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Jind News: पहले घायल करते थे, अब आशीर्वाद देते हैं नंदी...
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09जेएनडी30-श्री महादेव नंदी धाम सोसाइटी नरवाना के सदस्य। संवाद
सुखदेव सिंह
नरवाना। कुछ महीने पहले नरवाना की मुख्य सड़क पर एक बेसहारा घूम रहे सांड के आक्रामक व्यवहार से पूरा बाजार दहशत में था। दुकानदार उनकी आहट सुनते ही शटर गिरा लेते थे। राहगीर उससे बचने के लिए रास्ता बदलते थे। आज वही सांड श्री महादेव नंदी धाम सोसाइटी द्वारा बनाई गई अस्थायी नंदीशाला में शांत बैठकर चारा खा रहे हैं, गो सेवकों की सेवा स्वीकार रहे हैं और आशीर्वाद दे रहे हैं।
श्री महादेव नंदी धाम सोसाइटी नरवाना की पहल ने शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत का काम किया है। इस अस्थाई नंदी शाला में अब तक 172 से अधिक बेसहारा गोवंशों को एकत्रित किया गया है, जिन्हें पहले शहर की गलियों में इधर-उधर घूमते और आपस में लड़ते देखा जाता था।
सड़क पर लड़ते इन पशुओं से न सिर्फ ट्रैफिक बाधित होता था, बल्कि कई राहगीर और दुकानदार चोटिल भी हो चुके थे। अब इन पशुओं की सेवा, देखरेख और चारे की व्यवस्था गोशिव नामक लोकसेवी अभियान के तहत हो रही है।
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सोसाइटी के सचिव अमित वर्मा ने बताया कि जहां पर भी बेसहारा सांड और गाय मिलती है और खासकर जो चोटिल हो, उन्हें तुरंत प्रभाव से नंदीशाला में लाया जा जाता है और उपचार किया जाता है। यदि ज्यादा हालत गंभीर हो तो उन्हें शहर से बाहर बड़ेे पशु चिकित्सालयों में भेजकर इलाज करवाया जाता है।
उन्होंने कहा कि उनके साथ नरवाना व क्षेत्र के आस-पास के सभी गावों से लगभग 250 से 300 गो सेवक काम कर रहे हैं। दुकानदार सुभाष मलिक ने कहा कि अब न सड़कें जाम होती हैं और न डर लगता है। यह सिर्फ पशु सेवा नहीं, यह समाज की सोच में आए बदलाव की मिसाल है।
वहीं, नंदीशाला में एकत्रित किए गोवंश के लिए हरदम पांच से छह गो सेवक मौजूद रहते हैं। गोवंशों के चारे व पानी का विशेष ध्यान रखते हैं। इस मौके पर राजेश, अजय गहलोत, कमल शर्मा, सुरेश गोयल, इंद्र सिंह नैन, सतीश सेतिया, विजय शर्मा, बलबीर सिंह, सुशील, सोनू उर्फ डेनी, साहिल मोर और कनिष्क गो सेवक मौजूद रहे।
बाक्स
10 हजार घायल गोवंश को दे चुके चिकित्सा
गो सेवक अमित वर्मा कराटे में ब्लैक बेल्ट के खिलाड़ी हैं और करीब 22 साल से गो सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने घर के पास ही रहने वाले सतपाल गर्ग की गो के प्रति सेवा भावना को देखकर और गो सेवा में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को देखकर काफी प्रभावित हुए। इसके बाद अमित ने अपने कॉलेज के समय से ही गो सेवा करना शुरू कर दिया। वर्मा ने बताया कि आज तक लगभग 10 हजार घायल गोवंश को चिकित्सा दिलवाई है। इसमें उनकी टीम ने उनका बहुत साथ दिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन की मदद से 18 गाड़ियां तो उन्होंने और उनकी टीम ने गो तस्करों की पकड़ी हैं, जिसमें 12 नरवाना, तीन कैथल, एक पानीपत, एक जींद और एक मंखड में शामिल है।
बाक्स
शहर में बनवाएंगे पशु चिकित्सालय
सोसाइटी प्रधान प्रदीप गर्ग व अमित वर्मा ने बताया कि भविष्य में शहर के अंदर एक पशु चिकित्सालय बनवाएंगे। इसमें एक्स-रे की सुविधा भी होगी और शहर में घूम रहे चोटिल गोवंशों को अस्पताल में ही इलाज मुहैया करवाया जाए। दूसरा शहर में एक ऐसी जगह चिह्नित कर लेंगे, जहां पर बेसहारा मृत गोवंशों को दबाया जा सके। शहर में एक ब्लड बैंक बनाएंगे और गरीब लोग जो अपने बीमारी की दवाइयां खरीदने में असक्षम है, उन्हें निशुल्क दवाइयां वितरित करेंगे।
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नरवाना। कुछ महीने पहले नरवाना की मुख्य सड़क पर एक बेसहारा घूम रहे सांड के आक्रामक व्यवहार से पूरा बाजार दहशत में था। दुकानदार उनकी आहट सुनते ही शटर गिरा लेते थे। राहगीर उससे बचने के लिए रास्ता बदलते थे। आज वही सांड श्री महादेव नंदी धाम सोसाइटी द्वारा बनाई गई अस्थायी नंदीशाला में शांत बैठकर चारा खा रहे हैं, गो सेवकों की सेवा स्वीकार रहे हैं और आशीर्वाद दे रहे हैं।
श्री महादेव नंदी धाम सोसाइटी नरवाना की पहल ने शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत का काम किया है। इस अस्थाई नंदी शाला में अब तक 172 से अधिक बेसहारा गोवंशों को एकत्रित किया गया है, जिन्हें पहले शहर की गलियों में इधर-उधर घूमते और आपस में लड़ते देखा जाता था।
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सड़क पर लड़ते इन पशुओं से न सिर्फ ट्रैफिक बाधित होता था, बल्कि कई राहगीर और दुकानदार चोटिल भी हो चुके थे। अब इन पशुओं की सेवा, देखरेख और चारे की व्यवस्था गोशिव नामक लोकसेवी अभियान के तहत हो रही है।
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सोसाइटी के सचिव अमित वर्मा ने बताया कि जहां पर भी बेसहारा सांड और गाय मिलती है और खासकर जो चोटिल हो, उन्हें तुरंत प्रभाव से नंदीशाला में लाया जा जाता है और उपचार किया जाता है। यदि ज्यादा हालत गंभीर हो तो उन्हें शहर से बाहर बड़ेे पशु चिकित्सालयों में भेजकर इलाज करवाया जाता है।
उन्होंने कहा कि उनके साथ नरवाना व क्षेत्र के आस-पास के सभी गावों से लगभग 250 से 300 गो सेवक काम कर रहे हैं। दुकानदार सुभाष मलिक ने कहा कि अब न सड़कें जाम होती हैं और न डर लगता है। यह सिर्फ पशु सेवा नहीं, यह समाज की सोच में आए बदलाव की मिसाल है।
वहीं, नंदीशाला में एकत्रित किए गोवंश के लिए हरदम पांच से छह गो सेवक मौजूद रहते हैं। गोवंशों के चारे व पानी का विशेष ध्यान रखते हैं। इस मौके पर राजेश, अजय गहलोत, कमल शर्मा, सुरेश गोयल, इंद्र सिंह नैन, सतीश सेतिया, विजय शर्मा, बलबीर सिंह, सुशील, सोनू उर्फ डेनी, साहिल मोर और कनिष्क गो सेवक मौजूद रहे।
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10 हजार घायल गोवंश को दे चुके चिकित्सा
गो सेवक अमित वर्मा कराटे में ब्लैक बेल्ट के खिलाड़ी हैं और करीब 22 साल से गो सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने घर के पास ही रहने वाले सतपाल गर्ग की गो के प्रति सेवा भावना को देखकर और गो सेवा में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को देखकर काफी प्रभावित हुए। इसके बाद अमित ने अपने कॉलेज के समय से ही गो सेवा करना शुरू कर दिया। वर्मा ने बताया कि आज तक लगभग 10 हजार घायल गोवंश को चिकित्सा दिलवाई है। इसमें उनकी टीम ने उनका बहुत साथ दिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन की मदद से 18 गाड़ियां तो उन्होंने और उनकी टीम ने गो तस्करों की पकड़ी हैं, जिसमें 12 नरवाना, तीन कैथल, एक पानीपत, एक जींद और एक मंखड में शामिल है।
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शहर में बनवाएंगे पशु चिकित्सालय
सोसाइटी प्रधान प्रदीप गर्ग व अमित वर्मा ने बताया कि भविष्य में शहर के अंदर एक पशु चिकित्सालय बनवाएंगे। इसमें एक्स-रे की सुविधा भी होगी और शहर में घूम रहे चोटिल गोवंशों को अस्पताल में ही इलाज मुहैया करवाया जाए। दूसरा शहर में एक ऐसी जगह चिह्नित कर लेंगे, जहां पर बेसहारा मृत गोवंशों को दबाया जा सके। शहर में एक ब्लड बैंक बनाएंगे और गरीब लोग जो अपने बीमारी की दवाइयां खरीदने में असक्षम है, उन्हें निशुल्क दवाइयां वितरित करेंगे।