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सरकार पर दबाव बनाने के लिए खटकड़ टोल प्लाजा पर प्रतिदिन बन रही रणनीति
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सरकार पर दबाव बनाने के लिए प्रतिदिन बना रहे रणनीति
13 जनवरी को कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने का कार्यक्रम
18 जनवरी को किसान महिला दिवस मनाने का लिया फैसला, महिला किसान निकालेंगी शहर में जुलूस
23 जनवरी को किसान दिवस के रूप में मनाएंगे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती
25 जनवरी को ट्रैक्टर के साथ दिल्ली करेंगे कूच, पंजीकरण शुरू
सतीश जागलान
जींद। केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए जिस प्रकार से दिल्ली में धरने पर बैठे किसान रणनीति बना रहे हैं, उसी प्रकार खटकड़ टोल प्लाजा पर भी प्रतिदिन नई-नई रणनीति बनाई जा रही है। 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर ट्रैक्टर परेड को लेकर किसानों ने ट्रैक्टरों का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। इससे पहले कई कार्यक्रम करके सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में चल रहे खटकड़ टोल प्लाजा पर धरने में प्रतिदिन किसान नेता मंथन करते हैं। यहां काफी कुछ निर्देश तो उन्हें दिल्ली में बैठे किसान नेताओं से मिलते हैं तो कुछ यहां के लोग खुद तय करते हैं। किसानों ने बताया कि 13 जनवरी को जिले में कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने की रणनीति बनाई गई है। इसके लिए खटकड़ टोल प्लाजा, बद्दोवाल टोल प्लाजा के अलावा प्रत्येक गांव में किसान सभाएं करके कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे। इससे एक तो किसानों में जागरुकता व जोश आएगा, वहीं दूसरी तरफ सरकार पर दबाव भी बनेगा। इसके बाद 18 जनवरी को किसानों ने महिला दिवस मनाने का फैसला लिया है। इस दिन जिले में जहां-जहां धरने चल रहे हैं, उनका संचालन व प्रबंधन महिलाएं करेंगी। इसके अलावा शहर के नेहरू पार्क में महिला किसान जमा होंगी। यहां से जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पहुंचेंगी। इस प्रकार के कार्यक्रम से भी किसानों में जागरूकता व जोश भरा जाएगा।
23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिस प्रकार स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी को गर्म दल का नेता माना जाता था, उसी प्रकार किसान भी इस पूरे मामले में अब शांति से काम नहीं लेंगे, बल्कि सरकार को मजबूर करने की दिशा में कठोर कदम उठाएंगे। इस दिन प्रत्येक गांव में व जहां-जहां धरने चल रहे हैं, वहां सबा कर किसानों को कृषि कानूनों के दुष्परिणामों के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद 25 जनवरी को खटकड़ टोल प्लाजा से किसान ट्रैक्टर लेकर दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इस ट्रैक्टर यात्रा के लिए आयोजकों ने किसानों का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है।
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अब किसान किसी भी सूरत में चुप नहीं बैठेंगे। किसी ने किसी रूप में आंदोलन को ताजा रखा जाएगा। 25 जनवरी को ट्रैक्टर लेकर किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। किसानों का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। प्रत्येक जिले में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में आने वाले नेताओं का विरोध भी किया जाएगा। इसके लिए फिलहाल दिल्ली में बैठे किसान नेताओं से निर्देश नहीं मिले हैं। वहां से यह निर्देश भी मिल सकते हैं कि जो किसान दिल्ली नहीं पहुंच पाएंगे, वह अपने-अपने जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह में ट्रैक्टर परेड भी कर सकते हैं।
भूपेंद्र जागलान, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा।
संवाद
फोटो कैप्शन
10जेएनडी 12 : खटकड़ टोल प्लाजा पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करतीं महिलाएं। संवाद
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13 जनवरी को कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने का कार्यक्रम
18 जनवरी को किसान महिला दिवस मनाने का लिया फैसला, महिला किसान निकालेंगी शहर में जुलूस
23 जनवरी को किसान दिवस के रूप में मनाएंगे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती
25 जनवरी को ट्रैक्टर के साथ दिल्ली करेंगे कूच, पंजीकरण शुरू
सतीश जागलान
जींद। केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए जिस प्रकार से दिल्ली में धरने पर बैठे किसान रणनीति बना रहे हैं, उसी प्रकार खटकड़ टोल प्लाजा पर भी प्रतिदिन नई-नई रणनीति बनाई जा रही है। 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर ट्रैक्टर परेड को लेकर किसानों ने ट्रैक्टरों का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। इससे पहले कई कार्यक्रम करके सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में चल रहे खटकड़ टोल प्लाजा पर धरने में प्रतिदिन किसान नेता मंथन करते हैं। यहां काफी कुछ निर्देश तो उन्हें दिल्ली में बैठे किसान नेताओं से मिलते हैं तो कुछ यहां के लोग खुद तय करते हैं। किसानों ने बताया कि 13 जनवरी को जिले में कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने की रणनीति बनाई गई है। इसके लिए खटकड़ टोल प्लाजा, बद्दोवाल टोल प्लाजा के अलावा प्रत्येक गांव में किसान सभाएं करके कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे। इससे एक तो किसानों में जागरुकता व जोश आएगा, वहीं दूसरी तरफ सरकार पर दबाव भी बनेगा। इसके बाद 18 जनवरी को किसानों ने महिला दिवस मनाने का फैसला लिया है। इस दिन जिले में जहां-जहां धरने चल रहे हैं, उनका संचालन व प्रबंधन महिलाएं करेंगी। इसके अलावा शहर के नेहरू पार्क में महिला किसान जमा होंगी। यहां से जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पहुंचेंगी। इस प्रकार के कार्यक्रम से भी किसानों में जागरूकता व जोश भरा जाएगा।
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23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिस प्रकार स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी को गर्म दल का नेता माना जाता था, उसी प्रकार किसान भी इस पूरे मामले में अब शांति से काम नहीं लेंगे, बल्कि सरकार को मजबूर करने की दिशा में कठोर कदम उठाएंगे। इस दिन प्रत्येक गांव में व जहां-जहां धरने चल रहे हैं, वहां सबा कर किसानों को कृषि कानूनों के दुष्परिणामों के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद 25 जनवरी को खटकड़ टोल प्लाजा से किसान ट्रैक्टर लेकर दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इस ट्रैक्टर यात्रा के लिए आयोजकों ने किसानों का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है।
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अब किसान किसी भी सूरत में चुप नहीं बैठेंगे। किसी ने किसी रूप में आंदोलन को ताजा रखा जाएगा। 25 जनवरी को ट्रैक्टर लेकर किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। किसानों का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। प्रत्येक जिले में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में आने वाले नेताओं का विरोध भी किया जाएगा। इसके लिए फिलहाल दिल्ली में बैठे किसान नेताओं से निर्देश नहीं मिले हैं। वहां से यह निर्देश भी मिल सकते हैं कि जो किसान दिल्ली नहीं पहुंच पाएंगे, वह अपने-अपने जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह में ट्रैक्टर परेड भी कर सकते हैं।
भूपेंद्र जागलान, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा।
संवाद
फोटो कैप्शन
10जेएनडी 12 : खटकड़ टोल प्लाजा पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करतीं महिलाएं। संवाद