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Jind News: डॉ. निशा तीसरी बार विश्व के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों में शामिल
Fri, 26 Sep 2025 01:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 26 Sep 2025 01:05 AM IST
सार
जींद के चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. निशा देऊपा का नाम लगातार तीसरी बार विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हुआ है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय, प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है।
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25जेएनडी29-सहायक प्रोफेसर डॉ. निशा देऊपा को बधाई देते हुए कुलपति डॉ. रामपाल सैनी। स्रोत विवि
विस्तार
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. निशा देऊपा का नाम प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी यूएस और एल्सेवियर द्वारा हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट में विश्व के सर्वश्रेष्ठ दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुआ है।
इससे पहले भी उन्हें 2023 और 2024 में भी यह उपलब्धि मिल चुकी है। लगातार तीसरी बार उनका नाम इस सूची में शामिल हुआ है। यह विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि प्रदेश और भारत के लिए भी गौरव की बात है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से प्रकाशित यह सूची पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का गहन विश्लेषण करने के बाद तैयार की जाती है। इसमें वैज्ञानिकों के शोध-पत्रों की संख्या, उद्धरण, एच-इंडेक्स, सह-लेखन, और उनके शोध के प्रभाव जैसे कई मापदंडों को शामिल किया जाता है।
विश्व के लाखों वैज्ञानिकों में से चुनिंदा दो प्रतिशत का इस सूची में स्थान पाना अत्यंत कठिन और सम्मानजनक उपलब्धि है। डॉ. निशा ने भौतिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य करते हुए 57 अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशन पत्रिकाओं में अपने शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं। भारत सरकार व यूनाइटेड किंगडम की ओर से स्वीकृत कुल तीन पेटेंट्स भी हासिल किए हैं।
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कुलपति प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी ने बधाई देते हुए कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गर्व का विषय है। कुलसचिव प्रो. लवलीन मोहन और भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद कुमार ने डॉ. निशा देउपा को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी शिक्षक का इस सूची में शामिल होना ही बड़ी बात है।
डॉ. निशा का लगातार तीसरी बार विश्व के सर्वश्रेष्ठ दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में नाम आना उनकी निरंतर मेहनत और शोध के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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इससे पहले भी उन्हें 2023 और 2024 में भी यह उपलब्धि मिल चुकी है। लगातार तीसरी बार उनका नाम इस सूची में शामिल हुआ है। यह विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि प्रदेश और भारत के लिए भी गौरव की बात है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से प्रकाशित यह सूची पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का गहन विश्लेषण करने के बाद तैयार की जाती है। इसमें वैज्ञानिकों के शोध-पत्रों की संख्या, उद्धरण, एच-इंडेक्स, सह-लेखन, और उनके शोध के प्रभाव जैसे कई मापदंडों को शामिल किया जाता है।
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विश्व के लाखों वैज्ञानिकों में से चुनिंदा दो प्रतिशत का इस सूची में स्थान पाना अत्यंत कठिन और सम्मानजनक उपलब्धि है। डॉ. निशा ने भौतिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य करते हुए 57 अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशन पत्रिकाओं में अपने शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं। भारत सरकार व यूनाइटेड किंगडम की ओर से स्वीकृत कुल तीन पेटेंट्स भी हासिल किए हैं।
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कुलपति प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी ने बधाई देते हुए कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गर्व का विषय है। कुलसचिव प्रो. लवलीन मोहन और भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद कुमार ने डॉ. निशा देउपा को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी शिक्षक का इस सूची में शामिल होना ही बड़ी बात है।
डॉ. निशा का लगातार तीसरी बार विश्व के सर्वश्रेष्ठ दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में नाम आना उनकी निरंतर मेहनत और शोध के प्रति समर्पण को दर्शाता है।