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एक क्लिक पर मिलेगा हर गांव के इतिहास का ब्योरा

Thu, 25 Aug 2022 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2022 11:48 PM IST
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Details of history of every village will be available with one click
जींद। देश या प्रदेश के किसी भी गांव का इतिहास अब कंप्यूटर पर एक क्लिक से मिलेगा। अब इंटरनेट के माध्यम से एक क्लिक करने के बाद संबंधित गांव का पूरा ब्योरा मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसको लेकर केंद्र सरकार ने मेरा गांव मेरी धरोहर योजना शुरू की है।
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इस योजना के तहत देश और प्रदेश के सभी गांवों का खान-पान, धरोहर, संस्कृति समेत पूरा इतिहास की जानकारी ऑनलाइन की जाएगी। केंद्र सरकार की इस योजना का यही उद्देश्य है कि गांवों के रीति-रिवाज, धरोहर, संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन की पूरी जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोग जान सके और उनका अनुसरण कर सके।
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इसको लेकर जन सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने टीमें भेजकर गांव-गांव जाकर सर्वे करवाया है, जिसकी रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय केंद्र सरकार के तहत देश और प्रदेश के हर गांव से संबंधित कल्चर को डिजिटल किया जाएगा। इतना ही नहीं इसकी एक इलेक्ट्रॉनिक बुकलेट भी तैयार की जाएगी। इसके तहत देश के हर गांव का सर्वे कराया जा रहा है जबकि जींद में सर्वे का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। सर्वे के दौरान घर-घर जाकर ग्रामीणों से खान-पान, रहन-सहन, कला-संस्कृति, त्योहार, प्राकृतिक, विरासत स्थल, प्रसिद्ध व्यक्तित्व तथा प्रमुख कलाकारों के बारे में जानकारी ली। उसके बाद रिपोर्ट तैयार की गई।
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सीएससी संचालकों को दिया सर्वे का जिम्मा
इस योजना के तहत सर्वे का जिम्मा (अटल सेवा केंद्र) सीएससी संचालकों को दिया गया था। इन संचालकों ने गांवों में बुजुर्ग व्यक्तियों से उनके गांवों के इतिहास सहित अन्य जानकारियों का संग्रहण किया तथा उसका डिजिटल एप्लीकेशन में फीड किया जो डाटा फीड किया गया। इसके अलावा उसका फोटोग्राफ भी अपलोड किया गया। सीएससी संचालकों को कुल नौ प्वाइंट पर संचालकों को काम करके उसकी फीडबैक देनी होगी। डाटा मोबाइल एप्लीकेशन में स्टोर होने के बाद सभी गांवों की ई-बुकलेट तैयार की जाएगी। इसमें हर गांव की जानकारी होगी। इसे मंत्रालय की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा, जहां से कोई भी व्यक्ति किसी गांव के बारे में जानकारी हासिल कर सकेगा।
सीएससी संचालकों को दी गई थी ट्रेनिंग
अटल सेवा केंद्र के संचालकों को इस कार्य को पूरा करने के लिए जिले में ट्रेनिंग दी गई थी। उन्हें एप्लीकेशन चलाने से लेकर उन द्वारा गांवों में जाकर जो सर्वे किया जाना है, उनके प्रश्न भी बताए गए थे ताकि किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आए। पिछले दिनों जिले के डीआरडीए हॉल में अटल सेवा केंद्र के संचालकों को इस योजना के तहत ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद योजना को लेकर सर्वे शुरू करवाया गया था। सर्वे के दौरान कल्चर्स प्रोफाइल, परंपरागत खानपान, परंपरागत पहनावा, परंपरागत गहने, परंपरागत कला और शिल्प, कला प्रदर्शन, साहित्य, मान्यताएं, विरासत और प्राकृतिक स्थान, त्योहार और मेले, समारोह, प्रसिद्ध व्यक्तित्व, प्रमुख कलाकारों के बारे जानकारी हासिल की गई।

केंद्र सरकार ने मेरा गांव मेरी धरोहर योजना शुरू की है। सांस्कृतिक मंत्रालय और सीएससी सेवाओं के बीच अनुबंध के तहत गांवों का कल्चरल सर्वे कराया गया है। इसमें गांवों से संबंधित हर प्रकार की जानकारी एकत्रित कर ली गई है। अब मंत्रालय द्वारा ई-बुकलेट तैयार की जाएगी। ई-बुकलेट के जरिये देश के हर गांवों से संबंधित जानकारी हासिल की जा सकेगी।
कुलदीप शर्मा, मैनेजर, सीएससी, जींद।
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