जींद। डीसी नरेश नरवाल ने चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू होने से पहले मिल का दौरा कर वहां चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मिल के प्रबंधक निदेशक प्रवीण कुमार को निर्देश दिए कि गन्ना लाने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आए। इसके लिए सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं।
इस अवसर पर मुख्य रासायनिक अधिकारी अमरिश भार्गव, गन्ना प्रबंधक रोहताश लाठर, मिल के मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा के अलावा मिल बोर्ड के निदेशक भी मौजूद रहे। डीसी ने मिल में जाकर किसानों द्वारा लाए जाने वाले गन्ने से लेकर पेराई करने के कार्य व चीनी बनाने की विधि की पूरी बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह मिल में पेराई सत्र को शुरू करने से पहले मिल को ट्रायल आधार पर चलाकर अवश्य देखें, ताकि मिल का पिराई सत्र सुचारु रूप से चलता रहे और मिल में चलने से पहले आने वाली दिक्कतों का पहले ही पता चलने पर उनका समय रहते समाधान किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से किसानों द्वारा गन्ना उत्पाद व उसके क्षेत्र के बारे में जानकारी हासिल की। मिल प्रबंधक प्रवीण कुमार ने डीसी को आश्वासन दिया कि गन्ना लाने वाले किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उनके खाने-पीने के लिए 24 घंटे कैंटीन की सुविधा दी जाएगी और शौचालयों, पीने के पानी व बिजली आदि की समुचित व्यवस्था का प्रबंध किया गया है। उन्होंने कहा कि मिल चलाने से पहले सभी मशीनों की विशेषज्ञों द्वारा जांच की जा रही है और जहां भी कमी पाई जाती है वहां मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में मिल का पेराई सत्र शुरू करना संभावित है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लगभग 2500 किसान मिल से जुड़े हुए हैं और इस पेराई सत्र में 17150 एकड़ में लगभग 32 लाख क्विटंल गन्ने के आने की संभावना है।