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कर्मचारी पर सरकारी लकड़ी बेचने का आरोप
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वन विकास निगम के एक कर्मचारी पर अवैध तरीके से निगम की लकड़ी बचने के आरोप का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कर्मचारी 39 क्विंटल लकड़ी के लिए 7800 रुपये ले रहा है। प्रति क्विंटल लकड़ी 200 रुपये में बेची जा रही है। आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कपूर ने इस मामले में स्टिंग ऑपरेशन कर वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है। साथ ही सुनील कपूर ने इस मामले में अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में वन विकास निगम के आरोपी कर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी अनुसार सोशल मीडिया पर डाली गई वीडियो नौ नवंबर को काठ मंडी के पास किसी आरा में बनाई गई है। आरोप है कि यहीं पर कर्मचारी बेची गई लकड़ी के पैसे लेने आया था। इस लकड़ी का सौदा एक नवंबर को हुआ था। दरअसल सुनील कपूर के अनुसार उन्हें महिला पुलिस थाना के सामने बने वन निगम के डिपो में भ्रष्टाचार की सूचना थी। इस पर उन्होंने इस मामले को लोगों तक व अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन किया। इसके तहत सिमरन नामक व्यक्ति को कटे हुए पेड़ों की जड़ों का सौदा करने के लिए आरोपी कर्मचारी के पास भेजा गया। इस पर डिपो से 39 क्विंटल पेड़ों की जड़ डिपो से उठा भी ली गई और इसकी राशि का भुगतान एक आरा में किया गया। सुनील कपूर के अनुसार इस मामले में उनके पास पुख्ता साक्ष्य हैं कि यह लकड़ी अवैध तरीके से बची गई है।
सिर्फ नंबर लगे हिस्से को ही रखते हैं बोली में
सुनील कपूर के अनुसार पेड़ कटने पर बड़ा खेल होता है। दरअसल वन विभाग पेड़ों पर नंबर लगाता है। ऐसे में डिपो में पेड़ों के तने के साथ टहनियां व जड़ें भी आती हैं लेकिन सरकारी कर्मचारी सिर्फ तनों का रिकार्ड रखते हैं जिन पर वन विभाग का नंबर लिखा होता है।
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इस मामले में वीडियो उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने जींद डिपो का दौरा भी किया है। इस मामले में आरोपी कर्मी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं एक-दो दिनों में विभाग की अधिकारियों की टीम भी दौरा करने आएगी। -सतीश कुमार, महाप्रबंधक, हरियाणा वन विकास निगम, हिसार।
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जानकारी अनुसार सोशल मीडिया पर डाली गई वीडियो नौ नवंबर को काठ मंडी के पास किसी आरा में बनाई गई है। आरोप है कि यहीं पर कर्मचारी बेची गई लकड़ी के पैसे लेने आया था। इस लकड़ी का सौदा एक नवंबर को हुआ था। दरअसल सुनील कपूर के अनुसार उन्हें महिला पुलिस थाना के सामने बने वन निगम के डिपो में भ्रष्टाचार की सूचना थी। इस पर उन्होंने इस मामले को लोगों तक व अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन किया। इसके तहत सिमरन नामक व्यक्ति को कटे हुए पेड़ों की जड़ों का सौदा करने के लिए आरोपी कर्मचारी के पास भेजा गया। इस पर डिपो से 39 क्विंटल पेड़ों की जड़ डिपो से उठा भी ली गई और इसकी राशि का भुगतान एक आरा में किया गया। सुनील कपूर के अनुसार इस मामले में उनके पास पुख्ता साक्ष्य हैं कि यह लकड़ी अवैध तरीके से बची गई है।
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सिर्फ नंबर लगे हिस्से को ही रखते हैं बोली में
सुनील कपूर के अनुसार पेड़ कटने पर बड़ा खेल होता है। दरअसल वन विभाग पेड़ों पर नंबर लगाता है। ऐसे में डिपो में पेड़ों के तने के साथ टहनियां व जड़ें भी आती हैं लेकिन सरकारी कर्मचारी सिर्फ तनों का रिकार्ड रखते हैं जिन पर वन विभाग का नंबर लिखा होता है।
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इस मामले में वीडियो उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने जींद डिपो का दौरा भी किया है। इस मामले में आरोपी कर्मी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं एक-दो दिनों में विभाग की अधिकारियों की टीम भी दौरा करने आएगी। -सतीश कुमार, महाप्रबंधक, हरियाणा वन विकास निगम, हिसार।