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तीन रोटी और दाल खाने पर ढाबा संचालक ने मांगे 200 रुपये, हिसाब पूछे पर पीटा, नागरिक अस्पताल में नहीं मिला उपचार
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ढाबे पर खाने के बिल को लेकर हुए विवाद में घायल बलवान।
- फोटो : Jind
अलेवा निवासी ट्रक चालक बलवान को किनाना गांव के पास एक ढाबे पर तीन रोटी और दाल खाना बहुत महंगा पड़ गया। खाने के अधिक पैसे लेने का विरोध करने पर बलवान को ढाबा संचालक ने पीट दिया। जब वह उपचार के लिए जींद के नागरिक अस्पताल में पहुंचा तो उपचार नहीं दिया गया। उसे जुलाना जाकर उपचार करवाना पड़ा।
बलवान के अनुसार बुधवार देर शाम एक फैक्टरी का सामान लेकर तावड़ू जा रहा था। जब वह किनाना गांव के पास पहुंचा तो वह एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुक गया। बलवान के अनुसार वहां पर तीन रोटी और दाल खाई। इसके बाद जब उसने खाने का बिल पूछा तो ढाबा संचालक ने 200 रुपये मांगे। इस पर उन्होंने एतराज जताया तो कहा कि तीन रोटी व दाल के इतने पैसे ज्यादा हैं। इस पर ढाबा संचालक भड़क गया और उसके साथ मारपीट की। मारपीट में वह घायल हो गया। इसके बाद जब वह सुबह इलाज व एमएलआर के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा तो वहां पर चिकित्सक ने भी अमानवीय व्यवहार किया। चिकित्सक ने न तो प्राथमिक उपचार किया और न ही उसकी एमएलआर काटी। बल्कि उसे मारपीट का क्षेत्र उनके अधीन नहीं होने की बात कहकर जुलाना जाने के लिए कह दिया। बलवान ने कहा कि वह जुलाना जाकर उपचार करवाया और एमएलआर कटवाई।
कहीं पर भी कटवाई जा सकती है एमएलआर : बंसल
प्रदेश के किसी भी अस्पताल में जाकर कोई व्यक्ति उपचार करवा सकता है। इसके लिए कोई ऐसा नियम नहीं है कि बीमार व्यक्ति को अपने क्षेत्र के अस्पताल में ही इलाज मिलेगा। घायल व्यक्ति को इलाज नहीं देना चिकित्सकों की लापरवाही है।
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एडवोकेट विनोद बंसल ।
मामले की होगी जांच, पता किया जाएगा
यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इस पर पता किया जाएगा कि उस समय ड्यूटी पर कौन सा चिकित्सक तैनात था। घायल व्यक्ति को इलाज देना ही अस्पताल की प्राथमिकता है। अगर चिकित्सक ने लापरवाही की है तो उसके खिलाफ बरती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बिमला राठी, पीएमओ, नागरिक अस्पताल जींद।
शिकायत मिली है, दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है
ढाबे पर खाने के पैसों को लेकर हुए विवाद की शिकायत मिली है। इसमें दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया है। इसमें दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश कुमार, सदर थाना प्रभारी जींद।
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बलवान के अनुसार बुधवार देर शाम एक फैक्टरी का सामान लेकर तावड़ू जा रहा था। जब वह किनाना गांव के पास पहुंचा तो वह एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुक गया। बलवान के अनुसार वहां पर तीन रोटी और दाल खाई। इसके बाद जब उसने खाने का बिल पूछा तो ढाबा संचालक ने 200 रुपये मांगे। इस पर उन्होंने एतराज जताया तो कहा कि तीन रोटी व दाल के इतने पैसे ज्यादा हैं। इस पर ढाबा संचालक भड़क गया और उसके साथ मारपीट की। मारपीट में वह घायल हो गया। इसके बाद जब वह सुबह इलाज व एमएलआर के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा तो वहां पर चिकित्सक ने भी अमानवीय व्यवहार किया। चिकित्सक ने न तो प्राथमिक उपचार किया और न ही उसकी एमएलआर काटी। बल्कि उसे मारपीट का क्षेत्र उनके अधीन नहीं होने की बात कहकर जुलाना जाने के लिए कह दिया। बलवान ने कहा कि वह जुलाना जाकर उपचार करवाया और एमएलआर कटवाई।
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कहीं पर भी कटवाई जा सकती है एमएलआर : बंसल
प्रदेश के किसी भी अस्पताल में जाकर कोई व्यक्ति उपचार करवा सकता है। इसके लिए कोई ऐसा नियम नहीं है कि बीमार व्यक्ति को अपने क्षेत्र के अस्पताल में ही इलाज मिलेगा। घायल व्यक्ति को इलाज नहीं देना चिकित्सकों की लापरवाही है।
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एडवोकेट विनोद बंसल ।
मामले की होगी जांच, पता किया जाएगा
यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इस पर पता किया जाएगा कि उस समय ड्यूटी पर कौन सा चिकित्सक तैनात था। घायल व्यक्ति को इलाज देना ही अस्पताल की प्राथमिकता है। अगर चिकित्सक ने लापरवाही की है तो उसके खिलाफ बरती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बिमला राठी, पीएमओ, नागरिक अस्पताल जींद।
शिकायत मिली है, दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है
ढाबे पर खाने के पैसों को लेकर हुए विवाद की शिकायत मिली है। इसमें दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया है। इसमें दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश कुमार, सदर थाना प्रभारी जींद।