फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   DAP fertilizer shortage in Haryana, Long queues of farmers in Julana and Narnaul

हरियाणा में DAP खाद की किल्लत: जुलाना और नारनौल में किसानों की लंबी कतारें, उचाना में पुलिस ने भांजी लाठियां

Sat, 26 Oct 2024 04:12 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, जुलाना/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, जुलाना/नारनौल Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 26 Oct 2024 04:12 PM IST
सार

नारनौल में 15 दिन बाद डीएपी की खेप पहुंचने पर भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। कोऑपरेटिव सोसायटी के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसमें महिलाएं भी सुबह-सुबह से शामिल हो रही हैं।

विज्ञापन
DAP fertilizer shortage in Haryana, Long queues of farmers in Julana and Narnaul
डीएपी के लिए लाइन में लगे किसान - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा में किसानों को डीएपी खाद लेने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जींद के जुलाना और नारनौल में सरकारी खाद की दुकान पर किसानों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, लेकिन पर्याप्त खाद न मिलने के कारण उन्हें घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। डीएपी की कमी और सीमित आपूर्ति के चलते स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है।

विज्ञापन


वहीं उचाना में डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) खाद की किल्लत को लेकर किसानों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया। इस घटना में कई किसान घायल हो गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नाराजगी और तनाव का माहौल बन गया है।
विज्ञापन


15 बैग की सीमा से बढ़ी चिंता
प्रशासन द्वारा एक किसान को केवल 15 बैग डीएपी खाद एक आधार कार्ड पर देने की सीमा तय की गई है। हालांकि, किसानों की संख्या अधिक है और खाद की उपलब्धता सीमित, जिस कारण सभी किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। किसान चिंतित हैं कि गेहूं की बुवाई के समय उन्हें खाद नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी फसलों पर बुरा असर पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन


प्रशासन का बयान
सरकारी खरीद केंद्र के इंचार्ज प्रदीप कुमार का कहना है कि किसानों को 15 बैग प्रति आधार कार्ड के हिसाब से डीएपी खाद दी जा रही है, और प्रशासन किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दे रहा। इसके बावजूद, किसानों की संख्या अधिक होने से मांग पूरी नहीं हो पा रही है।



महिलाओं की भी भागीदारी
नारनौल से मिली खबरों के मुताबिक, 15 दिन बाद डीएपी की खेप पहुंचने पर भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। कोऑपरेटिव सोसायटी के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसमें महिलाएं भी सुबह-सुबह से शामिल हो रही हैं। 1150 बैग डीएपी की खेप पहुंचने के बावजूद किसानों के बीच खाद को लेकर आपसी विवाद भी देखने को मिला, जिसके चलते पुलिस की मदद लेनी पड़ी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed