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Jind News: गरीब परिवार की बेटी बनी कांस्टेबल
Sat, 19 Oct 2024 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 19 Oct 2024 12:02 AM IST
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18जेएनडी24 : पिंकी।
सफीदों। प्रदेश सरकार की ओर से जारी परिणाम में कांस्टेबल की नौकरी पाकर गांव बहादुरगढ़ की पिंकी (28) बेहद खुश हैं। पिंकी के नौकरी लगने की खबर पाकर उनका पूरा परिवार गदगद है। पिंकी के निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
पिंकी ने कांस्टेबल पद के लिए आवेदन किया था। अब उनका इस पद पर चयन हो गया है। पिंकी का परिवार बेहद गरीब है और मेहनत-मजदूरी करके ही परिवार का पालन-पोषण होता है। पिंकी के पति सोमदत्त पानीपत में एक फैक्टरी में काम करते हैं। परिवार को पालने के लिए वह सुबह पांच बजे वाली ट्रेन में पानीपत के लिए निकलते हैं और रात में करीब साढ़े 9 बजे लौटते हैं। पिंकी के परिवार में उनके पति सोमदत्त, देवर दीपक, सास श्यामो देवी व उनके तीन बच्चे हैं। जैसे ही परिवार को पता चला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पिंकी के देवर दीपक ने बताया कि उनके परिवार में आजतक किसी की सरकारी नौकरी नहीं लगी थी। पिंकी को यह नौकरी मेहनत के बल पर मिली है। उन्हें तो विश्वास ही नहीं था कि कभी उनके परिवार में भी सरकारी नौकरी आएगी। उनकी भाभी को सरकारी नौकरी मिलना एक सपने के समान है। पिंकी ने इससे पहले ग्रुप डी के लिए भी परीक्षा दी थी, लेकिन वह एक अंक से रह गई थी। इसके बाद उसने हिम्मत नहीं हारी। पिंकी को घर पर ही किताबें लाकर दे दी गई थी क्योंकि वह कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकते थे। पिंकी का कहना है कि वह यह नौकरी पाकर बेहद खुश है। वह सिपाही बनकर पूरी मेहनत और लगन के साथ काम करेगी।
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पिंकी ने कांस्टेबल पद के लिए आवेदन किया था। अब उनका इस पद पर चयन हो गया है। पिंकी का परिवार बेहद गरीब है और मेहनत-मजदूरी करके ही परिवार का पालन-पोषण होता है। पिंकी के पति सोमदत्त पानीपत में एक फैक्टरी में काम करते हैं। परिवार को पालने के लिए वह सुबह पांच बजे वाली ट्रेन में पानीपत के लिए निकलते हैं और रात में करीब साढ़े 9 बजे लौटते हैं। पिंकी के परिवार में उनके पति सोमदत्त, देवर दीपक, सास श्यामो देवी व उनके तीन बच्चे हैं। जैसे ही परिवार को पता चला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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पिंकी के देवर दीपक ने बताया कि उनके परिवार में आजतक किसी की सरकारी नौकरी नहीं लगी थी। पिंकी को यह नौकरी मेहनत के बल पर मिली है। उन्हें तो विश्वास ही नहीं था कि कभी उनके परिवार में भी सरकारी नौकरी आएगी। उनकी भाभी को सरकारी नौकरी मिलना एक सपने के समान है। पिंकी ने इससे पहले ग्रुप डी के लिए भी परीक्षा दी थी, लेकिन वह एक अंक से रह गई थी। इसके बाद उसने हिम्मत नहीं हारी। पिंकी को घर पर ही किताबें लाकर दे दी गई थी क्योंकि वह कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकते थे। पिंकी का कहना है कि वह यह नौकरी पाकर बेहद खुश है। वह सिपाही बनकर पूरी मेहनत और लगन के साथ काम करेगी।

18जेएनडी24 : पिंकी।
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