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Jind News: बूंदाबांदी से मंडियों में पड़े धान में आई नमी, किसान चिंतित

Tue, 17 Oct 2023 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Tue, 17 Oct 2023 12:06 AM IST
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Due to drizzle, paddy lying in the markets got moisture, farmers worried
15जेएनडी16: अनाजमंडी में लगी धान की ढेरियां। संवाद।
संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। जिले में सोमवार को हुई बूंदाबांदी से मंडियों में पड़े धान में नमी आ गई है। मौसम के रुख को देख किसान चिंतित हो उठे और धान को भीगने से बचाने के जुगत में जुट गए। हालांकि बूंदाबांदी होने के कारण अधिकतर किसानों और आढ़तियों ने धान को भीगने से बचा लिया। वहीं ई-पोर्टल शुरू होने पर पीआर धान की खरीद की गई।
मौसम विभाग ने आगामी दो दिन में बारिश होने के आसार जताए हैं। इसके चलते किसानों को कटी हुई धान को भीगने से बचाने का प्रबंध करना होगा। इसके अलावा बारिश होने की स्थिति में किसानों बरसात से खेत में खड़ी धान की फसल के खराब होने का डर बना है। अगर ज्यादा बरसात हुई तो किसानों की फसल बर्बाद हो जाएगी।
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ई-खरीद पोर्टल बंद होने के कारण रविवार को धान की नाममात्र ही खरीद हुई थी । पूरे जिले में केवल 50 किसानों के ही गेट पास कटे और उनसे केवल 5100 क्विंटल धान की ही जिले में खरीद हो सकी, जबकि अन्य दिनों में यह खरीद 70 हजार क्विंटल के पार रहती थी। रविवार को मंडियों में आई धान के सोमवार सुबह से ही गेट पास कटने शुरू हो गए थे। इसके चलते सायं तक लगभग सभी किसानों की धान की खरीद की गई। इसके अलावा जिले में रविवार के बाद सोमवार को भी बासमती धान की किस्मों की खरीद नहीं हो पाई। इसके अलावा सोमवार सुबह हुई हल्की बुंदाबांदी ने किसानों व आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन बारिश कम होने के कारण किसानों व आढ़तियों ने धान पर तिरपाल लगाकर भीगने से बचा लिया था।
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मंडियों में 355930 क्विंटल धान का उठान बाकी
नरवाना मंडी में पीआर धान की आवक सबसे अधिक है। इसके अलावा जींद, सफीदों, पिल्लूखेड़ा, उचाना, अलेवा समेत अन्य मंडियों में बासमती धान की आवक ज्यादा है। इन मंडियों में किसान व आढ़ती ज्यादा प्रभावित हैं। जिले की अनाज मंडियों में अब तक पीआर धान की खरीद 1274370 क्विंंटल हुई है। इसमें 948440 क्विंटल का उठान हो चुका है, जबकि मंडियों में 355930 क्विंटल का उठान बाकी है। मंडियों से कुल खरीद का लगभग 76 प्रतिशत से ज्यादा उठान हो चुका है। जिले में पीआर धान अब तक लगभग 13 हजार किसानों से खरीदा गया है। इसमें अकेले नरवाना मंडी के 4500 से अधिक किसान हैं। बासमती धान की खरीद नहीं होने का कारण सरकार ने एक्सपोर्ट मूल्य पर निर्धारित किया था कि इसमें 1200 डालर प्रति टन लागू किया था, इसके लेकर एक्सपोर्ट ने विरोध किया था। चावल निर्यातकों ने कहा कि अगर ऐसा निर्णय होगा तो इसका बासमती चावल पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। इसका चावल निर्यातक ही नहीं किसानों का भी नुकसान होगा। हालांकि चावल निर्यातकों को सरकार ने आश्वासन दिया था कि इसका जो एमएसपी है। वह कम करके 850 किया जाएगा, लेकिन इसमें बढ़ौतरी करने के विरोध में चावल निर्यातकों ने हड़ताल शुरू की है।




वर्जन

जिले में रविवार को पोर्टल में खामी आने के कारण पीआर धान की खरीद नहीं हो सकी थी। जिसके चलते सोमवार को मंडियों में दोहरी आवक मानी गई। जबकि आम दिनों में 70 हजार क्विंटल धान की आवक होती थी तो वहीं अब इसकी बढ़ौतरी होकर डबल हो गई, क्योंकि जो किसान मंडियों में रविवार को धान लेकर आए थे। उनका गेट पास नहीं कटा तो उनकी एंट्री मैनुअल करवा कर धान उतारी गई थी। सोमवार को धान की खरीद पोर्टल चलने के बाद की गई है। -निशांत राठी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जींद।
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