेदी पर विश्वास जताया।
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जींद। जिले की पांच विधानसभा क्षेत्र की सीटाें पर जिले के मतदाताओं ने चार नए चेहरों पर भरोसा किया। इनमें केवल जींद विधानसभा क्षेत्र की जनता ने नए चेहरे प्रदीप गिल को मौका नहीं दिया क्योंकि प्रदीप गिल निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। यहां डॉ. कृष्ण मिड्ढा को जीत मिली।
जुलाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा तथा कांग्रेस के दोनों ही प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़ रहे थे। दोनों की आयु भी 30 वर्ष के आसपास है। यहां से लोगों ने कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फोगाट पर विश्वास जताते हुए उनको विधानसभा में भेजा। विनेश फोगाट की शादी जुलाना विधानसभा के खेड़ा बख्ता गांव में हुई है। इसी प्रकार सफीदों विधानसभा के लोगों के लिए रामकुमार गौतम भी नए ही चेहरे हैं। रामकुमार गौतम नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखते हैं, लेकिन भाजपा ने उनको सफीदों विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतार कर दांव लगाया था। सफीदों विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने रामकुमार गौतम को अपना लिया और यहां से पुराने चेहरे सुभाष गांगोली को नकार दिया। इसी प्रकार उचाना कलां विधानसभा सीट से भी लोगों ने पहली बार चुनाव लड़ रहे युवा चेहरे देवेंद्र अत्री को विधानसभा में भेज दिया। देवेंद्र अत्री ने उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा। यहां के लोगों ने पुराने चेहरे बृजेंद्र सिंह को नकार दिया। हालांकि बृजेंद्र सिंह मात्र 32 वोटों से ही चुनाव हारे हैं, लेकिन हार तो आखिर हार ही होती है। नरवाना विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने भी नए चेहरे कृष्ण बेदी पर अधिक विश्वास जताया। कृष्ण बेदी इससे पहले शाहाबाद विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। उनका पैतृक गांव नरवाना विधानसभा क्षेत्र का कलौदा खुर्द गांव हैं, लेकिन बेदी यहां नहीं रहते। उन्होंने पहली बार नरवाना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। नरवाना विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने कृष्ण बेदी पर विश्वास जताया।
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