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दुर्लभ पांडुलिपियों का डेटाबेस होगा तैयार : डॉ. वैशाली
Sat, 06 Jun 2026 04:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 06 Jun 2026 04:57 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। भारत की समृद्ध परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर पांड़लिपियों, ताड़पत्र और भावी पीढि़यों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ज्ञान भारतम मिशन के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है।
डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से देशभर के परिवारों, मंदिरों और संस्थाओं में उपलब्ध पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम एप के जरिए जियो-टैग कर सूचीबद्ध और डिजिटल रूप से संरक्षित किया जा रहा है। पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। दुर्लभ पांडुलिपियों का डेटाबेस तैयार होगा।
डीसी ने कहा कि बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस पहल से जिला की ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने आह्वान किया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत आम नागरिक भी अपनी पांडुलिपियों की जानकारी मोबाइल एप ज्ञान भारतम् के माध्यम से साझा कर सकते हैं।
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चिह्नित पांडुलिपियों को राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान में पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व पूर्णत: सुरक्षित रहेगा।
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जींद। भारत की समृद्ध परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर पांड़लिपियों, ताड़पत्र और भावी पीढि़यों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ज्ञान भारतम मिशन के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है।
डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से देशभर के परिवारों, मंदिरों और संस्थाओं में उपलब्ध पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम एप के जरिए जियो-टैग कर सूचीबद्ध और डिजिटल रूप से संरक्षित किया जा रहा है। पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। दुर्लभ पांडुलिपियों का डेटाबेस तैयार होगा।
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डीसी ने कहा कि बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस पहल से जिला की ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने आह्वान किया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत आम नागरिक भी अपनी पांडुलिपियों की जानकारी मोबाइल एप ज्ञान भारतम् के माध्यम से साझा कर सकते हैं।
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चिह्नित पांडुलिपियों को राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान में पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व पूर्णत: सुरक्षित रहेगा।