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Jind News: मुख्य चुनाव का पुतला फूंका, इस्तीफे और गिरफ्तारी की उठाई मांग

Mon, 12 Oct 2026 02:41 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 02:41 AM IST
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Effigy of the Chief Election Commissioner burned; demands raised for resignation and arrest.
फोटो 11जेएनडी08-नागक्षेत्र के बाहर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकते हुए यूनियनों के स

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संवाद न्यूज एजेंसी
सफीदों। केंद्रीय ट्रेड यूनियन सीटू के आह्वान पर एक से तीन दिसंबर तक दिल्ली में होने वाले तीन दिवसीय महापड़ाव को लेकर रविवार को नागक्षेत्र में कन्वेंशन आयोजित की गई। इस दौरान प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन वोट चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाए और उनका इस्तीफा लेने और गिरफ्तारी की मांग की।
इस दौरान महापड़ाव की तैयारियों के लिए दोनों ब्लॉकों की संयुक्त तालमेल कमेटी गठित कर राधेश्याम को संयोजक और संतोष को सह-संयोजक चुना गया। सीटू के उपाध्यक्ष कॉमरेड कपूर सिंह ने कहा कि मजदूरों और कर्मचारियों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष तेज करना होगा।
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महंगाई, बेरोजगारी और अस्थायी रोजगार की समस्या से जूझ रहे मेहनतकश वर्ग को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए न्यूनतम मासिक वेतन 42 हजार रुपये करने और सभी कर्मचारियों को पक्का कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की गई।
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उन्होंने चारों लेबर कोड रद करने सहित मजदूरों के हितों से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से उठाया और अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली महापड़ाव में पहुंचने का आह्वान किया। इस अवसर पर सत्यवान, कपूर सिंह, सुनील, कृष्ण, राजबाला, शीला, चंद्र, सुशील, सुदेश, सुमित्रा और मनोज मौजूद रहे।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया
उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि मजदूरों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलनों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती, आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी और रेलवे व मेट्रो सेवाएं बंद किए जाने की निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को आंदोलनकारियों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों पर बातचीत करनी चाहिए।
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