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शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं : राजेश वशिष्ठ

Sat, 10 Jan 2026 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sat, 10 Jan 2026 12:28 AM IST
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Education is not limited to bookish knowledge: Rajesh Vashisht
09जेएनडी11: रेमीडियल प्रशिक्षण का अवलोकन करते हुए जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ। स्रोत संस्थान
जींद। निपुण भारत अभियान के अंतर्गत चल रहे दो दिवसीय रेमीडियल प्रशिक्षण कार्यक्रम का अवलोकन जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने खंड नरवाना में किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का माध्यम है।
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प्रत्येक शिक्षक को चाहिए कि वह अपनी कक्षा के बच्चों की सीखने की गति और स्तर को ध्यान में रखते हुए अपनी कार्य योजना तैयार करे और पूरे मनोयोग से कार्य करे। राजेश वशिष्ठ ने कहा कि विभाग की ओर से चलाया गया 45 दिवसीय रेमीडियल कार्यक्रम कमजोर बच्चों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
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अब समय आ गया है कि इस कार्यक्रम के परिणामों को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों से परिचित कराना और उन्हें बच्चों की सीखने की कठिनाइयों को दूर करने के लिए सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण में शिक्षकों को समूह गतिविधियों, खेल आधारित शिक्षण, और मूल्यांकन की नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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उन्होंने कहा कि जिले के सभी मास्टर ट्रेनर, खंड शिक्षा अधिकारी और विभागीय अधिकारी इस अभियान को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। प्रशिक्षण में अन्य जिलों से आए शिक्षक भी शामिल हुए, जिन्होंने समूह विधि के माध्यम से अपने अनुभवों और शिक्षण तकनीकों का आदान-प्रदान किया। इससे शिक्षकों को एक-दूसरे से सीखने और अपने शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावी बनाने का अवसर मिला।इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी आजाद सिंह ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और इनसे शिक्षण की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार होगा। अंत में राजेश वशिष्ठ ने कहा कि निपुण भारत अभियान का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को पढ़ने, लिखने और गणना करने की बुनियादी दक्षता प्रदान करना है। इसके लिए सभी शिक्षकों को मिलकर कार्य करना होगा ताकि जिले के हर बच्चे को स्थायी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
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