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Jind News: शिक्षा नीति वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाने का विजन
Wed, 18 Feb 2026 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 18 Feb 2026 11:57 PM IST
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18जेएनडी23: राजकीय महाविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सा लेते प्रो. व अन्य। स्रोत
अलेवा। राजकीय महाविद्यालय अलेवा में बुधवार को उच्चतर शिक्षा विभाग के आदेशानुसार आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। प्राचार्य मुनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत सिंह मुख्य अतिथि और सीआरएसयू के कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्राचार्य मुनीष कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 केवल एक नीति नहीं बल्कि भारत को वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाने का विजन है। मुख्य अतिथि डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि यह नीति विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर कौशल विकास और रचनात्मकता से जोड़ती है। तकनीकी सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो. महाबीर नरवाल ने नीति के व्यावहारिक पहलुओं और शिक्षण पद्धतियों में तकनीक के समावेश पर चर्चा की।
डॉ. राजेश बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के आपसी सामंजस्य से ही इस नीति को धरातल पर उतारा जा सकता है। संयोजक गौरव बंसल ने बताया कि डीजीएचई प्रायोजित इस पहले सेमिनार में विभिन्न राज्यों के 138 प्राध्यापकों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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प्राचार्य मुनीष कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 केवल एक नीति नहीं बल्कि भारत को वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाने का विजन है। मुख्य अतिथि डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि यह नीति विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर कौशल विकास और रचनात्मकता से जोड़ती है। तकनीकी सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो. महाबीर नरवाल ने नीति के व्यावहारिक पहलुओं और शिक्षण पद्धतियों में तकनीक के समावेश पर चर्चा की।
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डॉ. राजेश बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के आपसी सामंजस्य से ही इस नीति को धरातल पर उतारा जा सकता है। संयोजक गौरव बंसल ने बताया कि डीजीएचई प्रायोजित इस पहले सेमिनार में विभिन्न राज्यों के 138 प्राध्यापकों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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