{"_id":"69e684ed7b79ac2e8f076480","slug":"dr-babita-earns-phd-degree-jind-news-c-199-1-sroh1006-152010-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: डॉ. बबीता ने हासिल की पीएचडी की उपाधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: डॉ. बबीता ने हासिल की पीएचडी की उपाधि
विज्ञापन
20जेएनडी25-डाॅ. बबीता लाठर पीएचडी की उपाधि दिखाते हुए। स्रोत परिजन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जुलाना। क्षेत्र के गांव बुढ़ाखेड़ा लाठर निवासी डाॅ. बबीता लाठर ने पीएचडी की उपाधि हासिल कर ली है। उन्होंने सोशियोलॉजिकल स्टडी ऑफ अनीता देसाई नॉवेल विषय पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया जिसे प्रेजेंटेशन के बाद मान्यता प्रदान कर दी गई।
डाॅ. बबीता लाठर के पति अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह लाठर ने बताया कि करीब एक घंटे तक चले प्रेजेंटेशन के दौरान विशेषज्ञ प्रोफेसरों के पैनल ने शोध कार्य का मूल्यांकन किया। संतुष्ट होने के बाद पैनल ने शोध को पीएचडी के लिए स्वीकृति देते हुए डिग्री प्रदान की।
इस उपलब्धि की खास बात यह रही कि डॉ. बबीता लाठर ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल किया। उन्होंने घर-परिवार की जिम्मेदारियों, बच्चों की पढ़ाई और अपने विद्यालय के छात्रों के शिक्षण कार्य के साथ संतुलन बनाते हुए यह शोध कार्य पूरा किया। यह शोध कार्य उन्होंने डॉ. रवि भूषण के मार्गदर्शन में पूर्ण किया।
विज्ञापन
डॉ. बबीता लाठर ने अपने कॅरियर की शुरुआत अध्यापन से की। उन्होंने गीता कॉलेज जुलाना से शिक्षण कार्य शुरू किया और इसके बाद विभिन्न स्कूलों में अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में वह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नगूरां में अध्यापन कार्य कर रही हैं।
विज्ञापन
डाॅ. बबीता लाठर के पति अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह लाठर ने बताया कि करीब एक घंटे तक चले प्रेजेंटेशन के दौरान विशेषज्ञ प्रोफेसरों के पैनल ने शोध कार्य का मूल्यांकन किया। संतुष्ट होने के बाद पैनल ने शोध को पीएचडी के लिए स्वीकृति देते हुए डिग्री प्रदान की।
विज्ञापन
इस उपलब्धि की खास बात यह रही कि डॉ. बबीता लाठर ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल किया। उन्होंने घर-परिवार की जिम्मेदारियों, बच्चों की पढ़ाई और अपने विद्यालय के छात्रों के शिक्षण कार्य के साथ संतुलन बनाते हुए यह शोध कार्य पूरा किया। यह शोध कार्य उन्होंने डॉ. रवि भूषण के मार्गदर्शन में पूर्ण किया।
विज्ञापन
डॉ. बबीता लाठर ने अपने कॅरियर की शुरुआत अध्यापन से की। उन्होंने गीता कॉलेज जुलाना से शिक्षण कार्य शुरू किया और इसके बाद विभिन्न स्कूलों में अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में वह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नगूरां में अध्यापन कार्य कर रही हैं।